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  1. क्वॉलिटी कंट्रोल ऑर्डर हटने से क्यों भारतीय स्टील इंडस्ट्री में उथल-पुथल? चीन पर निर्भरता बढ़ने से MSMEs परेशान

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क्वॉलिटी कंट्रोल ऑर्डर हटने से क्यों भारतीय स्टील इंडस्ट्री में उथल-पुथल? चीन पर निर्भरता बढ़ने से MSMEs परेशान

Upstox

3 min read | अपडेटेड June 25, 2026, 12:13 IST

सारांश

एमएसएमई यूनिटों ने मिनिस्ट्री को भेजे लेटर में कहा है कि मौजूदा परिस्थितियों में निवेश और रोजगार दोनों जोखिम में हैं। संगठनों ने कहा कि चीनी स्टेनलेस स्टील प्रोडक्ट्स बेहद कम कीमतों पर भारतीय बाजार में आ रहे हैं, जिससे घरेलू विनिर्माताओं के लिए असमान प्रतिस्पर्धी माहौल बन रहा है।

स्टील सेक्टर

क्यूसीओ हटने से बढ़ा स्टेनलेस स्टील आयात, एमएसएमई की सरकार से इसे फिर लागू करने की मांग

स्टेनलेस स्टील सेक्टर के 100 से अधिक सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों (Micro, Small & Medium Enterprises, MSME) ने सरकार से गुणवत्ता नियंत्रण आदेश (Quality Control Order, QCO) को फिर से लागू करने की मांग की है। उनका कहना है कि आदेश हटाए जाने के बाद चीन से आयात में तेज वृद्धि हुई है। स्टील मिनिस्ट्री ने 27 अप्रैल को एक आदेश के जरिए विभिन्न स्टेनलेस स्टील प्रोडक्ट्स के लिए केवल भारतीय मानक ब्यूरो (Bureau of Indian Standards, BIS) प्रमाणित वस्तुओं के इस्तेमाल को अनिवार्य बनाने वाले क्यूसीओ को स्थगित कर दिया था। यह कदम डोमेस्टिक मैनुफैक्चरिंग के लिए कच्चे माल की उपलब्धता आसान बनाने और खास रूप से एमएसएमई इकाइयों पर अनुपालन बोझ कम करने के उद्देश्य से उठाया गया था।

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स्टेनलेस स्टील इंडस्ट्री के एमएसएमई ने हालांकि, आदेश स्थगित होने के बाद स्टेनलेस स्टील प्रोडक्ट्स के आयात में आई तेज वृद्धि पर चिंता जताई है। उद्योग संगठनों, स्टेनलेस स्टील इंडक्शन फर्नेस एसोसिएशन और स्टेनलेस स्टील री-रोलर्स एसोसिएशन ने स्टील मिनिस्ट्री को लिखे पत्र में कहा, ‘क्यूसीओ के स्थगन से चीन से कम कीमत वाले आयात का रास्ता खुल गया है। इससे घरेलू एमएसएमई विनिर्माताओं पर भारी दबाव पड़ रहा है और हजारों नौकरियों और भारतीय उद्यमियों द्वारा किए गए बड़े निवेश पर खतरा मंडरा रहा है।’

संगठनों ने सरकारी आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि अप्रैल 2026 में स्टेनलेस स्टील का आयात 1,01,252 मीट्रिक टन रहा, जो एक साल पहले के इसी महीने के 61,143 मीट्रिक टन की तुलना में 65% अधिक है। मार्च 2026 के 59,917 मीट्रिक टन की तुलना में अप्रैल में आयात 69% बढ़ा। उद्योग संगठनों के सदस्यों ने आगाह किया कि अगर सरकार ने इसमें हस्तक्षेप नहीं किया तो आयात के आंकड़े आगे भी बढ़ सकते हैं।

एमएसएमई यूनिटों ने मिनिस्ट्री को भेजे लेटर में कहा है कि मौजूदा परिस्थितियों में निवेश और रोजगार दोनों जोखिम में हैं। संगठनों ने कहा कि चीनी स्टेनलेस स्टील प्रोडक्ट्स बेहद कम कीमतों पर भारतीय बाजार में आ रहे हैं, जिससे घरेलू विनिर्माताओं के लिए असमान प्रतिस्पर्धी माहौल बन रहा है। भारतीय कंपनियां गुणवत्ता मानकों, पर्यावरणीय नियमों और रोजगार संबंधी दायित्वों का पालन करती हैं, जबकि आयातित उत्पाद इन मानकों पर खरे नहीं उतरते। स्टेनलेस स्टील इंडक्शन फर्नेस एसोसिएशन के एक सदस्य ने कहा, ‘मेक इन इंडिया पहल के तहत घरेलू विनिर्माण को मजबूत करने की सरकारी नीति और प्रतिबद्धता पर भरोसा करते हुए अनेक एमएसएमई इकाइयों ने क्षमता विस्तार, टेक अपग्रेडेशन, गुणवत्ता सुधार और रोजगार सृजन में भारी निवेश किया है।’

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Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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