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  1. क्या पेट्रोल-डीजल के दाम सच में बढ़ने वाले हैं? सरकार ने दिया बड़ा बयान

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क्या पेट्रोल-डीजल के दाम सच में बढ़ने वाले हैं? सरकार ने दिया बड़ा बयान

Upstox

3 min read | अपडेटेड April 23, 2026, 12:45 IST

सारांश

पेट्रोलियम मंत्रालय ने उन खबरों को पूरी तरह से गलत बताया है जिनमें कहा जा रहा था कि पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने वाले हैं। मंत्रालय ने साफ किया है कि सरकार के पास फिलहाल ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है।

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क्या बढ़ सकते हैं भारत में पेट्रोल और डीजल के दाम?

पिछले कुछ दिनों से पेट्रोल और डीजल के दामों को लेकर बाजार में कई तरह की बातें हो रही थीं। अब भारत सरकार के पेट्रोलियम और नेचुरल गैस मंत्रालय ने इन सभी खबरों पर अपनी बात रखी है। मंत्रालय ने गुरुवार को उन मीडिया रिपोर्ट्स को पूरी तरह से 'फेक' यानी फर्जी बताकर खारिज कर दिया है, जिनमें यह कहा जा रहा था कि जल्द ही पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बड़ी बढ़ोतरी होने वाली है। सरकार ने साफ किया है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बावजूद भारत में फिलहाल दाम बढ़ाने का कोई इरादा नहीं है।

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मंत्रालय ने खबरों को बताया गुमराह करने वाला

पेट्रोलियम मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए अपनी बात जनता के सामने रखी। मंत्रालय ने कहा कि कुछ मीडिया रिपोर्ट्स पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने का दावा कर रही हैं, जो पूरी तरह से गलत है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि सरकार के पास कीमतों को बढ़ाने का ऐसा कोई भी प्रस्ताव फिलहाल विचार के लिए नहीं है। मंत्रालय के अनुसार ऐसी खबरें केवल नागरिकों के बीच डर और घबराहट का माहौल पैदा करने के लिए फैलाई जा रही हैं। इन्हें पूरी तरह से शरारतपूर्ण और जनता को गुमराह करने वाला बताया गया है।

पिछले 4 सालों से कीमतों में स्थिरता का दावा

इस स्पष्टीकरण के दौरान मंत्रालय ने एक बेहद अहम जानकारी भी साझा की। मंत्रालय का कहना है कि भारत दुनिया का इकलौता ऐसा देश है जहां पिछले 4 सालों के दौरान पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई इजाफा नहीं हुआ है। सरकार का दावा है कि भारत सरकार और सरकारी तेल कंपनियों ने मिलकर लगातार ऐसे प्रयास किए हैं जिससे देश के आम नागरिकों को अंतरराष्ट्रीय बाजार की महंगाई से दूर रखा जा सके। ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल के दाम चाहे जितने भी बढ़े हों, लेकिन सरकार ने अपनी नीतियों के जरिए इसका बोझ जनता पर नहीं पड़ने दिया है।

चुनाव के बाद दाम बढ़ने की खबरों पर विराम

यह पूरा मामला तब शुरू हुआ जब कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज के एक नोट का जिक्र किया गया था। इन रिपोर्ट्स में यह कहा जा रहा था कि 29 अप्रैल को विधानसभा चुनाव खत्म होते ही देश में तेल के दाम तेजी से बढ़ सकते हैं। रिपोर्ट में दावा किया गया था कि ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की ऊंची कीमतों की वजह से तेल कंपनियों पर बहुत ज्यादा दबाव है, जिसके चलते चुनाव के बाद कीमतों में सुधार किया जाएगा। हालांकि अब मंत्रालय ने इन सभी अटकलों पर पूरी तरह से विराम लगा दिया है और साफ कर दिया है कि चुनाव के बाद भी दाम बढ़ाने की कोई तैयारी नहीं है।

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Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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