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  1. सोने की कीमतों से बहुत आगे की वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल ने दे दी रिपोर्ट, इसमें ETF और डिजिटल गोल्ड का भी जिक्र

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सोने की कीमतों से बहुत आगे की वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल ने दे दी रिपोर्ट, इसमें ETF और डिजिटल गोल्ड का भी जिक्र

Upstox

3 min read | अपडेटेड October 26, 2026, 14:00 IST

सारांश

दिवाली और शादियों के सीजन से पहले सोने के खरीदारों के लिए अच्छी खबर है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की रिपोर्ट के मुताबिक कीमतों में कमी से बाजार खरीदारों के अनुकूल हो गया है। घरेलू बाजार में डिस्काउंट घटकर 8 डॉलर रह गया है और हल्की ज्वेलरी की मांग में तेजी आई है।

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त्योहारी सीजन से पहले सोने के खरीदारों के लिए राहत भरी खबर है।

दिवाली और शादियों के सीजन की शुरुआत के साथ सोना खरीदने वालों के लिए राहत भरी खबर आई है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल यानी डब्ल्यूजीसी की ताजा रिपोर्ट 'सीजनल डिमांड शोज अर्ली स्ट्रेंथ' के मुताबिक भारतीय सर्राफा बाजार अब खरीदारों के अनुकूल हो गया है। रिसर्च हेड कविता चाको की इस रिपोर्ट में बताया गया है कि सितंबर के उच्चतम स्तर से सोने की कीमतें घटी हैं, डिस्काउंट कम हुआ है और मांग बढ़ी है। हालांकि ऊंचे भाव से खरीदारी का वॉल्यूम सीमित रह सकता है।

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सितंबर की तेज गिरावट के बाद स्थिर हुईं कीमतें

अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड और मजबूत डॉलर के दबाव में सितंबर में वैश्विक सोना 8.5% गिरकर 4,176 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुआ। वहीं घरेलू स्तर पर रुपये की कमजोरी से कीमतें 4.8% गिरकर 1,47,613 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गईं। इसके बाद अक्टूबर में कीमतें दायरे में बनी रहीं। अक्टूबर मध्य तक रुपये में मजबूती से घरेलू भाव करीब 1% और नीचे आए हैं, जिससे ग्राहकों को खरीदारी का अच्छा मौका मिला है।

त्योहारी मांग मजबूत होने से घरेलू सोने पर मिलने वाला डिस्काउंट तेजी से घटा है। सितंबर में सोने पर औसतन 66 डॉलर प्रति औंस का डिस्काउंट मिल रहा था, जो 16 अक्टूबर तक सिमटकर 8 डॉलर प्रति औंस रह गया। WGC के अनुसार डिस्काउंट बने रहना बताता है कि पुराने सोने और अन्य माध्यमों से घरेलू बाजार में सप्लाई अच्छी है। खरीदारों के लिए अब छूट कम हुई है, लेकिन मांग मजबूत बनी हुई है।

हल्की ज्वेलरी की मांग में आई जोरदार तेजी

त्योहारों से ज्वेलरी की मांग तेज हुई है। कीमतों में कमी से मैन्युफैक्चरर्स को नए ऑर्डर मिल रहे हैं और स्टोर्स में ग्राहकों की भीड़ बढ़ी है। ज्वेलर्स हल्के वजन और नए डिजाइन वाले गहनों पर ज्यादा फोकस कर रहे हैं। पुराने सोने को बदलकर नए गहने लेने का चलन भी खूब बढ़ा है। वहीं लिस्टेड ज्वेलर्स ने सितंबर तिमाही में 20 से 30% की रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की और 42 नए स्टोर्स जोड़े। हालांकि सिक्कों और बार्स की मांग थोड़ी सुस्त पड़ी है।

गोल्ड ईटीएफ में निवेश बढ़ा

सितंबर में भारतीय गोल्ड ईटीएफ में 44.5 अरब रुपये का निवेश आया, जो सात महीनों का सबसे ऊंचा स्तर है। इससे कुल होल्डिंग 124 टन पहुंच गई। अक्टूबर के पहले पखवाड़े में भी करीब 17.22 अरब रुपये का इनफ्लो आया। वहीं एक नया नियम लागू हुआ है जिसके तहत 16 अक्टूबर 2026 से गोल्ड फंड ऑफ फंड्स में नए निवेश पर अस्थायी रोक लगा दी गई है ताकि सोने का आयात नियंत्रित हो सके। हालांकि पुरानी एसआईपी और सीधे गोल्ड ईटीएफ में निवेश जारी रहेगा।

सिक्कों के मुकाबले डिजिटल गोल्ड में लोगों की दिलचस्पी बढ़ी है। सितंबर में 25.9 अरब रुपये का डिजिटल गोल्ड खरीदा गया, जो पिछले साल से 83% ज्यादा है। इस साल अब तक 16.3 टन डिजिटल गोल्ड खरीदा जा चुका है। दूसरी तरफ सितंबर में सोने का आयात घटकर 1.8 अरब डॉलर रह गया, जो मार्च 2024 के बाद का निचला स्तर है। डब्ल्यूजीसी का मानना है कि आने वाला त्योहारी और शादियों का सीजन सोने की खरीदारी के लिए काफी अनुकूल माहौल देगा।

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Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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