बिजनेस न्यूज़
.png)
3 min read | अपडेटेड May 15, 2026, 07:30 IST
सारांश
Petrol Diesel Price: पीटीआई की खबर के मुताबिक आज से भारत में पेट्रोल और डीजल के दाम में बढ़ोतरी कर दी गई है। पेट्रोल और डीजल अब तीन-तीन रुपये प्रति लीटर महंगे हो गए हैं।

भारत में बढ़ाए गए पेट्रोल-डीजल के दामः PTI (Photo: Shutterstock)
Petrol Diesel Price Hike: पीटीआई की खबर के मुताबिक पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर दी गई है। शुक्रवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है, क्योंकि तेल कंपनियों ने ग्लोबल एनर्जी कीमतों में हुई वृद्धि का कुछ भार उपभोक्ताओं पर डालने का फैसला लिया है। दिल्ली में अब पेट्रोल की कीमत 97.77 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 99.67 रुपये प्रति लीटर होगी।
दिल्लीः 97.77 रुपये प्रति लीटर (3 रुपये की बढ़ोतरी)
कोलकाताः 108.74 रुपये प्रति लीटर (3.29 रुपये की बढ़ोतरी)
मुंबईः 106.68 रुपये प्रति लीटर (3.14 रुपये की बढ़ोतरी)
चेन्नईः 103.67 रुपये प्रति लीटर (2.83 रुपये की बढ़ोतरी)
दिल्लीः 90.67 रुपये प्रति लीटर (3 रुपये की बढ़ोतरी)
कोलकाताः 95.13 रुपये प्रति लीटर (3.11 रुपये की बढ़ोतरी)
मुंबईः 93.14 रुपये प्रति लीटर (3.11 रुपये की बढ़ोतरी)
चेन्नईः 95.25 रुपये प्रति लीटर (2.86 रुपये की बढ़ोतरी)
फरवरी के अंत में ईरान-अमेरिका-इजरायल युद्ध शुरू हुआ था, जिसमें कुछ समय के लिए युद्धविराम जरूर हुआ, लेकिन अमेरिका और ईरान अभी तक किसी समझौते पर पहुंच नहीं पाए हैं। वहीं होर्मुज स्ट्रेट पर नाकाबंदी भी जारी है। ग्लोबल एनर्जी संकट ने दुनिया भर में परेशानी खड़ी कर दी है। कच्चे तेल की लगातार बढ़ती कीमतों से भारत की ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) को काफी नुकसान उठाना पड़ रहा था।
पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने 12 मई को कहा था कि ग्लोबल एनर्जी संकट के बावजूद दो महीने के ईंधन भंडार के साथ भारत को सप्लाई को लेकर कोई चिंता नहीं है। हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी थी कि अगर कच्चे तेल की कीमतें इसी तरह ऊंची बनी रहीं और रिटेल कीमतों में बदलाव नहीं किया गया, तो सरकारी पेट्रोलियम कंपनियों को एक ही तिमाही में एक लाख करोड़ रुपये तक का नुकसान हो सकता है।
उन्होंने कहा कि एक लेवल पर इस बात का आकलन करना होगा कि पेट्रोलियम कंपनियां लागत से कम कीमत पर पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस (एलपीजी) कब तक बेच सकती हैं? हालांकि, उन्होंने कीमतों में बढ़ोतरी की किसी भी संभावना पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया था।
उन्होंने कहा था, ‘हमारे पास सप्लाई से जुड़ी कोई समस्या नहीं है।’ उन्होंने बताया कि भारत ने संकट की शुरुआत पर्याप्त भंडार के साथ की थी और तब से घरेलू एलपीजी उत्पादन को 36,000 टन से बढ़ाकर 54,000 टन प्रतिदिन कर दिया गया है। साथ ही, मंत्री ने खुदरा कीमतों को स्थिर रखने से बढ़ रहे वित्तीय दबाव को स्वीकार किया था। उन्होंने कहा, ‘मेरी पेट्रोलियम कंपनियों रोजाना 1,000 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है।’
उन्होंने बताया कि लागत और बिक्री मूल्य का कुल अंतर बढ़कर लगभग 1.98 लाख करोड़ रुपये हो गया है और एक तिमाही में एक लाख करोड़ रुपये का घाटा पूरे क्षेत्र के वार्षिक लाभ को खत्म कर सकता है।
पिछले 10 सप्ताह से पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बावजूद, सरकारी पेट्रोलियम विपणन कंपनियों - इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी), भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन (बीपीसीएल) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन (एचपीसीएल) ने बिना किसी रुकावट के सप्लाई सुनिश्चित की है।
संबंधित समाचार
लेखकों के बारे में
.png)
अगला लेख
How To Use Open Interest For Intraday Trading: Complete Guide
What Is Stop Loss In Trading? Meaning, Types, & How To Use It
What Is ICRA? Why Its Credit Ratings Matter To Investors
Explore Learning Centre
All topics · stocks, MFs, derivatives, IPOs