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  1. आज से खुले 2 नए आईपीओ, बिहारी लाल और शिपरॉकेट का क्या है बिजनेस? जुटाए पैसों का यहां होगा इस्तेमाल

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आज से खुले 2 नए आईपीओ, बिहारी लाल और शिपरॉकेट का क्या है बिजनेस? जुटाए पैसों का यहां होगा इस्तेमाल

विकास तिवारी

4 min read | अपडेटेड August 12, 2026, 10:01 IST

सारांश

प्राइमरी मार्केट में आज 12 अगस्त से दो नए आईपीओ खुल गए हैं। इंजीनियरिंग सेक्टर की कंपनी बिहारी लाल इंजीनियरिंग और ई-कॉमर्स लॉजिस्टिक्स प्लेटफॉर्म शिपरॉकेट के पब्लिक इश्यू में 14 अगस्त तक बोली लगाई जा सकती है।

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आज 12 अगस्त से बिहारी लाल इंजीनियरिंग और शिपरॉकेट के आईपीओ में बोली लगाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।

भारतीय शेयर बाजार के प्राइमरी मार्केट में आज यानी 12 अगस्त से कमाई के दो नए मौके खुल गए हैं। इंजीनियरिंग सेक्टर से जुड़ी कंपनी बिहारी लाल इंजीनियरिंग और ई-कॉमर्स लॉजिस्टिक्स सॉल्यूशन देने वाली दिग्गज कंपनी शिपरॉकेट के आईपीओ आज से सब्सक्रिप्शन के लिए खुल चुके हैं। निवेशक इन दोनों पब्लिक इश्यू में 14 अगस्त तक बोली लगा सकते हैं। दोनों कंपनियों के कारोबार का तरीका, उनके इश्यू का साइज और वैल्यूएशन पूरी तरह अलग है। जहां एक तरफ बिहारी लाल इंजीनियरिंग पारंपरिक मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में काम करती है, वहीं शिपरॉकेट डिजिटल और लॉजिस्टिक्स टेक्नोलॉजी स्पेस में अपनी मजबूत पकड़ रखती है।

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बिहारी लाल इंजीनियरिंग का इश्यू और पैसों का इस्तेमाल

बिहारी लाल इंजीनियरिंग का आईपीओ कुल 302 करोड़ रुपये का है। कंपनी ने अपने शेयर के लिए 271 रुपये से 285 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। इस इश्यू में 93 करोड़ रुपये का फ्रेश इश्यू और लगभग 209 करोड़ रुपये का ऑफर फॉर सेल शामिल है। रिटेल निवेशकों के लिए 52 शेयरों का लॉट साइज रखा गया है, जिसके लिए कम से कम 14,820 रुपये का निवेश करना होगा। कंपनी आईपीओ से मिलने वाले फ्रेश फंड का बड़ा हिस्सा अपनी प्रोडक्शन कैपेसिटी बढ़ाने और प्लांट्स को आधुनिक बनाने में खर्च करेगी। कंपनी अपने दोनों मैन्युफैक्चरिंग प्लांट्स के लिए नई मशीनरी खरीदने, इंस्टॉलेशन करने और रूफटॉप सोलर पैनल्स लगाने पर 60 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च करने का प्लान बना रही है। इसके साथ ही कुछ कर्ज चुकाने और जनरल कॉरपोरेट जरूरतों में भी फंड का इस्तेमाल होगा।

कैसा है बिहारी लाल का बिजनेस और कमाई का रिकॉर्ड

साल 1995 से काम कर रही बिहारी लाल इंजीनियरिंग मुख्य रूप से मेटल रोल्स, इंजीनियरिंग कास्टिंग्स, एलॉय स्टील प्रोडक्ट्स और फोर्जिंग ब्लॉक्स बनाती है। कंपनी के पंजाब के मंडी गोबिंदगढ़ में दो मैन्युफैक्चरिंग प्लांट्स हैं। इसके पास 1,825 से ज्यादा घरेलू और अंतरराष्ट्रीय ग्राहक हैं। कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन की बात करें तो वित्त वर्ष 2026 में इसका ऑपरेशन से रेवेन्यू बढ़कर 534.02 करोड़ रुपये रहा, जो वित्त वर्ष 2024 में 449.95 करोड़ रुपये था। इस दौरान कंपनी का नेट प्रॉफिट भी 35.79 करोड़ रुपये से बढ़कर 64.63 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। कंपनी का EBITDA मार्जिन 18.97 पर्सेंट और नेट प्रॉफिट मार्जिन 12.10 पर्सेंट दर्ज किया गया है। फ्यूचर में कंपनी ग्रीन एनर्जी को अपनाने और अपनी क्षमता बढ़ाकर नए क्लाइंट्स जोड़ने पर फोकस कर रही है।

शिपरॉकेट का बड़ा आईपीओ और बिजनेस मॉडल

ई-कॉमर्स सेक्टर की प्रमुख लॉजिस्टिक्स कंपनी शिपरॉकेट लगभग 1,617.48 करोड़ रुपये का बड़ा आईपीओ लेकर आई है। इसका प्राइस बैंड 92 रुपये से 97 रुपये प्रति शेयर रखा गया है। इसमें 885.50 करोड़ रुपये का फ्रेश इश्यू और 731.98 करोड़ रुपये का ऑफर फॉर सेल है। निवेशकों के लिए 154 शेयरों का एक लॉट तय किया गया है। शिपरॉकेट भारत में ऑनलाइन सेलर्स, डायरेक्ट टू कंज्यूमर ब्रांड्स और छोटे व्यापारियों को टेक्नोलॉजी इनेबल्ड शिपिंग, ट्रैकिंग और सप्लाई चेन सॉल्यूशंस देती है। कंपनी फ्रेश इश्यू के पैसों में से 365.60 करोड़ रुपये अपने प्लेटफॉर्म की ग्रोथ में, 205.80 करोड़ रुपये मार्केटिंग में और करीब 159.80 करोड़ रुपये टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने में लगाएगी। इसके अलावा 210 करोड़ रुपये का उपयोग पुराने कर्ज के भुगतान में किया जाएगा।

कमाई के मोर्चे पर शिपरॉकेट का ऑपरेशन से रेवेन्यू तेजी से बढ़ा है। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का रेवेन्यू 2,024.14 करोड़ रुपये रहा, जो वित्त वर्ष 2024 में 1,315.97 करोड़ रुपये था। कंपनी ने अपने घाटे को काफी कम किया है। वित्त वर्ष 2024 में जहां 599.82 करोड़ रुपये का भारी घाटा हुआ था, वहीं वित्त वर्ष 2026 में यह नेट लॉस घटकर 79.24 करोड़ रुपये पर आ गया है। कंपनी का फ्यूचर प्लान अपने प्लेटफॉर्म पर नए सेलर्स को जोड़ना, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और टेक्नोलॉजी के इंप्लिमेंटेशन से लॉजिस्टिक्स कॉस्ट घटाना और आने वाले समय में प्रॉफिटेबल ग्रोथ हासिल करना है।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

लेखकों के बारे में

विकास तिवारी
Vikash Tiwary is a finance journalist with 6+ years of newsroom experience. He is currently growing Upstox Hindi, crafting data-driven stories on stocks, personal finance, mutual funds, and global markets, while exploring how AI can simplify finance. His work spans Zee Business, TV9 Bharatvarsh, ABP News, India TV, and Inshorts. He also holds NISM certification.

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