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3 min read | अपडेटेड May 11, 2026, 09:24 IST
सारांश
इंटरनेशनल मार्केट में आज सोने की कीमतों में 0.82 पर्सेंट की गिरावट आई है, जिससे भाव 4,692 डॉलर पर आ गया है। वहीं घरेलू बाजार में 24 कैरेट सोने का भाव 1,52,340 रुपये प्रति 10 ग्राम चल रहा है।

बुलियन मार्केट में उतार-चढ़ाव का दौर जारी है। | Image: Shutterstock
सोने और चांदी की खरीदारी करने वालों के लिए आज का दिन काफी मिला-जुला साबित हो रहा है। ग्लोबल मार्केट में सोने की कीमतों में जहां नरमी देखी गई है, वहीं चांदी की चमक थोड़ी बढ़ती हुई नजर आ रही है। अगर आप भी सोने या चांदी में निवेश करने की सोच रहे हैं या गहने खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो आपके लिए ताजा रेट्स और बाजार का मूड समझना बहुत जरूरी है। इंटरनेशनल मार्केट से आ रहे संकेत बता रहे हैं कि जियोपॉलिटिकल तनाव और आर्थिक बदलावों का असर अब सीधे कीमती धातुओं की कीमतों पर पड़ रहा है।
इंटरनेशनल स्पॉट मार्केट में आज सोने के दाम 0.82 पर्सेंट गिरकर 4,692 डॉलर प्रति औंस पर आ गए हैं। इसके पीछे सबसे बड़ी वजह डॉलर का मजबूत होना और ईरान संकट को लेकर बनी अनिश्चितता बताई जा रही है। जब भी अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर मजबूत होता है, तो अक्सर सोने की कीमतों में गिरावट देखने को मिलती है। हालांकि चांदी के बाजार में हल्की रौनक बनी हुई है और यह 0.73 पर्सेंट की बढ़त के साथ 81.45 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही है। इसके अलावा कच्चे तेल की ऊंची कीमतों ने भी निवेशकों के बीच हलचल बढ़ा दी है।
भारत के घरेलू बाजार यानी एमसीएक्स पर भी सोने और चांदी की चाल दिलचस्प बनी हुई है। शुक्रवार के सत्र में सोने का वायदा भाव मामूली बढ़त के साथ 1,52,589 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। वहीं चांदी की कीमतों में 1.34 पर्सेंट की अच्छी तेजी दर्ज की गई थी। भारत में सोने की कीमतें उसकी शुद्धता के आधार पर तय होती हैं। आज के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, 24 कैरेट सोना, जिसे सबसे शुद्ध माना जाता है, उसका भाव 1,52,340 रुपये प्रति 10 ग्राम है। वहीं 22 कैरेट सोने की कीमत 1,39,640 रुपये और 18 कैरेट सोने का भाव 1,14,250 रुपये प्रति 10 ग्राम चल रहा है।
बाजार के जानकारों का कहना है कि आने वाले समय में बुलियन की चाल पूरी तरह से ग्लोबल खबरों पर टिकी रहेगी। इसमें सबसे महत्वपूर्ण अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली बातचीत है। अगर इन दोनों देशों के बीच तनाव और ज्यादा बढ़ता है, तो सोने की कीमतों में एक बार फिर बड़ा उछाल आ सकता है क्योंकि संकट के समय निवेशक सोने को सबसे सुरक्षित मानते हैं। इसके उलट अगर बातचीत के जरिए कोई समाधान निकलता है, तो कीमतों में स्थिरता आने की उम्मीद है। इसके साथ ही कच्चे तेल की कीमतों में होने वाला उतार-चढ़ाव भी सोने की चाल तय करने में बड़ी भूमिका निभाएगा।
ऑगमोंट बुलियन की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, हॉर्मुज जलडमरूमध्य में जारी तनाव के बाद भी निवेशकों को उम्मीद है कि मामला डिप्लोमैटिक तरीके से सुलझ जाएगा। इसी उम्मीद की वजह से कच्चे तेल के दाम थोड़े नीचे आए हैं, जिससे महंगाई का दबाव कुछ कम हुआ है। रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि सोने के लिए अगला रेजिस्टेंस लेवल 4,800 से 4,850 डॉलर के आसपास हो सकता है, जो भारतीय बाजार के हिसाब से करीब 1.55 लाख रुपये बैठता है। चांदी ने पहले ही अपने 82 डॉलर के लक्ष्य को छू लिया है और अब इसके 85 डॉलर यानी करीब 2.70 लाख रुपये तक जाने की संभावना जताई जा रही है।
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