return to news
  1. 1 जून से इस राज्य में फ्यूल हो सकता है 'गुल', पेट्रोल पंप ऑपरेटरों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल को लेकर चेताया, क्या रखीं मांगें?

बिजनेस न्यूज़

1 जून से इस राज्य में फ्यूल हो सकता है 'गुल', पेट्रोल पंप ऑपरेटरों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल को लेकर चेताया, क्या रखीं मांगें?

Upstox

3 min read | अपडेटेड May 27, 2026, 14:34 IST

सारांश

मंगलवार को एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप और 1 जून से पहले बैठक की मांग की। एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह भाटी ने आरोप लगाया कि बार-बार पत्र और ई-मेल भेजने के बावजूद प्रमुख सचिव स्तर पर कोई बैठक नहीं हुई।

पेट्रोल-डीजल

राजस्थान में 1 जून से पड़ सकती है पेट्रोल-डीजल की किल्लत (Photo: Shutterstock)

राजस्थान पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि अगर राज्य सरकार ने फ्यूल प्राइस मूल्य निर्धारण, सप्लाई की कमी और डीलरों पर की जा रही प्रशासनिक कार्रवाई से जुड़े उनके मुद्दों का समाधान नहीं किया, तो 1 जून से राज्यभर में पेट्रोल पंप ऑपरेटर्स अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। एसोसिएशन की प्रमुख मांगों में मूल्य वर्धित कर (Value Added Tax, VAT) में कमी भी शामिल है। मंगलवार को एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप और 1 जून से पहले बैठक की मांग की। एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह भाटी ने आरोप लगाया कि बार-बार पत्र और ई-मेल भेजने के बावजूद प्रमुख सचिव स्तर पर कोई बैठक नहीं हुई।

Open FREE Demat Account within minutes!
Join now

उन्होंने कहा, ‘सबसे बड़ी समस्या पेट्रोल और डीजल की सप्लाई बाधित होना है। राज्य में कई पेट्रोल पंप रोजाना सूखे पड़े रहते हैं।’ एसोसिएशन के अनुसार, पेट्रोलियम कंपनियों ने मौखिक निर्देशों, व्हॉट्सएप मैसेजेस और मोबाइल कम्युनिकेशन के जरिए फ्यूल सप्लाई पर सीमा तय कर दी है। डीलरों ने आरोप लगाया कि निर्धारित सीमा से अधिक ईंधन देने वाले पंप ऑपरेटरों पर बिक्री निलंबन और नोटिस जारी करने जैसी कार्रवाई की जा रही है, जिससे उपभोक्ताओं में भ्रम और पेट्रोल पंप पर भीड़ बढ़ रही है।

एसोसिएशन ने यह भी नाराजगी जताई कि पेट्रोलियम मार्केटिंग कंपनियां ऊंचे दामों के कारण कमजोर मांग के बावजूद डीलरों पर ब्रांडेड ईंधन बेचने का दबाव बना रही हैं। भाटी ने किसानों को बुवाई सीजन से पहले ड्रम में डीजल आपूर्ति पर लगी पाबंदी पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा, ‘ये प्रतिबंध मानसून और कृषि कामों के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में गंभीर समस्या पैदा कर सकते हैं।’ एसोसिएशन ने प्रधानमंत्री के दौरे और सरकारी रैलियों के दौरान क्रेडिट पर दिए गए ईंधन के बकाया भुगतान का मुद्दा भी उठाया। आरोप लगाया गया कि लाखों रुपये के बकाया अब तक साफ नहीं किए गए हैं, जिससे डीलरों पर वित्तीय दबाव बढ़ गया है।

भाटी ने सरकार पर बायोडीजल और बेस ऑयल के अवैध व्यापार पर कार्रवाई न करने का भी आरोप लगाया। एसोसिएशन की प्रमुख मांगों में पेट्रोल और डीजल पर वैट में कमी शामिल है। भाटी ने कहा, ‘राजस्थान में ऊंचे वैट के कारण देश में सबसे अधिक ईंधन कीमतें हैं। कर दरों को पंजाब के बराबर लाया जाना चाहिए और इसमें कम से कम 5% की कटौती की जानी चाहिए।’ उन्होंने दावा किया कि राजस्थान में सीएनजी की कीमतें हरियाणा और पंजाब से अधिक हैं और जिलों में कीमतों में भारी अंतर उपभोक्ताओं में असंतोष पैदा कर रहा है। भाटी ने कहा, ‘अगर जल्द समाधान नहीं निकला तो राजस्थान भर के पेट्रोल पंप ऑपरेटर्स 1 जून से हड़ताल करने को मजबूर होंगे।’

PTI इनपुट के साथ

लेखकों के बारे में

Upstox
Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

अगला लेख