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  1. ट्रंप ने ईरान के खिलाफ आर्थिक युद्ध का किया ऐलान, क्या हैं इसके मायने, किन देशों पर पड़ेगा असर?

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ट्रंप ने ईरान के खिलाफ आर्थिक युद्ध का किया ऐलान, क्या हैं इसके मायने, किन देशों पर पड़ेगा असर?

Namita Shukla

3 min read | अपडेटेड August 20, 2026, 11:56 IST

सारांश

डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि इस अभियान का मकसद विदेशों में गतिविधियों को वित्तपोषित और समर्थित करने की ईरान की क्षमता को कमजोर करना है। ट्रंप ने अपनी यह चेतावनी भी दोहराई कि ईरान को कभी भी परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दिया जाएगा।

डोनाल्ड ट्रंप

ईरान को फिर से डोनाल्ड ट्रंप ने चेताया, इस बार आर्थिक युद्ध का किया ऐलान (Photo: Shutterstock)

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ एक बड़े नए आर्थिक युद्ध की घोषणा की है। 'ट्रुथ सोशल' पर एक पोस्ट में ट्रंप ने कहा कि ईरान को अमेरिका के साथ समझौता करने के कई मौके दिए गए, लेकिन वह ऐसा करने में नाकाम रहा। उन्होंने कहा कि वॉशिंगटन अब तेहरान के खिलाफ आर्थिक युद्ध और उसे अलग-थलग करने का एक अभूतपूर्व अभियान शुरू करेगा। ट्रंप ने तेहरान की मदद करने वाले किसी भी देश को आर्थिक दंड की धमकी भी दी। उन्होंने चेतावनी दी कि जो भी देश अपने वित्तीय संस्थानों, व्यवसायों, हवाई अड्डों या सरकारी एजेंसियों को तेहरान की मदद करने की अनुमति देगा, उसे भी भारी आर्थिक परिणाम भुगतने होंगे। इन उपायों के तहत ईरान की मुख्य आर्थिक जीवन-रेखाओं को निशाना बनाए जाने की उम्मीद है, जिनमें तेल-तस्करी नेटवर्क, वित्तीय लेनदेन, एक्सचेंज हाउस, जहाज पंजीकरण और मुखौटा कंपनियां (फ्रंट कंपनियां) शामिल हैं।

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उन्होंने अमेरिकी सहयोगियों से ईरान को अलग-थलग करने में वॉशिंगटन का साथ देने का अनुरोध किया और इन नए उपायों को 'आर्थिक D-Day' करार दिया। ट्रंप ने कहा कि इस अभियान का मकसद विदेशों में गतिविधियों को वित्तपोषित और समर्थित करने की ईरान की क्षमता को कमजोर करना है। ट्रंप ने अपनी यह चेतावनी भी दोहराई कि ईरान को कभी भी परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दिया जाएगा। यह घोषणा ऐसे समय में की गई है जब ग्लोबल तेल शिपमेंट के लिए एक महत्वपूर्ण मार्ग, 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ रहा है। ट्रंप ने कहा कि यह जलमार्ग खुला हुआ है और दावा किया कि अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी बहुत प्रभावी रही है।

ट्रंप की ये ताजा टिप्पणियां ऐसे संकेत मिलने के बाद आई हैं कि ईरान के साथ बातचीत रोक दी गई है। उन्होंने कहा कि भविष्य में बातचीत फिर से शुरू हो सकती है, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि इसके लिए तेहरान को पहले समझौता करने के लिए तैयार होना होगा। इस बीच, ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालीबाफ ने कहा कि जब तक अमेरिका 14-सूत्रीय ज्ञापन के तहत अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा नहीं करता, तब तक ईरान 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' को फिर से नहीं खोलेगा। इन शर्तों में नाकेबंदी हटाना, ईरान की फ्रीज की गई संपत्ति को जारी करना और ईरानी तेल पर प्रतिबंधों में ढील देना शामिल है।

लेखकों के बारे में

Namita Shukla
Namita Shukla is a seasoned journalist with over 15 years of experience in Hindi media. She has worked with some of the most reputed news organizations, including Navbharat Times, Dainik Jagran, Aaj Tak, and Hindustan Times Hindi. Throughout her career, Namita has reported on a wide range of beats such as national affairs, sports, business, and entertainment, bringing clarity and depth to her reporting. In addition to her journalistic work, she is a certified fact-checker by both Google and Meta, underscoring her commitment to accuracy and ethical journalism in the digital age.

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