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  1. अगस्त में यूपीआई ट्रांजैक्शन ₹29.8 लाख करोड़ करीब, मई-जुलाई का रिकॉर्ड टूटते-टूटते बचा

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अगस्त में यूपीआई ट्रांजैक्शन ₹29.8 लाख करोड़ करीब, मई-जुलाई का रिकॉर्ड टूटते-टूटते बचा

Upstox

3 min read | अपडेटेड September 01, 2026, 14:13 IST

सारांश

एनपीसीआई के आंकड़ों के अनुसार, इसी पीरियड में यूपीआई ट्रांजैक्शन की संख्या सालाना आधार पर 22% बढ़कर अगस्त में 2,451 करोड़ हो गई, जबकि पिछले साल इसी महीने में यह 1,963 करोड़ थी।

यूपीआई

अगस्त में कैसे रहे यूपीआई के आंकड़े? (Photo: Shutterstock)

पेटीएम प्लैटफॉर्म यूपीआई के जरिए अगस्त में 29.8 लाख करोड़ रुपये के ट्रांजैक्शन्स हुए है, जो रिकॉर्ड स्तर के करीब है। भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) की ओर से जारी आंकड़ों में यह जानकारी दी गई। यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) के जरिए ट्रांजैक्शन वैल्यू मई और जुलाई 2026 में रिकॉर्ड 29.9 लाख करोड़ रुपये रही थी। मंगलवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, अगस्त में यूपीआई लेनदेन की संख्या रिकॉर्ड 2,451 करोड़ पर पहुंच गई, जो पिछले महीने के 2,366 करोड़ से काफी अधिक है। इस साल जून में ट्रांजैक्शन की संख्या 2,272 करोड़ और मई में 2,320 करोड़ रही थी।

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अगस्त में ट्रांजैक्शन की वैल्यू 29.82 लाख करोड़ रुपये रही, जो एक साल पहले इसी महीने के 24.85 लाख करोड़ रुपये से 20% अधिक है। एनपीसीआई के आंकड़ों के अनुसार, इसी पीरियड में यूपीआई ट्रांजैक्शन की संख्या सालाना आधार पर 22% बढ़कर अगस्त में 2,451 करोड़ हो गई, जबकि पिछले साल इसी महीने में यह 1,963 करोड़ थी। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) और भारतीय बैंक संघ (आईबीए) की पहल एनपीसीआई भारत में रिटेल पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम्स के संचालन के लिए एक टॉप संगठन है।

रक्षाबंधन का भी दिखा असर

यह यूपीआई का संचालन करता है, जिसका इस्तेमाल लोगों के बीच या खरीदारी के दौरान व्यापारियों के पास वास्तविक समय में भुगतान के लिए किया जाता है। ‘कैशफ्री पेमेंट्स’ के सह-संस्थापक रिजू दत्ता ने कहा कि अगस्त में लेनदेन की संख्या में वृद्धि को रक्षाबंधन जैसे त्योहारों से भी बढ़ावा मिला। इससे रोजमर्रा के व्यक्ति-से-व्यक्ति (पी2पी) ट्रांसफर और छोटी राशि के उपहारों में स्वाभाविक रूप से तेजी आई।

किन-किन देशों में चलता है यूपीआई?

उन्होंने कहा कि पिछले तीन महीनों में ट्रांजैक्शन्स की संख्या बढ़ने के साथ कुल ट्रांजैक्शन वैल्यू में लगातार मजबूती यूपीआई सिस्टम की बढ़ती पहुंच और व्यापक उपयोग को दर्शाती है। विदेशों में मौजूदगी की बात करें तो यूपीआई अब 11 देशों में स्वीकार किया जाता है और उज्बेकिस्तान इसमें शामिल होने वाला सबसे नया देश है। अन्य देशों में सिंगापुर, संयुक्त अरब अमीरात, फ्रांस, मॉरीशस, नेपाल, भूटान, कतर, श्रीलंका, कंबोडिया और यूनान शामिल हैं, जहां यूपीआई स्वीकार किया जाता है।

यूपीआई की शुरुआत 25 अगस्त, 2016 को हुई और तब से इसने भारत के डिजिटल भुगतान परिदृश्य को बदल दिया है। इसका लेनदेन मूल्य वित्त वर्ष 2016-17 के 0.07 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर वित्त वर्ष 2025-26 में करीब 314 लाख करोड़ रुपये हो गया, यानी एक दशक में इसमें 4,000 गुना से अधिक की वृद्धि हुई है।

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Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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