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  1. क्या आपको भरना चाहिए ITR-4? गलत फॉर्म चुना तो सीधे घर आएगा नोटिस, ये है पूरा प्रोसेस

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क्या आपको भरना चाहिए ITR-4? गलत फॉर्म चुना तो सीधे घर आएगा नोटिस, ये है पूरा प्रोसेस

Upstox

5 min read | अपडेटेड May 25, 2026, 14:49 IST

सारांश

इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए नए आईटीआर फॉर्म जारी कर दिए हैं। इसके साथ ही आईटीआर-1 और आईटीआर-4 के लिए एक्सेल यूटिलिटी भी ऑनलाइन शुरू कर दी गई है। अब टैक्सपेयर्स ऑफलाइन अपना रिटर्न तैयार करके उसे डिजिटल तरीके से अपलोड कर सकते हैं।

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आईटीआर भरने की आखिरी तारीखें भी तय कर दी गई हैं। | Image: Shutterstock

इनकम टैक्स भरने वाले तमाम टैक्सपेयर्स के लिए अब टैक्स डिपार्टमेंट ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 यानी असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए नए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फॉर्म जारी कर दिए हैं। इसके साथ ही सरकार ने टैक्सपेयर्स की सहूलियत के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। अब आईटीआर-1 (सहज) और आईटीआर-4 (सुगम) फॉर्म के लिए ऑनलाइन एक्सेल यूटिलिटी की सुविधा को चालू कर दिया गया है। इस नई सुविधा का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि टैक्सपेयर्स अपना रिटर्न इंटरनेट के बिना यानी ऑफलाइन भी आराम से तैयार कर सकते हैं और बाद में उसे डिजिटल तरीके से पोर्टल पर अपलोड कर सकते हैं।

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टैक्स डिपार्टमेंट ने साफ कहा है कि सही आईटीआर फॉर्म का चुनाव करना बेहद जरूरी है ताकि आपका रिटर्न बिना किसी देरी के समय पर प्रोसेस हो सके। अगर आपने गलती से भी गलत फॉर्म चुन लिया, तो डिपार्टमेंट की तरफ से आपको सुधार के लिए नोटिस भेजा जा सकता है।

जानिए किस फॉर्म का इस्तेमाल कहां करना है?

डिपार्टमेंट ने अलग-अलग तरह की कमाई करने वाले लोगों के लिए अलग-अलग फॉर्म तय किए हैं। जैसे आईटीआर-1 फॉर्म उन सैलरी पाने वाले लोगों के लिए है जिनके पास एक मकान है और उनकी कमाई के दूसरे आम सोर्स हैं। आईटीआर-2 फॉर्म उन लोगों या हिंदू अनडिवाइडेड फैमिली (एचयूएफ) के लिए है जिनकी बिजनेस से कोई कमाई नहीं होती है। वहीं आईटीआर-3 फॉर्म उन लोगों के लिए बनाया गया है जिनकी कमाई का जरिया कोई बिजनेस या प्रोफेशन है। इसके अलावा जो लोग बिजनेस या प्रोफेशन से अनुमानित कमाई यानी प्रिजम्पटिव इनकम करते हैं, उनके लिए आईटीआर-4 फॉर्म तय किया गया है। फर्म, एलएलपी, एओपी और बीओआई जैसी संस्थाओं के लिए आईटीआर-5 फॉर्म का इस्तेमाल किया जाता है।

कौन भर सकता है आईटीआर-4 सुगम फॉर्म?

