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  1. फॉरेक्स रिजर्व मजबूत, लेकिन खर्च पर लगाम क्यों? समझिए PM मोदी की अपील के क्या हैं मायने

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फॉरेक्स रिजर्व मजबूत, लेकिन खर्च पर लगाम क्यों? समझिए PM मोदी की अपील के क्या हैं मायने

Shubham Singh Thakur

3 min read | अपडेटेड May 11, 2026, 12:57 IST

सारांश

हैदराबाद में एक रैली के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि गैर-जरूरी खर्च जैसे सोना खरीदना और विदेश यात्रा कम करने से देश का पैसा बाहर जाने से बचेगा। उन्होंने इसे “आर्थिक देशभक्ति” बताया और कहा कि हर नागरिक को इसमें हिस्सा लेना चाहिए।

PM Modi

भारत दुनिया में सबसे ज्यादा सोना आयात करने वाले देशों में से एक है। (Image: AI Generated))

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से अपील की है कि अगले एक साल तक सोना खरीदने और विदेश घूमने जैसे खर्च टाल दें। उन्होंने कहा कि इससे देश की विदेशी मुद्रा (Foreign Exchange) बचाई जा सकेगी, क्योंकि दुनिया में इस समय अनिश्चितता बढ़ी हुई है। खासतौर पर वेस्ट एशिया में चल रहे तनाव, महंगे तेल और सप्लाई चेन की दिक्कतों की वजह से लोगों से यह अपील की गई है।

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पीएम मोदी ने यह अपील क्यों की?

हैदराबाद में एक रैली के दौरान उन्होंने कहा कि गैर-जरूरी खर्च जैसे सोना खरीदना और विदेश यात्रा कम करने से देश का पैसा बाहर जाने से बचेगा। उन्होंने इसे “आर्थिक देशभक्ति” बताया और कहा कि हर नागरिक को इसमें हिस्सा लेना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने, पब्लिक ट्रांसपोर्ट इस्तेमाल करने, वर्क फ्रॉम होम अपनाने और स्वदेशी चीजों को बढ़ावा देने की भी बात कही।

सोना क्यों मुद्दा है?

भारत दुनिया में सबसे ज्यादा सोना आयात करने वाले देशों में से एक है। हम ज्यादातर सोना विदेश से डॉलर में खरीदते हैं, जिससे देश की विदेशी मुद्रा पर दबाव पड़ता है। इसी तरह, भारत अपनी करीब 85% तेल जरूरत भी बाहर से पूरी करता है। जब तेल महंगा होता है, तो डॉलर में ज्यादा पैसा देना पड़ता है। ऐसे में अगर लोग सोना कम खरीदेंगे, तो देश का इंपोर्ट बिल घटेगा और रुपये पर दबाव कम होगा।

फायदा क्या होगा?

अगर सोने जैसी चीजों का आयात कम होगा, तो देश का पैसा (डॉलर) बचेगा, रुपये की वैल्यू स्थिर रहेगा, व्यापार घाटा (Trade Deficit) कम होगा और आर्थिक संकट के समय देश ज्यादा मजबूत रहेगा।

भारत की स्थिति मजबूत

कहा जा रहा है कि पीएम की यह अपील एहतियात के तौर पर है, लेकिन भारत की स्थिति अभी मजबूत है। भारतीय रिजर्व बैंक के मुताबिक मार्च 2026 तक भारत के पास करीब 691 अरब डॉलर का विदेशी मुद्रा भंडार है, जो लगभग 11 महीने के आयात के लिए काफी है। इसके अलावा भारत के पास करीब 880 टन सोना भी रिजर्व में है, और RBI पिछले कुछ समय से अपना सोना देश के अंदर ही स्टोर कर रहा है ताकि सुरक्षा बढ़े।

भारत के पास कैसे आता है विदेशी मुद्रा

भारत के पास विदेशी मुद्रा मुख्य रूप से निर्यात, विदेशी निवेश (FDI/FPI) और विदेशी प्रेषण (Remittances) के माध्यम से आती है। भारत जब अन्य देशों को सामान बेचता है, तो भुगतान विदेशी मुद्रा में मिलता है। इसके अलावा विदेश में रहने वाले भारतीय नागरिक जब अपने परिवारों को पैसे भेजते हैं, तो वह देश के लिए विदेशी मुद्रा का एक बड़ा स्रोत बनता है। RBI इन सभी स्रोतों से प्राप्त विदेशी मुद्रा को देश के विदेशी मुद्रा भंडार के रूप में प्रबंधित करता है।

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