मार्केट न्यूज़

4 min read | अपडेटेड September 03, 2026, 09:45 IST
सारांश
प्राइमरी मार्केट में रेज ऑफ बिलीफ और दीपा ज्वैलर्स के आईपीओ में दूसरे दिन निवेशकों ने जमकर बोलियां लगाई हैं। 2 सितंबर तक रेज ऑफ बिलीफ आईपीओ 3.63 गुना और दीपा ज्वैलर्स आईपीओ 3.69 गुना सब्सक्राइब हो चुका है।

आज ये दोनों आईपीओ बंद हो रहे हैं। Image: Shutterstock
प्राइमरी मार्केट में इस समय आईपीओ की जबरदस्त हलचल देखने को मिल रही है। 2 सितंबर 2026 को सब्सक्रिप्शन के दूसरे दिन रेज ऑफ बिलीफ और दीपा ज्वैलर्स के आईपीओ में निवेशकों ने अच्छा उत्साह दिखाया है। शाम 5 बजे तक के आंकड़ों के अनुसार रेज ऑफ बिलीफ का आईपीओ कुल 3.63 गुना सब्सक्राइब हो चुका है। वहीं दूसरी तरफ दीपा ज्वैलर्स के आईपीओ को भी निवेशकों से तगड़ा रिस्पॉन्स मिला है और यह कुल 3.69 गुना भर चुका है। दोनों ही आईपीओ में रिटेल निवेशकों और नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स यानी एनआईआई की तरफ से बोलियों की रफ्तार काफी तेज बनी हुई है।
रेज ऑफ बिलीफ के आईपीओ में सबसे ज्यादा बोली रिटेल कैटेगरी में लगी है। रिटेल निवेशकों का हिस्सा 18.67 गुना सब्सक्राइब हो चुका है। एनआईआई कैटेगरी में इसे 2.07 गुना सब्सक्रिप्शन मिला है, जबकि क्वालीफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स यानी क्यूआईबी हिस्सा 0.01 गुना ही भरा है। वहीं दीपा ज्वैलर्स के आईपीओ की बात करें तो इसका एनआईआई हिस्सा सबसे आगे रहा और 5.27 गुना सब्सक्राइब हुआ। रिटेल कैटेगरी में इसे 4.85 गुना बोलियां मिली हैं, जबकि क्यूआईबी हिस्सा 0.45 गुना भरा है। दोनों आईपीओ 3 सितंबर तक सब्सक्रिप्शन के लिए खुले रहेंगे।
रेज ऑफ बिलीफ एक सोशल एंटरप्राइज है जो बच्चों के न्यूरोडेवलपमेंटल डिसऑर्डर जैसे ऑटिज्म, एडीएचडी और डाउन सिंड्रोम के इलाज व केयर के लिए पर्सनलाइज्ड प्लान देती है। यह कंपनी मॉम्स बिलीफ ब्रांड के तहत अपने सेंटर चलाती है। कंपनी का आईपीओ कुल 125 करोड़ रुपये का है जो पूरी तरह से फ्रेश इश्यू है। इसका प्राइस बैंड 227 रुपये से 239 रुपये प्रति शेयर रखा गया है। आईपीओ से मिलने वाले पैसों का इस्तेमाल कंपनी नए लर्निंग सेंटर खोलने, स्कूल कोलैबोरेशन सेंटर बनाने, टेक्नोलॉजी हार्डवेयर खरीदने, लीज पेमेंट करने और ब्रांड अवेयरनेस फैलाने पर करेगी।
दीपा ज्वैलर्स सोने और हीरे के आभूषणों के रिटेल और होलसेल कारोबार में काम करती है। कंपनी विभिन्न प्रकार की ट्रेडिशनल और मॉडर्न ज्वैलरी बनाती है। इसका आईपीओ कुल 459.72 करोड़ रुपये का है, जिसमें 250 करोड़ रुपये का फ्रेश इश्यू और 209.72 करोड़ रुपये का ऑफर फॉर सेल यानी ओएफएस शामिल है। इसका प्राइस बैंड 168 रुपये से 177 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है। कंपनी फ्रेश इश्यू से जुटाए गए 250 करोड़ रुपये में से ज्यादातर हिस्सा अपनी लॉन्ग टर्म वर्किंग कैपिटल जरूरतों और इन्वेंट्री को बढ़ाने में खर्च करेगी।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस की बात करें तो रेज ऑफ बिलीफ का वित्त वर्ष 2026 में कंसोलिडेटेड ऑपरेशन से रेवेन्यू 82.06 करोड़ रुपये रहा, जो वित्त वर्ष 2025 के 36.54 करोड़ रुपये के मुकाबले काफी ज्यादा है। हालांकि इसका नेट प्रॉफिट घटकर 4.96 करोड़ रुपये रहा, जबकि एबिटा 11.91 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। दूसरी तरफ दीपा ज्वैलर्स की ग्रोथ काफी मजबूत रही है। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का ऑपरेशन से रेवेन्यू बढ़कर 1927.73 करोड़ रुपये पर पहुंच गया और इसका नेट प्रॉफिट शानदार उछाल के साथ 104.79 करोड़ रुपये रहा।
निवेश करने से पहले निवेशकों को दोनों कंपनियों के रिस्क फैक्टर को भी ध्यान में रखना चाहिए। रेज ऑफ बिलीफ के लिए सबसे बड़ा रिस्क यह है कि इसके ज्यादातर सेंटर लीज पर हैं और लीज न बढ़ने पर भारी नुकसान हो सकता है। साथ ही इसका रेवेन्यू कुछ खास राज्यों और चुनिंदा संबंधित पार्टियों पर काफी निर्भर है। वहीं दीपा ज्वैलर्स के साथ बड़ा रिस्क यह है कि इसके टॉप 10 ग्राहकों से ही 64.67% रेवेन्यू आता है। इसके अलावा कंपनी का नेट प्रॉफिट मार्जिन केवल 5.44% है और सोने व हीरे की कीमतों में उतार-चढ़ाव से इसके मार्जिन पर सीधा असर पड़ सकता है।
संबंधित समाचार
लेखकों के बारे में

अगला लेख