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  1. कल बंद हो रहे हैं दो बड़े आईपीओ, एक 35 गुना हुआ सब्सक्राइब तो दूसरे की रफ्तार सुस्त, जानिए पूरा प्लान

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कल बंद हो रहे हैं दो बड़े आईपीओ, एक 35 गुना हुआ सब्सक्राइब तो दूसरे की रफ्तार सुस्त, जानिए पूरा प्लान

Upstox

3 min read | अपडेटेड October 28, 2026, 19:26 IST

सारांश

SFC एनवायरनमेंटल और बीएलएस पॉलीमर्स के IPO कल यानी 29 अक्टूबर को बंद हो रहे हैं। दूसरे दिन बीएलएस पॉलीमर्स 35 गुना से ज्यादा सब्सक्राइब हुआ, वहीं SFC एनवायरनमेंटल सिर्फ 27% ही भर पाया।

The ₹255 crore BLS Polymers IPO, which is entirely a fresh issue of 1.70 crore shares, is open from October 27 to October 29. | Image: Shutterstock

कल 29 अक्टूबर को बंद हो रहे हैं बीएलएस पॉलीमर्स और SFC एनवायरनमेंटल के IPO।

प्राइमरी शेयर मार्केट में निवेशकों के लिए एक्शन काफी तेज है। दो कंपनियों के इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग यानी IPO 29 अक्टूबर को बंद होने जा रहे हैं। इनमें वेस्टवाटर और कचरा प्रबंधन से जुड़ी SFC एनवायरनमेंटल टेक्नोलॉजीज और स्पेशियलिटी पॉलीमर बनाने वाली बीएलएस पॉलीमर्स शामिल हैं। सब्सक्रिप्शन के दूसरे दिन दोनों IPO को लेकर निवेशकों का रुख एकदम अलग दिखा। जहां बीएलएस पॉलीमर्स 35 गुना से अधिक भरकर सुपरहिट रहा, वहीं SFC एनवायरनमेंटल टेक्नोलॉजीज को दूसरे दिन भी ठंडा रिस्पॉन्स मिला और यह आधा भी नहीं भर सका।

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दूसरे दिन के सब्सक्रिप्शन आंकड़ों में भारी अंतर

सब्सक्रिप्शन के दूसरे दिन शाम 5 बजकर 5 मिनट तक बीएलएस पॉलीमर्स का IPO कुल 35.30 गुना सब्सक्राइब हुआ। इस इश्यू में गैर-संस्थागत निवेशकों यानी NII का हिस्सा सबसे अधिक 78.81 गुना भरा। रिटेल कैटेगरी में भी यह 29.85 गुना सब्सक्राइब हुआ, जबकि संस्थागत खरीदारों यानी QIB का कोटा 12.20 गुना बुक हुआ। इसके विपरीत SFC एनवायरनमेंटल टेक्नोलॉजीज का IPO दूसरे दिन कुल 0.27 गुना ही सब्सक्राइब हो पाया। इसमें रिटेल हिस्सा 0.34 गुना, NII कोटा 0.37 गुना और QIB का हिस्सा केवल 0.08 गुना ही भर सका है।

कंपनियों का बिजनेस मॉडल क्या है?

बिजनेस की बात करें तो SFC एनवायरनमेंटल टेक्नोलॉजीज मुख्य रूप से पानी और कचरा प्रबंधन में काम करती है। यह कंपनी सीवेज ट्रीटमेंट, पानी के रीसाइक्लिंग और सॉलिड वेस्ट ट्रीटमेंट के लिए अपनी सी-टेक तकनीक का इस्तेमाल करती है। कंपनी नगर निगमों और उद्योगों के लिए बड़े प्रोजेक्ट्स लगाती है। दूसरी ओर बीएलएस पॉलीमर्स कस्टमाइज्ड पॉलीमर कंपाउंड्स और पॉलीमर रेजिन बनाने और ट्रेडिंग का काम करती है। इसके उत्पादों का उपयोग बिजली के तारों, केबल्स, ऑटोमोबाइल और पाइपलाइन उद्योग में इंसुलेशन और कोटिंग के लिए किया जाता है। कंपनी विदेशों में भी अपने उत्पाद बेचती है।

IPO के पैसों का कहां होगा उपयोग

दोनों कंपनियों ने IPO फंड के उपयोग का पूरा ब्योरा दिया है। SFC एनवायरनमेंटल अपने 150 करोड़ रुपये के फ्रेश इश्यू में से करीब 42.23 करोड़ रुपये का इस्तेमाल अपनी और सब्सिडियरी कंपनी के कर्ज चुकाने में करेगी। इसके अलावा 74.92 करोड़ रुपये वर्किंग कैपिटल की जरूरतों और बाकी रकम सामान्य कॉरपोरेट कार्यों में लगाएगी। वहीं बीएलएस पॉलीमर्स अपने 255 करोड़ रुपये के फ्रेश इश्यू में से 77.56 करोड़ रुपये अपनी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट के विस्तार और प्रोडक्शन कैपेसिटी बढ़ाने में खर्च करेगी, जबकि 89.50 करोड़ रुपये का उपयोग वर्किंग कैपिटल के लिए करेगी।

कैसा है दोनों कंपनियों का फ्यूचर प्लान?

फ्यूचर प्लान को लेकर दोनों कंपनियों की अपनी रणनीतियां हैं। SFC एनवायरनमेंटल टेक्नोलॉजीज का फोकस कंप्रेस्ड बायोगैस और वेस्ट-टू-एनर्जी प्रोजेक्ट्स में विस्तार करने पर है। कंपनी के पास 1,570 करोड़ रुपये से अधिक की मजबूत ऑर्डर बुक है, जिसे वह समय पर पूरा करने की तैयारी में है। वहीं बीएलएस पॉलीमर्स अपनी प्रोडक्शन कैपेसिटी को 35,251 मीट्रिक टन से बढ़ाकर 87,301 मीट्रिक टन सालाना करने जा रही है। कंपनी कम मार्जिन वाले पीवीसी उत्पादों से हटकर अधिक मार्जिन वाले पॉलीएथिलीन कंपाउंड्स पर ध्यान दे रही है, जिससे फ्यूचर में कंपनी के ऑपरेशन से रेवेन्यू और मुनाफे में तेज बढ़ोतरी की उम्मीद है।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

लेखकों के बारे में

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Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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