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  1. रोड के बाद पावर सेक्टर में सेगल इंडिया को मिला मेगा ऑर्डर, 35 साल तक होती रहेगी कमाई, शेयर उछला

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रोड के बाद पावर सेक्टर में सेगल इंडिया को मिला मेगा ऑर्डर, 35 साल तक होती रहेगी कमाई, शेयर उछला

विकास तिवारी

3 min read | अपडेटेड September 03, 2026, 15:15 IST

सारांश

सेगल इंडिया को आरईसी पावर डेवलपमेंट एंड कंसलटेंसी लिमिटेड से लगभग 5300 करोड़ रुपये का पावर ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट मिला है। इस खबर के बाद कंपनी के शेयर में 5% से अधिक की तेजी दर्ज की गई। कंपनी को इस प्रोजेक्ट से 35 सालों तक हर साल 608.67 करोड़ रुपये का एनुअल चार्ज मिलेगा।

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लुधियाना की इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी सेगल इंडिया को पावर ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट के लिए लेटर ऑफ इंटेंट मिला है। Image: Shutterstock

इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र की प्रमुख कंपनी सेगल इंडिया के हाथ एक बड़ा प्रोजेक्ट लगा है। कंपनी को आरईसी पावर डेवलपमेंट एंड कंसलटेंसी लिमिटेड (RECPDCL) से लगभग 5300 करोड़ रुपये का पावर ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट का लेटर ऑफ इंटेंट (LoI) मिला है। इसमें जीएसटी की रकम भी शामिल है। यह ऑर्डर टैरिफ आधारित कॉन्ट्रैक्ट के तहत मिला है। इस बड़ी खबर के सामने आने के बाद नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर कंपनी के शेयर में इंट्राडे के दौरान 5.91% तक का उछाल देखा गया और इसका भाव 337.55 रुपये के निचले स्तर से बढ़कर 357.50 रुपये के हाई पर पहुंच गया।

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प्रोजेक्ट का काम और समय सीमा

इस प्रोजेक्ट का मुख्य मकसद लकाडिया फेज-2 (7.5 GW), जाम खंभालिया फेज-2 (5.5 GW) और जामनगर फेज-1 (1 GW) से बिजली निकासी के लिए एक कॉमन ट्रांसमिशन सिस्टम तैयार करना है। इसके तहत कंपनी को 765/400 केवी एयर इंसुलेटेड सबस्टेशन और लगभग 300 किलोमीटर लंबी ट्रांसमिशन लाइन तैयार करनी होगी। इस काम को पूरा करने के लिए सेगल इंडिया को 36 महीने यानी 3 साल का समय मिलेगा। इसके बाद कंपनी 35 सालों तक इसका ऑपरेशन संभालेगी। कंपनी को इस 35 साल के ऑपरेशन पीरियड के दौरान हर साल 608.67 करोड़ रुपये का एनुअल ट्रांसमिशन चार्ज मिलेगा।

रोड बिजनेस से आगे निकलने की तैयारी

लुधियाना की यह रोड कंस्ट्रक्शन और इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी अब अपने पारंपरिक रोड बिजनेस से आगे बढ़कर दूसरे सेक्टर्स में भी कदम बढ़ा रही है। पिछले हफ्ते ही कंपनी इस अंतर-राज्यीय ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट के लिए सबसे कम बोली लगाने वाली यानी एल-1 बिडर बनकर उभरी थी। इस नए ऑर्डर से कंपनी की ऑर्डर पाइपलाइन और मजबूत हो गई है। अगस्त के महीने में कंपनी के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर रमनीक सहगल ने कहा था कि इस वित्त वर्ष में कंपनी का रेवेन्यू कम से कम 15% बढ़ने की उम्मीद है। आईपीओ के समय कंपनी का रेवेन्यू 2900 करोड़ रुपये था जो पिछले साल लगभग 30% बढ़कर 4000 करोड़ रुपये हो गया था।

कंपनी के पास इस समय लगभग 18000 करोड़ रुपये का मजबूत ऑर्डर बुक है, जो पिछले साल के कुल रेवेन्यू का लगभग पांच गुना है। सेगल इंडिया इस साल 6000 करोड़ रुपये के नए ऑर्डर हासिल करने का टारगेट लेकर चल रही है, जिसमें से लगभग 600 करोड़ रुपये के ऑर्डर पहली तिमाही में ही मिल चुके हैं। कंपनी ने इस साल 25000 करोड़ रुपये से अधिक के प्रोजेक्ट्स के लिए बोली भी लगाई है। इसके अलावा कंपनी ने 11 से 12.5% के एबिटा (EBITDA) मार्जिन का गाइडेंस बरकरार रखा है, जिसे उसने पहली तिमाही में ही पार कर लिया था।

हाल ही में मिला था रोड प्रोजेक्ट

इससे पहले पिछले हफ्ते सेगल इंडिया को सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) से अरुणाचल प्रदेश में फ्रंटियर हाईवे के 82.4 किलोमीटर लंबे हिस्से के निर्माण का 704.70 करोड़ रुपये का ऑर्डर मिला था। यह प्रोजेक्ट एनएच-913 के लाडा-सरली सेक्शन में EPC बेसिस पर पूरा किया जाना है। सेगल इंडिया इस प्रोजेक्ट को सुशी इंफ्रा एंड माइनिंग लिमिटेड के साथ मिलकर जॉइंट वेंचर में पूरा करेगी, जिसमें सेगल इंडिया की 74% और सुशी इंफ्रा की 26% हिस्सेदारी होगी।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

लेखकों के बारे में

विकास तिवारी
Vikash Tiwary is a finance journalist with 6+ years of newsroom experience. He is currently growing Upstox Hindi, crafting data-driven stories on stocks, personal finance, mutual funds, and global markets, while exploring how AI can simplify finance. His work spans Zee Business, TV9 Bharatvarsh, ABP News, India TV, and Inshorts. He also holds NISM certification.

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