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  1. Gold-Silver Price: गिरावट के बीच सोने के 2026 के अनुमान में कटौती, जानें चांदी पर एक्सपर्ट्स की क्या है राय

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Gold-Silver Price: गिरावट के बीच सोने के 2026 के अनुमान में कटौती, जानें चांदी पर एक्सपर्ट्स की क्या है राय

Shubham Singh Thakur

4 min read | अपडेटेड October 28, 2026, 08:16 IST

सारांश

सोने को केंद्रीय बैंकों की लगातार खरीदारी और भारत तथा चीन में सोने की भौतिक मांग से भी सहारा मिल रहा है। जब केंद्रीय बैंक सोना खरीदते हैं, तो इससे बाजार को संकेत मिलता है कि वे अपने विदेशी मुद्रा भंडार और निवेश के जोखिम को कम करने के लिए सोने को महत्व दे रहे हैं।

Gold Silver

Gold-Silver: चांदी पर ऊंची ब्याज दरों के अलावा औद्योगिक मांग में कमजोरी का भी असर पड़ रहा है।

Gold-Silver Price: सोना या चांदी खरीदने की तैयारी कर रहे है लोगों के लिए जरूरी खबर है। दोनों धातुओं की कीमतों में आज 28 अक्तूबर को गिरावट नजर आ रही है। bullion.co.in के अनुसार आज 24 कैरेट वाले 10 ग्राम सोने की कीमत 144,490 रुपये पर आ गई है। दूसरी तरफ चांदी भी 197,040 रुपये प्रति किलो के स्तर तक लुढ़क गई है। पिछले 1 हफ्ते में सोने में 1.28 फीसदी और चांदी में करीब 6 फीसदी की गिरावट आ चुकी है। आज COMEX बाजार में सोने की कीमत 0.30 फीसदी घटकर 4,062.50 डॉलर प्रति औंस पर आ गई। वहीं, चांदी की कीमत 0.55 फीसदी गिरकर 54.22 डॉलर प्रति औंस रह गई।
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सोने पर कमजोर हुआ एक्सपर्ट्स का भरोसा

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक विश्लेषकों ने 2026 में सोने की कीमत को लेकर अपना अनुमान लगातार दूसरी तिमाही में घटा दिया है। इसकी मुख्य वजह अमेरिका में ट्रेजरी बॉन्ड पर ज्यादा ब्याज मिलना, डॉलर का मजबूत होना और ब्याज दरों के लंबे समय तक ऊंचे बने रहने की उम्मीद है।

रॉयटर्स के 30 विश्लेषकों और कारोबारियों के सर्वे के अनुसार 2026 में सोने की औसत कीमत 4495 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस रहने का अनुमान है। इससे पहले यह अनुमान 4,509 डॉलर था। हालांकि, 2027 में सोने की कीमत बढ़कर 4,650 डॉलर प्रति औंस होने की उम्मीद है। जनवरी में सोने की कीमत रिकॉर्ड 5,595 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गई थी, लेकिन अब यह गिरकर करीब 4,000 डॉलर के स्तर पर आ गई है।

चांदी को लेकर क्या है अनुमान?

चांदी की स्थिति सोने से कुछ अलग है। चांदी का इस्तेमाल निवेश के साथ-साथ उद्योगों में भी होता है, खासकर सोलर पैनल बनाने में। विश्लेषकों के अनुसार, 2027 में चांदी की औसत कीमत 66.75 डॉलर प्रति औंस रह सकती है, जबकि 2026 के लिए अनुमान 70.30 डॉलर था। फिलहाल इसकी कीमत करीब 53 डॉलर प्रति औंस बताई गई है। जनवरी में चांदी की कीमत रिकॉर्ड 121.60 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गई थी, लेकिन बाद में इसमें बड़ी गिरावट आई।

सोने-चांदी पर इन फैक्टर्स का दिख सकता है असर

ईरान युद्ध के कारण तेल की कीमतों और अमेरिकी बॉन्ड की यील्ड में बढ़ोतरी हुई है। इससे डॉलर मजबूत हुआ और सोने में निवेश का आकर्षण कम हुआ। सोना ब्याज नहीं देता, जबकि बॉन्ड जैसे निवेश विकल्पों से ब्याज मिलता है। इसलिए जब ब्याज दरें ऊंची रहती हैं, तो कुछ निवेशक सोने के बजाय दूसरे विकल्प चुनते हैं।

एक्सपर्ट्स को उम्मीद है कि आने वाले महीनों में सोने की कीमत फिर से संभल सकती है। आने वाले समय में निवेशकों का ध्यान डॉलर पर निर्भरता कम करने और मुद्राओं की खरीदने की क्षमता घटने की आशंका पर जा सकता है। इससे सोने की मांग बढ़ सकती है।

सोने को केंद्रीय बैंकों की लगातार खरीदारी और भारत तथा चीन में सोने की भौतिक मांग से भी सहारा मिल रहा है। जब केंद्रीय बैंक सोना खरीदते हैं, तो इससे बाजार को संकेत मिलता है कि वे अपने विदेशी मुद्रा भंडार और निवेश के जोखिम को कम करने के लिए सोने को महत्व दे रहे हैं। भारत और चीन में गहनों तथा निवेश के लिए सोने की मांग बनी रहने से भी इसकी कीमत को समर्थन मिल सकता है।

चांदी पर ऊंची ब्याज दरों के अलावा औद्योगिक मांग में कमजोरी का भी असर पड़ रहा है। सोलर पैनल उद्योग में जरूरत से ज्यादा आपूर्ति और चांदी की जगह दूसरे पदार्थों के इस्तेमाल से इसकी मांग प्रभावित हो सकती है। इसके अलावा, निवेशकों का भरोसा भी अभी कमजोर है।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

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