आईटीआर-4 फॉर्म को सुगम भी कहा जाता है। यह फॉर्म उन रेजिडेंट इंडिविजुअल्स, एचयूएफ और रेजिडेंट फर्म्स के लिए है जिनकी कुल कमाई 50 लाख रुपये तक है। साथ ही उनकी बिजनेस या प्रोफेशन की कमाई इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 44एडी, 44एडीए या 44एई के तहत आती है। इसके तहत सैलरी या पेंशन से होने वाली कमाई, सेविंग्स अकाउंट या डिपॉजिट के ब्याज से होने वाली कमाई और 5,000 रुपये तक की एग्रीकल्चरल इनकम वाले लोग इसे भर सकते हैं। इसके अलावा सेक्शन 112A के तहत 1,25,000 रुपये तक का कैपिटल गेन कमाने वाले भी इसके दायरे में आते हैं। यह फॉर्म पूरी तरह वैकल्पिक है और टैक्सपेयर अपनी पसंद से इसे चुन सकते हैं।

ये लोग नहीं कर सकते इस फॉर्म का इस्तेमाल

कुछ लोग ऐसे भी हैं जो चाहकर भी आईटीआर-4 फॉर्म नहीं भर सकते। अगर कोई व्यक्ति नॉन-रेजिडेंट इंडियन है या उसकी कुल कमाई 50 लाख रुपये से ज्यादा है, तो वह यह फॉर्म नहीं भर सकता। इसके अलावा अगर किसी की एग्रीकल्चरल इनकम 5,000 रुपये से ज्यादा है, कोई किसी कंपनी में डायरेक्टर है, या जिसके पास एक से ज्यादा मकान से कमाई आ रही है, वह भी इसके दायरे से बाहर है। शॉर्ट-टर्म कैपिटल गेन वाले, बिना लिस्टेड इक्विटी शेयर रखने वाले, भारत से बाहर संपत्ति रखने वाले या विदेशी अकाउंट में साइनिंग अथॉरिटी रखने वाले लोग भी इस फॉर्म का इस्तेमाल नहीं कर सकते हैं।

ये है आईटीआर-4 का प्रोसेस

आईटीआर-4 फॉर्म भरने का पूरा प्रोसेस शुरू करने के लिए सबसे पहले आपको इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की ऑफिशियल ई-फाइलिंग वेबसाइट पर जाना होगा, जहां अगर आप पहली बार आए हैं तो आपको अपने आधार कार्ड, पैन कार्ड और दूसरी जरूरी डिटेल्स का इस्तेमाल करके अपना नया रजिस्ट्रेशन पूरा करना होगा। अगर आपका अकाउंट पहले से बना हुआ है तो आप सीधे अपनी यूजर आईडी और पासवर्ड की मदद से पोर्टल में लॉगिन कर सकते हैं। उसके बाद आपको वेबसाइट से आईटीआर-4 यानी सुगम फॉर्म के लिए दी गई ऑफलाइन एक्सेल यूटिलिटी को अपने कंप्यूटर पर डाउनलोड करना होगा। फिर बिना इंटरनेट के आराम से ऑफलाइन बैठकर उसमें अपनी इनकम से जुड़ी सारी सही जानकारियां भरनी होंगी। जब यह ऑफलाइन फॉर्म पूरी तरह से तैयार हो जाए तो आपको दोबारा उसी ऑफिशियल पोर्टल पर जाकर अपनी फाइल को डिजिटल तरीके से अपलोड कर देना होगा, जिससे आपका रिटर्न बिना किसी परेशानी के सीधे डिपार्टमेंट के पास सबमिट हो जाएगा।

टैक्स रिटर्न फाइल करने की आखिरी तारीखें

इस बार टैक्स डिपार्टमेंट ने रिटर्न दाखिल करने के लिए तारीखें भी साफ कर दी हैं। आम इंडिविजुअल टैक्सपेयर्स के लिए आईटीआर भरने की आखिरी डेडलाइन 31 जुलाई 2026 तय की गई है। वहीं जो लोग आईटीआर फॉर्म 3 और फॉर्म 4 का इस्तेमाल कर रहे हैं, उनके लिए यह डेडलाइन 31 अगस्त 2026 रखी गई है। अगर कोई टैक्सपेयर जुलाई की डेडलाइन से चूक जाता है, तो उसके पास 31 दिसंबर 2026 तक डिलेड रिटर्न यानी देर से रिटर्न भरने का मौका रहेगा। इसलिए समय रहते सही फॉर्म के साथ अपना टैक्स रिटर्न भरें ताकि फ्यूचर में किसी भी तरह की कानूनी परेशानी या नोटिस से बचा जा सके।

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Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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