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4 min read | अपडेटेड May 11, 2026, 08:09 IST
सारांश
पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव और तेल की बढ़ती कीमतों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीयों से खास अपील की है। उन्होंने विदेशी मुद्रा बचाने के लिए वर्क फ्रॉम होम, कम सफर और विदेशी शादियों से बचने की सलाह दी है। पीएम ने इसे देशहित में उठाया जाने वाला कदम बताया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से विदेशी मुद्रा बचाने के लिए कुछ आदतें बदलने की अपील की है।
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और तेल के बाजारों में मची हलचल को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से एक खास अपील की है। हैदराबाद में 10 मई को एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने भारतीयों से उन आदतों को फिर से अपनाने के लिए कहा है, जो कोरोना महामारी के दौरान आम हो गई थीं। पीएम मोदी ने वर्क फ्रॉम होम और वर्चुअल मीटिंग जैसे तरीकों को देश के आर्थिक हित और राष्ट्रीय जिम्मेदारी के तौर पर पेश किया है।
पीएम मोदी ने कहा कि कोरोना के समय में हमने वर्क फ्रॉम होम, ऑनलाइन मीटिंग और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जो सिस्टम बनाए थे, वे काफी कारगर साबित हुए थे। आज के समय की मांग है कि अगर हम इन सिस्टम को फिर से शुरू करते हैं, तो यह देश के हित में होगा। उन्होंने इसे राष्ट्रीय हित से जोड़ते हुए कहा कि इससे न केवल काम आसानी से होगा, बल्कि सड़कों पर गाड़ियों की भीड़ कम होने से तेल की खपत भी घटेगी। पीएम का मानना है कि कोरोना काल के इन प्रभावी तरीकों को अब फिर से मुख्यधारा में लाने का समय आ गया है।
प्रधानमंत्री का यह बयान ऐसे समय में आया है जब पश्चिम एशिया में जारी जंग की वजह से दुनिया भर में कच्चे तेल की सप्लाई चेन पर बुरा असर पड़ रहा है। खासकर हॉर्मुज जलडमरूमध्य में चल रहे तनाव की वजह से तेल की कीमतें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ रही हैं। भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर तेल दूसरे देशों से इंपोर्ट करता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल महंगा होने से भारत के विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव पड़ता है और देश में इन्फ्लेशन यानी महंगाई बढ़ने का खतरा रहता है। इसी संकट को कम करने के लिए पीएम ने ईंधन की खपत घटाने पर जोर दिया है।
पीएम मोदी ने मध्यम वर्ग से एक अलग तरह की अपील करते हुए कहा कि कम से कम एक साल के लिए विदेशी छुट्टियों और विदेशों में होने वाली शादियों से बचना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि लोग विदेशों की जगह भारत के अंदर ही घूमने को प्राथमिकता दें। इसके अलावा उन्होंने लोगों से एक साल तक सोना न खरीदने की भी अपील की है, क्योंकि सोने के बड़े पैमाने पर इंपोर्ट से विदेशी मुद्रा पर बोझ पड़ता है। पीएम ने कहा कि घर में कोई फंक्शन या उत्सव हो, तब भी देश की आर्थिक स्थिति को देखते हुए संयम बरतना जरूरी है।
प्रधानमंत्री ने आम जनता से जूतों और बैग्स जैसी रोजमर्रा की चीजों में 'मेड इन इंडिया' प्रोडक्ट्स को बढ़ावा देने की बात कही। इसके साथ ही उन्होंने किसानों से केमिकल फर्टिलाइजर का इस्तेमाल 50 परसेंट तक कम करने और डीजल पंपों की जगह सोलर पंप अपनाने का आग्रह किया। पीएम ने खाने के तेल के कम इस्तेमाल पर भी जोर दिया, जिसे उन्होंने सेहत और देश के आर्थिक हितों दोनों के लिए जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि हमें अपनी निर्भरता बाहरी देशों से कम करनी होगी।
अपने भाषण के दौरान पीएम मोदी ने देशभक्ति को लेकर एक गहरा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि देशभक्ति का मतलब सिर्फ सीमा पर जान देना ही नहीं है, बल्कि संकट के समय जिम्मेदारी से जीना और देश के प्रति अपने कर्तव्यों को पूरा करना भी देशभक्ति है। उन्होंने लोगों से मेट्रो और पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करने और जहां जरूरत हो वहां कारपूलिंग अपनाने की सलाह दी। पीएम ने कहा कि इस वैश्विक संकट के समय में जिम्मेदार व्यवहार ही सबसे बड़ी राष्ट्र सेवा है।
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