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  1. 10वें दिन पर पहुंची अमेरिका-ईरान जंग, होर्मुज स्ट्रेट पर टेंशन बरकरार, अभी तक क्या हैं अपडेट्स?

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10वें दिन पर पहुंची अमेरिका-ईरान जंग, होर्मुज स्ट्रेट पर टेंशन बरकरार, अभी तक क्या हैं अपडेट्स?

Namita Shukla

4 min read | अपडेटेड July 21, 2026, 10:32 IST

सारांश

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को जबरदस्त जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है और कहा है कि तेहरान को इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। यह चेतावनी हाल ही में तीन अमेरिकी सैनिकों (दो जॉर्डन में और एक इराक में) की मौत के बाद दी गई।

अमेरिका-ईरान जंग

अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष रुकने का नाम नहीं ले रहा है। (Photo: Shutterstock)

अमेरिका और ईरान के बीच दोबारा छिड़ी जंग अपने 10वें दिन पर पहुंच गई है और फिलहाल यह रुकती हुई नजर नहीं आ रही है। वहीं ईरान-अमेरिका जंग के चलते होर्मुज स्ट्रेट पर भी स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को जबरदस्त जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है और कहा है कि तेहरान को इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। यह चेतावनी हाल ही में तीन अमेरिकी सैनिकों (दो जॉर्डन में और एक इराक में) की मौत के बाद दी गई। इस बीच, अमेरिकी सेना ने आज ईरान के खिलाफ हमलों का एक नया दौर शुरू किया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि इन हमलों का मकसद ईरान की उन सैन्य क्षमताओं को और कम करना है जिनका इस्तेमाल होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) में कमर्शियल जहाजों पर हमले के लिए किया जाता है।

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इससे पहले, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कहा कि ईरानी प्रांतों पर अमेरिकी हमलों के जवाब में, उसकी नौसेना ने तीन दौर के मिसाइल और ड्रोन हमलों के जरिए बहरीन और कुवैत में अमेरिकी संपत्तियों और ठिकानों को भारी नुकसान पहुंचाया है। IRGC ने अपने आधिकारिक न्यूज आउटलेट पर जारी एक बयान में कहा कि हमलों के पहले दौर में उसने बहरीन के अल-साखिर एयर बेस पर अमेरिकी यूनिट्स द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले ड्रोन रखरखाव और मरम्मत हैंगर को नष्ट कर दिया। उसने कहा कि दूसरे दौर में, बहरीन के सलमान पोर्ट पर टास्क फोर्स 59 के जहाजों वाले अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया गया और जहाजों को भारी नुकसान पहुंचाया गया। उसने आगे कहा कि हमलों के तीसरे दौर में कुवैत के कैंप आरिफजान में अमेरिकी स्पेशल नेवल कमांडो की तैनाती, सहायता और साजो-सामान से जुड़ी सुविधाओं में आग लगा दी गई और उन्हें नष्ट कर दिया गया।

इस बीच, बहरीन के विदेश मंत्रालय ने ईरान के बार-बार हो रहे हमलों की निंदा करते हुए कहा कि उन्होंने महत्वपूर्ण नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया और नागरिकों की जान के लिए सीधा खतरा पैदा किया। कुवैत ने भी आरोप लगाया कि ईरानी ड्रोनों द्वारा उसके सिविल एयर नेविगेशन सिस्टम को निशाना बनाया गया, हालांकि एयर नेविगेशन सर्विसेज प्रभावित नहीं हुईं।

अमेरिका में पेट्रोल की औसत कीमत बढ़ी

अमेरिका और ईरान के बीच हमलों के नए दौर के बीच सोमवार को अमेरिका में पेट्रोल की औसत खुदरा कीमत फिर बढ़कर चार डॉलर प्रति गैलन पर पहुंच गई। मोटर क्लब फेडरेशन एएए के अनुसार, नियमित श्रेणी के पेट्रोल की राष्ट्रीय औसत कीमत अब चार डॉलर प्रति गैलन हो गई है। एक साल पहले यह औसतन 3.14 डॉलर प्रति गैलन थी। यह राष्ट्रीय औसत कीमत है। इसका मतलब है कि कुछ राज्यों में वाहन चालक पहले से ही चार डॉलर प्रति गैलन से अधिक कीमत चुका रहे हैं, जबकि कुछ अन्य राज्यों में कीमत इससे कम है। राज्यों के बीच पेट्रोल की कीमतों में अंतर स्थानीय आपूर्ति, कर की अलग-अलग दरों और अन्य कारणों से होता है। युद्ध के कारण दुनिया के अन्य देशों में भी लोग पेट्रोल की ऊंची कीमतों का सामना कर रहे हैं।

मार्च के अंत में अमेरिका में पेट्रोल की औसत कीमत पहली बार चार डॉलर प्रति गैलन से ऊपर पहुंची थी। जून के मध्य में यह इससे नीचे आ गई थी और अमेरिका और ईरान के बीच अंतरिम समझौता होने के बाद कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आने से इसमें और गिरावट दर्ज की गई। हालांकि, तब भी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस बात पर नाराजगी जताई थी कि पेट्रोल की कीमतों में कच्चे तेल की तुलना में अपेक्षित तेजी से कमी नहीं आ रही है। अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड का भाव सोमवार को 3.2% बढ़कर 90.95 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया था, जबकि अमेरिकी मानक वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) क्रूड 2.8% की बढ़त के साथ 84.04 डॉलर प्रति बैरल हो गया था।

PTI इनपुट के साथ

लेखकों के बारे में

Namita Shukla
Namita Shukla is a seasoned journalist with over 15 years of experience in Hindi media. She has worked with some of the most reputed news organizations, including Navbharat Times, Dainik Jagran, Aaj Tak, and Hindustan Times Hindi. Throughout her career, Namita has reported on a wide range of beats such as national affairs, sports, business, and entertainment, bringing clarity and depth to her reporting. In addition to her journalistic work, she is a certified fact-checker by both Google and Meta, underscoring her commitment to accuracy and ethical journalism in the digital age.

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