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  1. ₹19,000 करोड़ के प्रोत्साहन ने दिया बड़ा रिटर्न, मोबाइल PLI से टैक्स में ₹3.25 लाख करोड़ की कमाई

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₹19,000 करोड़ के प्रोत्साहन ने दिया बड़ा रिटर्न, मोबाइल PLI से टैक्स में ₹3.25 लाख करोड़ की कमाई

Upstox

3 min read | अपडेटेड October 28, 2026, 12:56 IST

सारांश

सरकार ने इस योजना के तहत 19,000 करोड़ रुपये का प्रोत्साहन दिया और इसके बदले लाभार्थियों से 25,000 करोड़ रुपये डायरेक्ट टैक्स और तीन लाख करोड़ रुपये माल एवं सेवा कर (जीएसटी) के रूप में हासिल किए।

मोबाइल पीएलआई स्कीम

मोबाइल पीएलआई पर 19,000 करोड़ रुपये के प्रोत्साहन के बदले सरकार को टैक्स से मिले 3.25 लाख करोड़ रुपये (Photo: Shutterstocks)

सरकार ने मोबाइल फोन इंडस्ट्री को 19,000 करोड़ रुपये का उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (Production-linked Incentive, PLI) देने के बदले इस सेक्टर से कुल 3.25 लाख करोड़ रुपये टैक्स के रूप में जुटाए हैं। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बुधवार को इसको लेकर डेटा शेयर किया, जिसके मुताबिक सरकार ने इस योजना के तहत 19,000 करोड़ रुपये का प्रोत्साहन दिया और इसके बदले लाभार्थियों से 25,000 करोड़ रुपये डायरेक्ट टैक्स और तीन लाख करोड़ रुपये माल एवं सेवा कर (जीएसटी) के रूप में हासिल किए। वैष्णव ने कहा, 'इलेक्ट्रॉनिक्स मैनुफैक्चरिंग सेक्टर में 25 लाख लोगों को रोजगार मिलता है। केवल मोबाइल मैनुफैक्चरिंग सेक्टर में 12 लाख लोग काम करते हैं। अब और ज्यादा कोशिश करें।'

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मंत्री की यह 'पोस्ट' एक मीडिया टिप्पणी वाले वीडियो के जवाब में आई। इस वीडियो में पब्लिक फंड से सब्सिडी देकर इलेक्ट्रॉनिक्स मैनुफैक्चरिंग को बढ़ावा देने की भारत की कोशिश की खामियों का दावा किया गया था और इसकी तुलना चीन में मौजूद परिवेश से की गई थी। वीडियो के मुताबिक, सब्सिडी की मदद से टैक्सपेयर्स के पैसे से बनाए गए तैयार मोबाइल फोन के निर्यात से भारत को जितना फायदा होता है, उससे अधिक खर्च उसे कलपुर्जों के आयात पर करना पड़ता है।

सरकार द्वारा मार्च में शेयर किए गए आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, भारत ने फाइनेंशियल ईयर 2024-25 में दो लाख करोड़ रुपये वैल्यू के मोबाइल फोन का निर्यात किया। देश में मोबाइल फोन का आयात 2024-25 में घरेलू मांग का लगभग 0.02% रह गया, जबकि 10 साल पहले यह 75% था। इलेक्ट्रॉनिक सामान का उत्पादन 2014-15 के लगभग 1.9 लाख करोड़ रुपये से छह गुना बढ़कर 2024-25 में करीब 11.3 लाख करोड़ रुपये हो गया। इसी पीरियड में मोबाइल फोन का उत्पादन लगभग 0.18 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर करीब 5.5 लाख करोड़ रुपये हो गया। इलेक्ट्रॉनिक सामान का निर्यात भी 10 साल पहले के 0.38 लाख करोड़ रुपये से आठ गुना बढ़कर 2024-25 में करीब 3.3 लाख करोड़ रुपये हो गया।

सरकार ने अब मोबाइल फोन के स्थानीय उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए 62,500 करोड़ रुपये के कुल प्रोत्साहन वाली मोबाइल फोन विनिर्माण योजना (एमपीएमएस) शुरू की है। इस योजना का उद्देश्य ऐसे भारतीय स्मार्टफोन विकसित करना है, जिनका डिजाइन और विनिर्माण देश में ही किया जाएगा।वैष्णव ने भारतीय स्मार्टफोन ब्रांड के लक्ष्य को पूरा करने के लिए अक्टूबर 2028 की समयसीमा तय की है।

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Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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