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4 min read | अपडेटेड May 25, 2026, 11:55 IST
सारांश
वैश्विक संकट के चलते भारत में ईंधन की कीमतें आसमान छू रही हैं। पिछले 10 दिनों में पेट्रोल-डीजल के दाम चौथी बार बढ़े हैं। सीएनजी भी 4 रुपये प्रति किलोग्राम महंगी हो चुकी है। कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम मई में 993 रुपये बढ़ाए गए थे।

ईरान संकट और होर्मूज बंद होने से देश में पेट्रोल, डीजल, सीएनजी और एलपीजी के दामों में भारी बढ़ोतरी हुई है।
ईरान और इजरायल के बीच छिड़े युद्ध के बाद होर्मूज जलमार्ग बंद होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है। इसके चलते भारतीय तेल मार्केटिंग कंपनियों पर भारी दबाव बना और उन्होंने देश में पेट्रोल, डीजल, सीएनजी और एलपीजी के दामों में बड़ी बढ़ोतरी करना शुरू कर दिया है। आज यानी 25 मई को ईंधन की कीमतों में चौथी बार बड़ा उछाल आया है जिससे आम जनता की जेब पूरी तरह ढीली हो गई है। फरवरी 2026 में भारत का क्रूड ऑयल इंपोर्ट बास्केट जहां 69 डॉलर प्रति बैरल पर था, वहीं इस युद्ध के चलते यह अब 113 से 115 डॉलर प्रति बैरल के पास पहुंच गया है। आइए जानते हैं कि इस पूरे संकट के दौरान किस तारीख को कितने रुपये बढ़े और आज कीमतें कहां पहुंच चुकी हैं।
देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर लंबे समय से लगी रोक हटने के बाद 15 मई 2026 से कीमतों में बदलाव का दौर दोबारा शुरू हुआ। 15 मई को पहली बार पेट्रोल और डीजल दोनों के दामों में एक साथ 3 रुपये प्रति लीटर की भारी बढ़ोतरी की गई थी। इस बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में पेट्रोल का दाम 94.77 रुपये से बढ़कर 97.77 रुपये और डीजल 87.67 रुपये से बढ़कर 90.67 रुपये प्रति लीटर हो गया था।
इसके ठीक बाद तेल कंपनियों ने 19 मई को दोबारा दोनों ईंधनों के दाम में 90 पैसे प्रति लीटर का इजाफा किया। राहत यहीं नहीं रुकी और 23 मई को पेट्रोल 87 पैसे और डीजल 91 पैसे प्रति लीटर और महंगा हो गया, जिससे दिल्ली में पेट्रोल 99.51 रुपये और डीजल 92.49 रुपये पर पहुंच गया। आज यानी 25 मई को तेल कंपनियों ने चौथी बार बड़ा झटका देते हुए पेट्रोल को 2.61 रुपये और डीजल को 2.71 रुपये प्रति लीटर बढ़ा दिया है। इस तरह पिछले 10 दिनों में पेट्रोल करीब 7.38 रुपये और डीजल 7.52 रुपये महंगा हो चुका है। आज दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है।
ईरान संकट के चलते सिर्फ पेट्रोल और डीजल ही नहीं, बल्कि गाड़ियों में इस्तेमाल होने वाली सीएनजी गैस भी लगातार महंगी होती जा रही है। पिछले 10 दिनों के भीतर सीएनजी के दामों में तीन बार बढ़ोतरी की जा चुकी है और यह कुल 4 रुपये प्रति किलोग्राम तक महंगी हो गई है। इसकी शुरुआत भी 15 मई को हुई थी जब सीएनजी के दामों में पहली बार 2 रुपये प्रति किलोग्राम की सीधी बढ़ोतरी की गई थी। इसके बाद कंपनियों ने 17 और 18 मई को दोबारा सीएनजी का रेट 1 रुपया प्रति किलोग्राम बढ़ा दिया।
इसके बाद भी बढ़ोतरी का सिलसिला थमा नहीं और 23 मई को सीएनजी के दाम में फिर से 1 रुपया प्रति किलोग्राम का इजाफा कर दिया गया। इन लगातार झटकों के कारण दिल्ली में जो सीएनजी पहले 77.09 रुपये प्रति किलोग्राम पर मिल रही थी, वह आज बढ़कर 81.09 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंच चुकी है। नोएडा और गाजियाबाद में तो इसके दाम 89.70 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच चुके हैं जिससे ऑटो और कैब चालकों की मुश्किलें बहुत ज्यादा बढ़ गई हैं।
कच्चे तेल और गैस की वैश्विक किल्लत का सीधा असर रसोई गैस सिलेंडरों पर भी साफ देखने को मिल रहा है। इस युद्ध और होर्मूज के बंद होने से ठीक पहले मार्च 2026 में घरेलू एलपीजी सिलेंडर यानी 14.2 किलोग्राम वाले सिलेंडर के दामों में 60 रुपये की बड़ी बढ़ोतरी की गई थी। इस बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत 913 रुपये पर पहुंच गई थी, जो आज भी इसी स्तर पर बनी हुई है। हालांकि, सबसे बड़ा झटका कमर्शियल गैस सिलेंडरों को लगा है।
1 मई को तेल कंपनियों ने 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दामों में एक ही झटके में 993 रुपये की ऐतिहासिक बढ़ोतरी कर दी थी। इस भारी उछाल के बाद दिल्ली में कमर्शियल सिलेंडर की कीमत बढ़कर 3,071.50 रुपये के पार पहुंच गई है। इसके साथ ही 5 किलोग्राम वाले छोटे कमर्शियल सिलेंडर पर भी 261 रुपये बढ़ा दिए गए थे। आज 25 मई को पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने के बाद आम लोगों में यह डर बैठ गया है कि आने वाले दिनों में घरेलू रसोई गैस और पाइप वाली पीएनजी गैस के दाम भी दोबारा ऊपर की ओर चढ़ सकते हैं।
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