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  1. US-Iran में फिर बढ़ा तनाव, जहाज जब्ती के बाद शांति वार्ता रद्द, Hormuz Strait संकट से क्रू़ड ऑयल फिर उछला

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US-Iran में फिर बढ़ा तनाव, जहाज जब्ती के बाद शांति वार्ता रद्द, Hormuz Strait संकट से क्रू़ड ऑयल फिर उछला

Shubham Singh Thakur

2 min read | अपडेटेड April 20, 2026, 13:02 IST

सारांश

US-Iran War: ईरान ने साफ संकेत दिया है कि अब वह अमेरिका के साथ बातचीत नहीं करना चाहता। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि शांति समझौता अब खत्म हो चुका है और अगर अमेरिका ने दबाव बनाया तो वह जल्दी जवाब देगा। यानी हालात फिर से युद्ध की तरफ बढ़ सकते हैं।

US-Iran

US-Iran: आज कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ गईं और निवेशकों में डर बढ़ गया।

US-Iran Tension: अमेरिका ने हाल ही में ईरान के एक जहाज “Touska” को जबरन रोकने का आदेश दिया। यह जहाज ओमान की खाड़ी में Strait of Hormuz के पास था और अमेरिकी नौसेना ने उसके इंजन रूम पर गोलीबारी करके उसे जब्त कर लिया। इसके बाद अमेरिकी सैनिक जहाज पर चढ़ गए और उसे अपने कब्जे में ले लिया। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि जहाज ने होर्मुज के पास नाकेबंदी तोड़ने की कोशिश की थी।
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अमेरिका-ईरान के बीच फिर बढ़ा तनाव

इस घटना के बाद एक बार फिर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ गया है। पहले से चल रही शांति वार्ता को ईरान ने रद्द कर दिया। ईरान का कहना है कि अमेरिका की ये कार्रवाई सीजफायर का उल्लंघन है और अमेरिका “अव्यावहारिक मांगें” कर रहा है।

ईरान ने साफ संकेत दिया है कि अब वह अमेरिका के साथ बातचीत नहीं करना चाहता। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि शांति समझौता अब खत्म हो चुका है और अगर अमेरिका ने दबाव बनाया तो वह जल्दी जवाब देगा। यानी हालात फिर से युद्ध की तरफ बढ़ सकते हैं।

अमेरिका का क्या कहना है?

अमेरिका इस पूरे कदम को वैध बता रहा है और कह रहा है कि वह सिर्फ अपने प्रतिबंध लागू कर रहा है। लेकिन कई एक्सपर्ट्स मानते हैं कि इस तरह की नाकेबंदी और जहाज पर हमला करना असल में युद्ध जैसी कार्रवाई होती है, जिससे तनाव और बढ़ेगा।

Strait of Hormuz में फिर बढ़ा टेंशन

सबसे बड़ा असर Strait of Hormuz पर पड़ा है, जो दुनिया का एक बेहद अहम तेल सप्लाई रूट है। यहां से दुनिया का लगभग 20% तेल गुजरता है। ईरान ने इसे फिर से बंद करने की धमकी दी है, जिससे वैश्विक तेल सप्लाई पर खतरा मंडरा रहा है।

कच्चे तेल में उछाल

आज कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ गईं और निवेशकों में डर बढ़ गया। आज ब्रेंट क्रूड ऑयल के भाव में करीब 5 फीसदी की बढ़त है और यह 94.76 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया। अगर ये तनाव और बढ़ता है, तो दुनियाभर में महंगाई और आर्थिक अस्थिरता बढ़ सकती है।

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