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3 min read | अपडेटेड May 26, 2026, 09:32 IST
सारांश
अडानी ग्रीन एनर्जी ने गुजरात के खावड़ा में चीन के बाहर दुनिया का सबसे बड़ा सिंगल-लोकेशन बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम चालू किया है जिसकी कुल क्षमता 3.37 GWh है। इस बड़ी खबर के बाद शेयर बाजार में कंपनी के शेयर में 0.55% की तेजी देखी जा रही है।
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Adani Green Energy के शेयर में आज हलचल देखी जा रही है
भारतीय शेयर बाजार में आज रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर की दिग्गज कंपनी अडानी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड के शेयरों में शानदार एक्शन देखने को मिल रहा है। कंपनी ने एक बहुत बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए गुजरात के खावड़ा में दुनिया का सबसे बड़ा सिंगल-लोकेशन बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) चालू कर दिया है। यह चीन के बाहर दुनिया का सबसे बड़ा बैटरी स्टोरेज प्लांट है। इस बड़ी और ऐतिहासिक खबर के आते ही शेयर बाजार में निवेशकों का भरोसा बढ़ा है और आज एनएसई पर अडानी ग्रीन का शेयर 0.55% की तेजी के साथ 1,418.80 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहा है। आज ट्रेडिंग के दौरान कंपनी के स्टॉक में 7.70 रुपये की बढ़त दर्ज की गई है।
अडानी ग्रीन ने इस विशाल प्रोजेक्ट को ऑन-साइट कंस्ट्रक्शन शुरू होने के महज 10 महीने के भीतर ही डिलीवर कर दिया है। यह दुनिया भर में इतनी बड़ी कैपेसिटी वाले प्रोजेक्ट्स के लिए सबसे तेज काम करने के रिकॉर्ड्स में से एक है। इस प्रोजेक्ट की कुल चालू क्षमता 3.37 गिगावाट-ऑवर (GWh) है। इसमें वो 1.37 GWh की क्षमता भी शामिल है जिसे कंपनी ने मार्च 2026 में चालू किया था। इस नए सिस्टम के चालू होने से ग्रिड की मजबूती बढ़ेगी और पीक ऑवर्स यानी बिजली की सबसे ज्यादा मांग के समय रिन्यूएबल एनर्जी की मदद से बिना किसी रुकावट के चौबीसों घंटे बिजली सप्लाई करने में बड़ी मदद मिलेगी।
अडानी ग्रीन का यह 3.37 GWh क्षमता वाला बैटरी स्टोरेज सिस्टम इतनी बड़ी मात्रा में क्लीन एनर्जी को स्टोर कर सकता है जिससे लगभग 1 मिलियन यानी 10 लाख घरों को पूरे 1 दिन के लिए बिजली दी जा सकती है। यह सिस्टम इंदौर और चंडीगढ़ जैसे बड़े शहरों या फिर पूरे गोवा राज्य की पीक बिजली डिमांड को अकेले पूरा करने में सक्षम है। इसके अलावा इससे 12 मिलियन से ज्यादा एलईडी बल्बों को लगातार 10 घंटे तक जलाया जा सकता है। यह रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर के लिए एक गेम चेंजर साबित होगा क्योंकि इससे ग्रिड को स्थिर रखने में बहुत मदद मिलेगी।
कंपनी के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर सागर अडानी ने कहा है कि भारत के क्लीन एनर्जी ट्रांजिशन के अगले फेज में बड़े पैमाने पर एनर्जी स्टोरेज की भूमिका बहुत अहम होने वाली है। रिन्यूएबल एनर्जी के तेजी से बढ़ते कदम के साथ स्टोरेज इंफ्रास्ट्रक्चर बेहद क्रिटिकल है। कंपनी का प्लान फाइनेंशियल ईयर 2027 में 10 GWh से ज्यादा की बैटरी स्टोरेज कैपेसिटी जोड़ने का है और अगले 5 सालों में इसे बढ़ाकर 50 GWh तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है।
यह बीईएसएस प्रोजेक्ट गुजरात के खावड़ा में बन रहे दुनिया के सबसे बड़े रिन्यूएबल एनर्जी प्लांट का हिस्सा है। अडानी ग्रीन इस बंजर जमीन पर 2029 तक 30 गीगावाट (GW) क्षमता का रिन्यूएबल प्लांट विकसित कर रही है जिसमें से 9.9 GW पहले से ही ऑपरेशनल हो चुका है। यह पूरा प्लांट 538 स्क्वायर किलोमीटर में फैला है जो पेरिस शहर से 5 गुना बड़ा है। वर्तमान में अडानी ग्रीन के पास 12 राज्यों में फैले 19.7 GW का ऑपरेटिंग रिन्यूएबल पोर्टफोलियो है जो भारत में सबसे बड़ा है। कंपनी ने भारत के लक्ष्यों के तहत 2030 तक 50 GW क्षमता हासिल करने का बड़ा टारगेट सेट किया है।
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