return to news
  1. UP में गेहूं किसानों को सरकार से मिली बड़ी राहत, ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के बिना बेच सकेंगे फसल

बिजनेस न्यूज़

UP में गेहूं किसानों को सरकार से मिली बड़ी राहत, ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के बिना बेच सकेंगे फसल

Upstox

2 min read | अपडेटेड April 20, 2026, 13:34 IST

सारांश

फार्मर रजिस्ट्री प्रोसेस अनिवार्य ना होने से उत्तर प्रदेश के किसान अपनी गेहूं की फसल को अब आसानी से सरकारी क्रय केंद्रों पर बेच पाएंगे। इससे बिचौलियों के चक्कर में किसानों को अपनी फसल न्यूनतम समर्थन मूल्य (Minimum Support Price, MSP) से कम में नहीं बेचनी पड़ेगी।

गेहूं किसान

उत्तर प्रदेश के गेहूं किसानों के लिए बड़ी खबर

उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए एक बड़ी राहत देने वाली खबर है। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गेहूं खरीद को लेकर किसानों को बड़ी राहत दी है। अब किसान रजिस्ट्री के बिना भी सरकारी क्रय केंद्रों (Government procurement centre) पर अपना गेहूं बेच सकेंगे। सोमवार को एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई। बयान में कहा गया है कि किसानों की पहचान और उनकी फसलों के वेरिफिकेशन के लिए एक डिजिटल प्रक्रिया 'किसान रजिस्ट्री' अनिवार्य नहीं है, और यह फैसला किसानों को हो रही असुविधा को देखते हुए लिया गया है। मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को आदेश तत्काल लागू करने के निर्देश दिए हैं।

Open FREE Demat Account within minutes!
Join now

इस साल गेहूं खरीद के लिए किसानों की ‘फार्मर रजिस्ट्री’ अनिवार्य की गई थी। कई किसानों का पंजीकरण न होने या तकनीकी दिक्कतों के कारण वे अपना गेहूं सरकारी केंद्रों पर नहीं बेच पा रहे थे। इससे किसानों में नाराजगी थी और उन्हें बिचौलियों को औने-पौने दाम पर गेहूं बेचना पड़ रहा था। किसानों की समस्या को देखते हुए मुख्यमंत्री ने तत्काल हस्तक्षेप किया। नए आदेश के अनुसार अब किसान पूर्व के सालों की तरह बिना रजिस्ट्री के भी सरकारी क्रय केंद्र पर गेहूं बेच सकेंगे।

किसानों को मिलेगा क्या फायदा?

फार्मर रजिस्ट्री प्रोसेस अनिवार्य ना होने से उत्तर प्रदेश के किसान अपनी गेहूं की फसल को अब आसानी से सरकारी क्रय केंद्रों पर बेच पाएंगे। इससे बिचौलियों के चक्कर में किसानों को अपनी फसल न्यूनतम समर्थन मूल्य (Minimum Support Price, MSP) से कम में नहीं बेचनी पड़ेगी। ऐसे में किसानों को अपनी फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य मिल पाएगा।

2026-27 रबी मार्केटिंग सीजन के लिए, उत्तर प्रदेश सरकार ने गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2,585 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया था, जो पिछले साल की तुलना में 160 रुपये की वृद्धि दर्शाता है। खरीद 30 मार्च से 15 जून, 2026 तक चलेगी, जिसमें हैंडलिंग/सफाई के लिए 20 रुपये प्रति क्विंटल अतिरिक्त शुल्क शामिल है।

PTI इनपुट के साथ

लेखकों के बारे में

Upstox
Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

अगला लेख