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3 min read | अपडेटेड July 06, 2026, 10:01 IST
सारांश
अडाणी ग्रुप की प्रमुख कंपनी अडाणी एंटरप्राइजेज (Adani Enterprises) के शेयरों में आज सोमवार 6 जुलाई को बाजार में बड़ी हलचल देखने को मिल सकती है।

मध्य प्रदेश के शिवपुरी में अडाणी डिफेंस द्वारा 2,500 करोड़ रुपये के मिसाइल प्रोजेक्ट के शिलान्यास के बाद निवेशकों की नजरें अडाणी एंटरप्राइजेज के शेयर पर टिकी हैं। | Image: Shutterstock
भारतीय शेयर बाजार में आज अडाणी ग्रुप की फ्लैगशिप कंपनी अडाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड के शेयरों तेजी देखी जा रही है। कंपनी की डिफेंस और एयरोस्पेस शाखा, अडाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस ने रक्षा क्षेत्र में एक ऐतिहासिक छलांग लगाते हुए मध्य प्रदेश के शिवपुरी में 2,500 करोड़ रुपये की लागत वाले एक विशाल प्रोजेक्ट का भूमिपूजन किया है। यह महत्वाकांक्षी परियोजना दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा निजी क्षेत्र का एकीकृत मिसाइल इकोसिस्टम बनने जा रही है।
अडाणी एंटरप्राइजेज द्वारा जारी की गई आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, शिवपुरी में स्थापित होने वाली यह अत्याधुनिक यूनिट भारत के निजी क्षेत्र में अपनी तरह की पहली 'बैकवर्ड-इंटीग्रेटेड' डिफेंस फैसिलिटी होगी। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि इस परिसर के भीतर मिसाइल सिस्टम के एकीकरण यानी असेंबली के साथ-साथ इसके लिए जरूरी कच्चे और संवेदनशील माल का उत्पादन भी एक ही जगह पर किया जाएगा। इस प्लांट में उच्च तकनीक वाले कंपोजिट प्रोपेलेंट और टीएनटी (TNT) जैसी उच्च विस्फोटक-ग्रेड सामग्रियों का बड़े पैमाने पर इन-हाउस निर्माण किया जाएगा। यह उन्नत ढांचा भारतीय रक्षा क्षेत्र में कच्चे माल की आपूर्ति से लेकर पूरी तरह तैयार मिसाइलों को एक ही छत के नीचे बनाने की ऐतिहासिक क्षमता विकसित करेगा।
यह मेगा प्रोजेक्ट भारत की डिफेंस सप्लाई चेन में लंबे समय से चली आ रही एक बड़ी कमी को पूरी तरह से दूर कर देगा। इस फैसिलिटी को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि यहां रोबोटिक और ऑटोमेटेड प्रोडक्शन सिस्टम के जरिए एक साथ कई मिसाइल प्रोग्राम्स को संचालित किया जा सकेगा। यह प्लांट डीआरडीओ (DRDO) के सहयोग से विकसित की जा रही नेक्स्ट-जेनरेशन एंटी-रेडिएशन मिसाइल (NGARM), रुद्रम-2 (RUDRAM-II) और नेवल एंटी-शिप मिसाइल जैसी अत्याधुनिक प्रणालियों के बड़े पैमाने पर घरेलू उत्पादन (Serial Production) को सक्षम बनाएगा। इससे न केवल भारतीय सशस्त्र बलों को स्वदेशी मिसाइल प्रणालियों की त्वरित डिलीवरी मिलेगी, बल्कि वैश्विक स्तर पर भारत एक भरोसेमंद और सटीक हथियारों के निर्यातक के रूप में स्थापित होगा।
आर्थिक और औद्योगिक विकास के नजरिए से अडाणी ग्रुप का यह निवेश मध्य प्रदेश के लिए गेम-चेंजर साबित होने वाला है। इस 2,500 करोड़ रुपये की परियोजना से क्षेत्र में 5,000 से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष कुशल रोजगार के अवसरों का सृजन होगा। इसके साथ ही, रक्षा उत्पादन की इस विशाल सप्लाई चेन से जोड़ने के लिए क्षेत्र के 50 से अधिक सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) को एक बड़ा मंच मिलेगा। अडाणी डिफेंस का लक्ष्य केवल असेंबली करना नहीं है, बल्कि देश के भीतर ही पूरी तकनीक को विकसित करके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'आत्मनिर्भर भारत' और 'मेक इन इंडिया' अभियानों को जमीनी स्तर पर एक नई रफ्तार देना है।
अडाणी ग्रुप का यह नया निवेश मध्य प्रदेश में उनके पहले से चल रहे सफल ऑपरेशन्स का एक बड़ा विस्तार है। साल 2020 से ही अडाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस मध्य प्रदेश के ग्वालियर में एक बेहद मजबूत स्मॉल आर्म्स (Small Arms) इकोसिस्टम का संचालन कर रही है। ग्वालियर परिसर से भारतीय सेनाओं को अत्याधुनिक पिस्तौल, लाइट मशीन गन (LMG), कार्बाइन और असॉल्ट राइफलों की लगातार सप्लाई की जा रही है। इस सफल ट्रैक रिकॉर्ड के बाद, अब ग्वालियर और शिवपुरी की यह जुड़वां इकाइयां मिलकर मध्य प्रदेश को देश के सबसे बड़े और महत्वपूर्ण रणनीतिक रक्षा विनिर्माण हब के रूप में स्थापित कर देंगी।
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