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पेट्रोल-डीजल 10 दिन में चौथी बार हुआ महंगा, फिर भी पड़ोसी देशों से कम क्यों बढ़े दाम?

Upstox

3 min read | अपडेटेड May 25, 2026, 13:07 IST

सारांश

अगर दूसरे देशों से तुलना करें तो भारत की बढ़ोतरी काफी कम रही। म्यांमार में पेट्रोल लगभग 89.7% और डीजल 112.7% महंगा हुआ। वहीं पाकिस्तान में इस अवधि के दौरान पेट्रोल की कीमतों में 54.9% और डीजल की कीमतों में 44.9% की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

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हॉर्मुज संकट के दौरान सरकार और तेल कंपनियों ने उपभोक्ताओं पर पूरा बोझ नहीं डाला।

पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 10 दिन के अंदर चौथी बार बढ़ोतरी की गई है। हालांकि यह बढ़ोतरी सिर्फ भारत की बात नहीं है। कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया, जिसके चलते कई देशों में पेट्रोल और डीजल महंगे हो गए। अमेरिका और ईरान तनाव के बीच Strait of Hormuz बंद होने की वजह से कच्चा तेल की सप्लाई पर असर पड़ा है।

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भारत में कितना महंगा हुआ पेट्रोल-डीजल?

अमेरिका और ईरान के बीच हालिया युद्ध 28 फरवरी 2026 से शुरू हुआ है। दिलचस्प बात यह है कि भारत में इस दौरान पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी बाकी देशों के मुकाबले काफी कम रही। फरवरी से मई 2026 के बीच भारत में पेट्रोल करीब 7.7% और डीजल करीब 8.6% महंगा हुआ, जो वैश्विक औसत से काफी नीचे है।

अलग-अलग देशों में कितनी हुई बढ़ोतरी

अगर दूसरे देशों से तुलना करें तो भारत की बढ़ोतरी काफी कम रही। म्यांमार में पेट्रोल लगभग 89.7% और डीजल 112.7% महंगा हुआ। वहीं पाकिस्तान में इस अवधि के दौरान पेट्रोल की कीमतों में 54.9% और डीजल की कीमतों में 44.9% की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

इसके अलावा United Arab Emirates, फिलीपींस, श्रीलंका, नेपाल और दक्षिण अफ्रीका में भी 30% से 85% तक बढ़ोतरी हुई। दुनियाभर में औसतन पेट्रोल 22.4% और डीजल 27% महंगा हुआ। भारत के पड़ोसी देशों जैसे पाकिस्तान, नेपाल, श्रीलंका और म्यांमार में भी पेट्रोल भारत से महंगा बिक रहा है।

10 दिन में 4 बार बढ़ चुके हैं फ्यूल के दाम

सरकारी तेल कंपनियों यानी Indian Oil Corporation, Bharat Petroleum और Hindustan Petroleum ने 15, 19, 23 और 25 मई को चार बार कीमतें बढ़ाईं। दिल्ली में पेट्रोल 94.77 रुपये से बढ़कर 102.12 रुपये प्रति लीटर और डीजल 87.67 रुपये से बढ़कर 95.20 रुपये प्रति लीटर हो गया। यह करीब चार साल बाद पहली बड़ी बढ़ोतरी थी।

पड़ोसी देशों के मुकाबले कम क्यों बढ़े दाम?

भारत में कीमतें कम रखने की बड़ी वजह सरकार की टैक्स कटौती रही। नवंबर 2021 में केंद्र सरकार ने पेट्रोल पर 5 रुपये और डीजल पर 10 रुपये एक्साइज ड्यूटी घटाई थी। इसके बाद मई 2022, मार्च 2024 और अप्रैल 2025 में भी राहत दी गई। 27 मार्च 2026 को सरकार ने Special Additional Excise Duty (SAED) घटाई, जिससे पेट्रोल पर 10 रुपये प्रति लीटर की राहत मिली और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी शून्य कर दी गई। इससे सरकार पर करीब 30,000 करोड़ रुपये का बोझ पड़ा।

हॉर्मुज संकट के दौरान सरकार और तेल कंपनियों ने उपभोक्ताओं पर पूरा बोझ नहीं डाला। रिपोर्ट के मुताबिक इस दौरान कंपनियां करीब 1,000 करोड़ रुपये रोज का नुकसान झेल रही हैं। इसका मतलब है कि सरकार और कंपनियों ने कुछ नुकसान खुद सहा। भारत में राज्यों के हिसाब से पेट्रोल-डीजल की कीमतें अलग-अलग हैं क्योंकि हर राज्य अपना VAT लगाता है। जैसे Telangana और Kerala में पेट्रोल 114 रुपये प्रति लीटर से ऊपर है, जबकि Gujarat, Uttar Pradesh और Haryana में यह करीब 102 रुपये के आसपास है।

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Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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