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  1. YES Bank के निवेशकों को बड़ा झटका! AT1 बॉन्ड राइट-ऑफ मामले में सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?

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YES Bank के निवेशकों को बड़ा झटका! AT1 बॉन्ड राइट-ऑफ मामले में सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?

Namita Shukla

3 min read | अपडेटेड October 15, 2026, 15:54 IST

सारांश

NSE के आंकड़ों के मुताबिक, गुरुवार को मार्केट में यस बैंक के शेयर 20% गिरकर 16.96 रुपये के इंट्राडे निचले स्तर पर आ गए थे, जबकि पिछले ट्रेडिंग सेशन के अंत में इनकी कीमत 21.20 रुपये थी।

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यस बैंक

यस बैंक के शेयरों में क्यों आया भूचाल? (Photo: Shutterstock)

आज इंट्राडे ट्रेडिंग के दौरान यस बैंक के शेयरों में 20% तक की भारी गिरावट देखने को मिली। मार्केट क्लोज होने से पहले यस बैंक के शेयर 14.53% यानी कि 3.08 रुपये गिरकर 18.12 रुपये प्रति शेयर पर थे। शेयरों में गिरावट के पीछे सुप्रीम कोर्ट का एक फैसला है। इन्वेस्टरों का ध्यान सुप्रीम कोर्ट के उस हालिया आदेश पर था, जिसमें बैंक की लगभग 8,415 करोड़ रुपये के बॉन्ड को राइट-ऑफ (बट्टे खाते में डालने) करने की याचिका को खारिज कर दिया गया है। NSE के आंकड़ों के मुताबिक, गुरुवार को मार्केट में यस बैंक के शेयर 20% गिरकर 16.96 रुपये के इंट्राडे निचले स्तर पर आ गए थे, जबकि पिछले ट्रेडिंग सेशन के अंत में इनकी कीमत 21.20 रुपये थी।

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NSE और BSE को मिलाकर कुल ट्रेडिंग वॉल्यूम 622 मिलियन शेयरों के पार पहुंच गया, जिसके चलते 15 अक्टूबर के ट्रेडिंग सेशन में भारी बिकवाली देखने को मिली। गुरुवार को निवेशकों ने यस बैंक के शेयरों में जमकर बिकवाली की। सुप्रीम कोर्ट ने बॉम्बे हाई कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा और बैंक की याचिका को खारिज कर दिया, जिससे मार्केट में शेयरों को लेकर नेगेटिव सेंटीमेंट बने। यस बैंक इन AT1 बॉन्ड्स को राइट-ऑफ नहीं कर पाएगा, जो बैंक के लिए एक बड़ी नेगेटिव देनदारी बन सकती है। ऐसा इसलिए है क्योंकि भविष्य में किसी वित्तीय या फंडिंग संकट के समय, बैंक इन नुकसानों को झेलने की स्थिति में नहीं होगा।

क्या है पूरा मामला?

लेटेस्ट मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक भारत के सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार, 15 अक्टूबर को केंद्र सरकार और यस बैंक की उस अपील को खारिज कर दिया है, जिसमें बैंक के 8,415 करोड़ रुपये मूल्य के 'एडिशनल टियर-1' (AT1) बॉन्ड को राइट-ऑफ (बट्टे खाते में डालने) करने की मांग की गई थी। इस फैसले के साथ ही, बॉम्बे हाई कोर्ट का पिछला आदेश बरकरार रहेगा।

जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने कहा कि उन्हें हाई कोर्ट के उस फैसले में दखल देने का कोई कारण नहीं दिखा, जो बॉन्ड धारकों के पक्ष में था। 'मिंट' की एक रिपोर्ट के मुताबिक, बेंच ने कहा, 'इसलिए, हमारे फैसले में दिए गए कारणों के आधार पर, हमें इस फैसले में दखल देने का कोई कारण नहीं दिखता। इन अपीलों को खारिज किया जाता है।' साल 2020 में, वित्तीय संकट के बाद यस बैंक ने अपनी 'एसेट रिकंस्ट्रक्शन स्कीम' (संपत्ति पुनर्गठन योजना) के तहत इन बॉन्डों को राइट-ऑफ कर दिया था।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

लेखकों के बारे में

Namita Shukla
Namita Shukla is a seasoned journalist with over 15 years of experience in Hindi media. She has worked with some of the most reputed news organizations, including Navbharat Times, Dainik Jagran, Aaj Tak, and Hindustan Times Hindi. Throughout her career, Namita has reported on a wide range of beats such as national affairs, sports, business, and entertainment, bringing clarity and depth to her reporting. In addition to her journalistic work, she is a certified fact-checker by both Google and Meta, underscoring her commitment to accuracy and ethical journalism in the digital age.

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