बिजनेस न्यूज़
.png)
3 min read | अपडेटेड June 25, 2026, 08:47 IST
सारांश
वैश्विक बाजार में डॉलर की मजबूती और अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाए जाने की उम्मीदों के बीच सोने और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट जारी है। दिल्ली में सोना 1,200 रुपये गिरकर 1.48 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ गया, जबकि चांदी में 4,000 रुपये प्रति किलोग्राम की बड़ी गिरावट दर्ज की गई।

भारतीय बाजार में आज सोने और चांदी की कीमतों में हलचल देखी जा रही है।
घरेलू सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट का सिलसिला लगातार जारी है। वैश्विक स्तर पर कमजोर रुख और अमेरिकी डॉलर की मजबूती के कारण भारतीय बाजारों में भी कीमती धातुओं के दाम तेजी से नीचे आ रहे हैं। दिल्ली के सर्राफा बाजार में जहां सोने के दाम में बड़ी गिरावट देखी गई है, वहीं चांदी की कीमतों में भी भारी कमजोरी दर्ज की गई है। इस बड़ी गिरावट के बाद सोना और चांदी अपने रिकॉर्ड स्तरों से काफी नीचे कारोबार कर रहे हैं, जिससे खरीदारों और निवेशकों को एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है।
ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के मुताबिक, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में बुधवार को सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट आई। सोना 1,200 रुपये प्रति 10 ग्राम टूटकर 1,48,100 रुपये पर बंद हुआ, जबकि इससे पिछले सत्र में यह 1,49,300 रुपये प्रति 10 gram पर बंद हुआ था। बाजार के जानकारों का कहना है कि दुनिया भर में सोने की मांग कमजोर होने और डॉलर इंडेक्स के मजबूत होने से घरेलू बाजार पर सीधा दबाव पड़ रहा है।
सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी भारी बिकवाली देखने को मिल रही है। बुधवार को चांदी के दाम 4,000 रुपये गिरकर 2,31,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गए। इससे पिछले ट्रेडिंग सत्र में चांदी की कीमतों में 10,500 रुपये की बड़ी एक दिवसीय गिरावट देखी गई थी। लगातार दूसरे दिन आई इस बड़ी गिरावट के कारण चांदी अब अप्रैल के शुरुआती हफ्तों के निचले स्तर पर पहुंच गई है। वैश्विक बाजार की बात करें तो चांदी इस समय जनवरी में बने अपने रिकॉर्ड हाई 121 डॉलर प्रति आउंस के मुकाबले आधे से भी कम कीमत पर ट्रेड कर रही है।
इंटरनेशनल मार्केट में भी सोने की कीमतों में सुधार के कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं। वैश्विक बाजार में स्पॉट गोल्ड इस समय जनवरी के अपने ऑल-टाइम हाई 5,594.82 डॉलर प्रति आउंस के मुकाबले 1,500 डॉलर से ज्यादा नीचे आ चुका है। बढ़ती ब्याज दरों की आशंका और मजबूत होते अमेरिकी डॉलर के कारण निवेशक कीमती धातुओं से दूरी बना रहे हैं, जिससे बाजार का सेंटिमेंट पूरी तरह से बदल गया है।
मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, सोने और चांदी की कीमतों में आ रही इस गिरावट के पीछे कई बड़े वैश्विक कारण हैं। अमेरिकी फेडरल रिजर्व की हालिया बैठक के बाद यह संकेत मिले हैं कि सेंट्रल बैंक आने वाले समय में ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर सकता है। ट्रेडर्स अब सितंबर के महीने में ही ब्याज दरें बढ़ने की उम्मीद जता रहे हैं। इसके अलावा, अमेरिकी डॉलर इस समय अपने 13 महीने के उच्चतम स्तर के करीब कारोबार कर रहा है। डॉलर के मजबूत होने से विदेशी खरीदारों के लिए सोना खरीदना काफी महंगा हो जाता है। साथ ही, ईरान के साथ चल रही शांति वार्ता को लेकर बाजार में अनिश्चितता कम होने और युद्ध का डर घटने से भी सेफ-हेवन एसेट के रूप में सोने की डिमांड कम हुई है।
संबंधित समाचार
लेखकों के बारे में
.png)
अगला लेख
Ex-Dividend Date vs Record Date
What is the Nifty Construction Index? Constituents, Historical Performance, and Selection Criteria
Difference Between REITs and InvITs
Explore Learning Centre
All topics · stocks, MFs, derivatives, IPOs