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India-US ट्रेड डील को अंतिम रूप देने की तैयारी, अगले हफ्ते भारत आएंगे अमेरिकी ट्रेड चीफ

Upstox

3 min read | अपडेटेड June 16, 2026, 16:55 IST

सारांश

India-US Trade Deal: फरवरी 2025 में व्यापार समझौते पर बातचीत शुरू होने के बाद यह पहला मौका होगा जब अमेरिकी ट्रेड प्रमुख जेमिसन ग्रीयर भारत का दौरा करेंगे। इससे पहले अमेरिका की ओर से कई दौर की बातचीत का नेतृत्व ब्रेंडन लिंच कर रहे थे।

India-US Trade

India-US Trade: अप्रैल और मई के दौरान अमेरिका को भारत का निर्यात लगभग 1% बढ़कर 17.29 अरब डॉलर रहा।

India-US Trade Deal: भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से चल रही व्यापार वार्ताओं को अब अंतिम रूप देने की कोशिश तेज हो गई है। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीयर 23-24 जून को भारत आएंगे और केंद्रीय वाणिज्य मंत्री Piyush Goyal के साथ बातचीत करेंगे। इन बैठकों का मकसद दोनों देशों के बीच प्रस्तावित ट्रेड डील के पहले चरण को अंतिम रूप देना और व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) पर आगे बढ़ना है।
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पहली बार भारत आ रहे हैं अमेरिकी ट्रेड चीफ

फरवरी 2025 में व्यापार समझौते पर बातचीत शुरू होने के बाद यह पहला मौका होगा जब अमेरिकी ट्रेड प्रमुख जेमिसन ग्रीयर भारत का दौरा करेंगे। इससे पहले अमेरिका की ओर से कई दौर की बातचीत का नेतृत्व ब्रेंडन लिंच कर रहे थे।

व्यापार के आंकड़ों में बदलाव

हाल के आंकड़े बताते हैं कि भारत-अमेरिका व्यापार में बदलाव आ रहा है। अप्रैल और मई के दौरान अमेरिका को भारत का निर्यात लगभग 1% बढ़कर 17.29 अरब डॉलर रहा, जबकि अमेरिका से आयात 19.4% बढ़कर 11.14 अरब डॉलर पहुंच गया। सरकार का कहना है कि भारत ने अमेरिका से ऊर्जा आयात काफी बढ़ाया है, जिससे दोनों देशों के बीच व्यापार घाटा भी कम हो रहा है।

टैरिफ और जांच बनी हुई है बड़ी चुनौती

इन वार्ताओं के बीच अमेरिका की ओर से भारत के खिलाफ चल रही सेक्शन 301 जांच चिंता का विषय बनी हुई है। यह जांच भारत में कथित औद्योगिक ओवरकैपेसिटी से जुड़ी है। अगर अमेरिका इस जांच के आधार पर कार्रवाई करता है तो भारतीय उत्पादों पर अतिरिक्त शुल्क लगाया जा सकता है। अमेरिका के पास सिर्फ टैरिफ ही नहीं, बल्कि गैर-टैरिफ प्रतिबंध लगाने की भी शक्ति है, जिससे भारतीय निर्यात प्रभावित हो सकता है।

कृषि उत्पादों पर अमेरिका का दबाव

व्यापार समझौते में अमेरिकी कृषि उत्पादों को भारतीय बाजार में अधिक पहुंच दिलाना अमेरिका की प्रमुख मांगों में शामिल है। अमेरिका चाहता है कि भारत कई कृषि और खाद्य उत्पादों पर आयात शुल्क कम करे या खत्म करे। इनमें पशु चारे के लिए इस्तेमाल होने वाले उत्पाद, मेवे, ताजे और प्रोसेस्ड फल, सोयाबीन तेल, वाइन और अन्य कृषि उत्पाद शामिल हैं।

कुछ मुद्दों पर अब भी मतभेद

दोनों देश समझौते के करीब दिख रहे हैं, लेकिन कुछ मुद्दों पर मतभेद अभी भी बने हुए हैं। अमेरिका ने पहले दावा किया था कि भारत अमेरिकी उत्पादों और ऊर्जा की बड़ी मात्रा खरीदने के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन बाद में जारी संशोधित दस्तावेज में भाषा को नरम करते हुए "committed" की जगह "intends" यानी "इरादा रखता है" शब्द का इस्तेमाल किया गया। इससे संकेत मिलता है कि कुछ अहम मुद्दों पर अभी अंतिम सहमति बनना बाकी है।

क्यों अहम है यह डील?

अगर यह व्यापार समझौता सफलतापूर्वक पूरा हो जाता है, तो इससे दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश बढ़ सकता है। साथ ही भारतीय निर्यातकों को अमेरिकी बाजार में बेहतर अवसर मिल सकते हैं। हालांकि Section 301 जांच और कृषि बाजार पहुंच जैसे मुद्दों पर अंतिम सहमति बनना अभी भी इस डील की सबसे बड़ी चुनौती है।

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Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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