return to news
  1. रसोई गैस के संकट के बीच भारत की अमेरिका से बढ़ी LPG खरीदारी, हिस्सेदारी पहुंची 50% के पार, समझें इसके मायने

बिजनेस न्यूज़

रसोई गैस के संकट के बीच भारत की अमेरिका से बढ़ी LPG खरीदारी, हिस्सेदारी पहुंची 50% के पार, समझें इसके मायने

विकास तिवारी

3 min read | अपडेटेड September 09, 2026, 12:42 IST

सारांश

पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के कारण भारत की LPG सप्लाई प्रभावित हुई है। खाड़ी देशों से सप्लाई रुकने के बाद भारत का अमेरिका से LPG इंपोर्ट बढ़कर 53% हो गया है। पिछले छह महीनों में भारत के कुल इंपोर्ट में गिरावट आई है, जबकि अमेरिका से सप्लाई काफी बढ़ी है।

india-lpg-import-surge-to-us

LPG इंपोर्ट को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है।

पश्चिम एशिया में छिड़ी जंग और तनाव के कारण भारत के रसोई गैस यानी LPG इंपोर्ट का पूरा गणित बदल गया है। खाड़ी देशों से सप्लाई में आई रुकावट के बाद भारत की अमेरिका पर निर्भरता काफी बढ़ गई है। पिछले छह महीनों में भारत के कुल LPG इंपोर्ट में अमेरिका की हिस्सेदारी 50% के पार पहुंच गई है, जो कि युद्ध से पहले 10% से भी कम थी। कमोडिटी मार्केट एनालिटिक्स फर्म केपलर के डेटा के मुताबिक मार्च से अगस्त के बीच भारत के LPG इंपोर्ट में अमेरिका की हिस्सेदारी बढ़कर 53% हो गई है।

Open FREE Demat Account within minutes!
Join now

खाड़ी देशों से सप्लाई में भारी गिरावट

फरवरी के आखिर में अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद पश्चिम एशिया में युद्ध छिड़ गया था। इसके चलते स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के जरिए जहाजों की आवाजाही ठप हो गई। यह रास्ता दुनिया के 20% तेल और एलएनजी के प्रवाह को संभालता है। भारत का लगभग 90% LPG इंपोर्ट इसी रास्ते से होता था, जिससे देश की कुल LPG खपत का 54% हिस्सा प्रभावित हुआ। इस सप्लाई क्रंच के कारण मार्च से अगस्त के बीच भारत का कुल LPG इंपोर्ट 43.1% घटकर 71.4 लाख टन रह गया, जो इससे पिछले छह महीनों में 1.25 करोड़ टन के आसपास था।

UAE और सऊदी अरब का घटा शेयर

युद्ध से पहले यूएई भारत का सबसे बड़ा LPG सप्लायर था। लेकिन पिछले छह महीनों में यूएई से इंपोर्ट 79.8% घटकर 9.58 लाख टन रह गया और इसका शेयर 37.8% से गिरकर 13.4% पर आ गया। इसी तरह कतर से आने वाला इंपोर्ट 84.7% घटकर 4.05 लाख टन रह गया और इसका शेयर 21.1% से घटकर 5.7% रह गया। कुवैत का शेयर भी 15.1% से घटकर 4.9% और सऊदी अरब का शेयर 14.1% से घटकर 5.9% रह गया। खाड़ी देशों से हुई इस कमी की भरपाई के लिए भारत ने अमेरिका से इंपोर्ट बढ़ाया, जो 281.1% बढ़कर 37.8 लाख टन पर पहुंच गया।

घरेलू मोर्चे पर सरकार ने उठाए कदम

LPG सप्लाई में आई इस गिरावट के कारण सरकार को देश में कमर्शियल और इंडस्ट्रियल यूजर्स के लिए LPG की सप्लाई में कटौती करनी पड़ी, ताकि देश के 33 करोड़ से अधिक घरों की रसोई गैस सप्लाई बनी रहे। इसके साथ ही घरेलू रिफाइनरीज में LPG प्रोडक्शन को अधिकतम स्तर तक बढ़ाया गया और रीफिल बुकिंग के बीच का न्यूनतम अंतर बढ़ा दिया गया। हालांकि घरेलू प्रोडक्शन बढ़ने और अमेरिका से सप्लाई मिलने के बाद कुछ इमरजेंसी कदम वापस ले लिए गए हैं। पेट्रोलियम मंत्रालय के मुताबिक रोजाना खपत 90 हजार टन से घटकर 80 हजार टन के करीब दर्ज की गई थी।

फ्यूचर में अमेरिका से सौदों की तैयारी

एक्सपर्ट्स के मुताबिक जब तक पश्चिम एशिया से सप्लाई सामान्य नहीं होती, तब तक अमेरिका से LPG का फ्लो बना रहेगा। भारत सरकार ने इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम को अगले साल के कुल LPG इंपोर्ट का कम से कम 15% हिस्सा अमेरिकी सौदों के जरिए तय करने को कहा है। इससे भारत को अपनी एनर्जी सप्लाई में विविधता लाने में मदद मिलेगी। साथ ही अमेरिका के साथ चल रही ट्रेड डील वार्ताओं में भी इसका सकारात्मक असर देखने को मिल सकता है।

लेखकों के बारे में

विकास तिवारी
Vikash Tiwary is a finance journalist with 6+ years of newsroom experience. He is currently growing Upstox Hindi, crafting data-driven stories on stocks, personal finance, mutual funds, and global markets, while exploring how AI can simplify finance. His work spans Zee Business, TV9 Bharatvarsh, ABP News, India TV, and Inshorts. He also holds NISM certification.

अगला लेख