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  1. क्या पेट्रोल में 20% से ज्यादा मिलेगा एथेनॉल? हरदीप सिंह पुरी ने साफ किया सरकार का रुख

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क्या पेट्रोल में 20% से ज्यादा मिलेगा एथेनॉल? हरदीप सिंह पुरी ने साफ किया सरकार का रुख

Upstox

3 min read | अपडेटेड October 27, 2026, 18:14 IST

सारांश

पेट्रोल में 20% से अधिक एथेनॉल मिलाने की सरकार की फिलहाल कोई योजना नहीं है। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने साफ किया कि E20 पेट्रोल से इंजन खराब होने की बातें पूरी तरह मनगढ़ंत हैं। इस योजना से सरकार को 1.60 लाख करोड़ रुपये की बड़ी बचत हुई है।

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E10 में 10 फीसदी एथनॉल और E20 में 20 फीसदी एथनॉल होता है।

पेट्रोल में एथेनॉल मिलाने को लेकर केंद्रीय पेट्रोलियम और नेचुरल गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने स्थिति पूरी तरह साफ कर दी है। उन्होंने मंगलवार को कहा कि सरकार का फिलहाल पेट्रोल में एथेनॉल ब्लेंडिंग को मौजूदा 20% से आगे बढ़ाने का कोई इरादा नहीं है। उन्होंने कहा कि 20% ब्लेंडिंग ही सरकार का मुख्य लक्ष्य था और फिलहाल इसे और अधिक बढ़ाने की कोई जरूरत नहीं है। इसके साथ ही उन्होंने बायोफ्यूल और E20 पेट्रोल को लेकर फैलाई जा रही अफवाहों पर कड़ा रुख अपनाया और इसे पूरी तरह बनावटी नैरेटिव बताया।

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अफवाहों और भ्रामक जानकारियों पर दो टूक जवाब

साउथ गोवा के बेतुल गांव में आयोजित 29वें एनर्जी टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन मीट के उद्घाटन के दौरान केंद्रीय मंत्री ने यह बातें कहीं। तीन दिन चलने वाले इस कार्यक्रम का आयोजन पेट्रोलियम और नेचुरल गैस मंत्रालय द्वारा किया गया है। हरदीप सिंह पुरी ने सोशल मीडिया पर चल रही उन पोस्ट्स का जिक्र किया, जिनमें दावा किया जा रहा था कि E20 पेट्रोल से गाड़ियां बंद पड़ रही हैं। उन्होंने साफ किया कि जो गाड़ियां इस फ्यूल के अनुकूल हैं, वे सड़कों पर बिल्कुल सही चल रही हैं। उन्होंने बताया कि साल 2003 से पहले बनी पुरानी गाड़ियों में कुछ परेशानियां जरूर आई थीं, लेकिन नई गाड़ियों के साथ ऐसी कोई बात नहीं है।

इंजन खराब होने के दावों को सिरे से नकारा

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देश भर में हर रोज करीब 6 करोड़ गाड़ियां पेट्रोल पंपों पर फ्यूल लेने आती हैं। अगर E20 पेट्रोल से गाड़ियों के इंजन सच में खराब हो रहे होते, तो सड़कों पर हर तरफ खराब गाड़ियां ही खड़ी मिलतीं। उन्होंने बताया कि इंजन डैमेज का दावा करने वाले एक व्यक्ति पर संबंधित ऑटोमोबाइल कंपनी ने कोर्ट में केस भी दर्ज कराया है। गाड़ियों में आई दिक्कतों के बारे में उन्होंने बताया कि असल समस्या फ्यूल के ट्रांसपोर्टेशन में थी। जिन टैंकरों से इसे लाया जा रहा था, उनका इस्तेमाल दूसरी चीजों के लिए भी हो रहा था, जिसकी वजह से कुछ दिक्कतें पैदा हुईं।

किसानों और देश की अर्थव्यवस्था को मिला बड़ा लाभ

हरदीप सिंह पुरी ने बताया कि E20 पेट्रोल के उपयोग से केंद्र सरकार को 1,60,000 करोड़ रुपये की भारी बचत हुई है। इसमें से 1,40,000 करोड़ रुपये सीधे किसानों के हाथों में पहुंचे हैं। इस तरह देश के किसान अन्नदाता के साथ ऊर्जादाता भी बन चुके हैं। सरकार का मकसद विदेशों से महंगे कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता घटाना और चालू खाता घाटे को कम करना है। वर्तमान में देश में E20 फ्यूल उपलब्ध है, जिसमें 20% एथेनॉल और 80% पेट्रोल मिलाया जाता है।

फ्लेक्स फ्यूल गाड़ियों के लिए तैयार हो रहा नया बाजार

केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय ने सेंट्रल मोटर व्हीकल रूल्स 1989 में बदलाव कर फ्लेक्स-फ्यूल गाड़ियों को मंजूरी दे दी है, जो E100 यानी लगभग शुद्ध एथेनॉल पर भी चल सकती हैं। ये फ्लेक्स-फ्यूल गाड़ियां सामान्य पेट्रोल गाड़ियों से बिल्कुल अलग होती हैं और E85 तथा E100 जैसे अधिक एथेनॉल मिश्रण पर चलने में पूरी तरह सक्षम हैं। टोयोटा मोटर कॉर्पोरेशन, टाटा मोटर्स और हुंडई मोटर कंपनी जैसी प्रमुख ऑटोमोबाइल कंपनियां भी भारतीय बाजार के लिए फ्लेक्स-फ्यूल गाड़ियां तैयार कर रही हैं, ताकि देश का कच्चा तेल आयात बिल और कम किया जा सके।

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Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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