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  1. बैंकों के पास आया रिकॉर्ड पैसा, अब गलत तरीके से लोन बांटने का डर? एक्सिस बैंक CEO ने दी चेतावनी

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बैंकों के पास आया रिकॉर्ड पैसा, अब गलत तरीके से लोन बांटने का डर? एक्सिस बैंक CEO ने दी चेतावनी

Upstox

3 min read | अपडेटेड September 10, 2026, 10:29 IST

सारांश

ग्लोबल फिनटेक कॉन्फ्रेन्स में प्राइवेट सेक्टर के तीसरे सबसे बड़े बैंक के प्रमुख ने अन्य बैंकों के टॉप अधिकारियों को भारतीय रिजर्व बैंक की रियायती अदला-बदली योजना के तहत प्रवासी भारतीयों से जुटाई गई बड़ी राशि के इस्तेमाल को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी।

बैंकों के पास रिकॉर्ड फंड आने पर क्यों एक्सिस बैंक सीईओ ने बैंकों को चेताया (Photo: Shutterstock)

प्राइवेट सेक्टर के एक्सिस बैंक के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ अमिताभ चौधरी ने बुधवार को कहा कि 127 अरब डॉलर से अधिक की एफसीएनआर (बी) जमा राशि से कुछ ‘असामान्य’ यानी जोखिमपूर्ण तरीके से कर्ज देने की स्थिति बन सकती है। ग्लोबल फिनटेक कॉन्फ्रेन्स में प्राइवेट सेक्टर के तीसरे सबसे बड़े बैंक के प्रमुख ने अन्य बैंकों के टॉप अधिकारियों को भारतीय रिजर्व बैंक की रियायती अदला-बदली योजना के तहत प्रवासी भारतीयों से जुटाई गई बड़ी राशि के इस्तेमाल को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी। चौधरी ने कहा, 'एफसीएनआर से कुछ असामान्य ऋण दिए जा सकते हैं, क्योंकि हमें इस फंड का इस्तेमाल करना होगा।' हालांकि, उन्होंने उम्मीद जताई कि बैंक ऐसा नहीं करेंगे।

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आपको यहां बता दें कि आरबीआई द्वारा जून में घोषित लिमिटेड पीरियड की स्कीम के तहत बैंकों ने 127 अरब डॉलर से अधिक की एफसीएनआर (बी) (विदेशी मुद्रा प्रवासी-बैंक) जमा राशि जुटाई है। अच्छी राशि आने के साथ केंद्रीय बैंक ने निर्धारित समय से करीब एक महीने पहले ही इस स्कीम को बंद कर दिया। चौधरी ने कहा कि फाइनेंशियल ईयर 2026-27 में बैंकों में कर्ज वृद्धि करीब 15-16% रह सकती है। मौजूदा 19% तक की वृद्धि पिछले फाइनेंशियल ईयर के कम तुलनात्मक आधार के कारण है।

एक्सिस बैंक के प्रमुख के अनुसार, उन्हें उम्मीद है कि आरबीआई अक्टूबर की मौद्रिक नीति समीक्षा में ही ब्याज दर बढ़ा सकता है। भारत और अमेरिका के बीच सरकारी प्रतिभूतियों पर मिलने वाले प्रतिफल का अंतर ‘समस्या’ है। उन्होंने कहा, ‘निकट भविष्य में ब्याज दर में कुछ वृद्धि की संभावना है। यह कब होगी, मुझे नहीं पता। अर्थशास्त्रियों का कहना है कि यह अक्टूबर या दिसंबर में हो सकती है। भारत और अमेरिका के बीच इतना बड़ा अंतर (प्रतिभूतियों पर प्रतिफल) कई दशकों में नहीं देखा गया है और यह एक समस्या है।’

चौधरी ने कहा कि अगले कुछ सालों में बैंक सेक्टर में और अधिक एकीकरण देखने को मिलेगा और एक्सिस बैंक अवसरों की तलाश जारी रखेगा। उन्होंने कहा कि बैंक सेक्टर में एकीकरण की प्रक्रिया बड़े आकार के बैंकों की जरूरत के आधार पर होगी। बैंकों के लिए बड़ा आकार बेहद जरूरी है और आने वाले समय में सभी बैंक इसे समझेंगे। चौधरी ने कहा कि बैंक का बड़ा आकार भविष्य में उसके लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच का भी काम करेगा।

उन्होंने कहा कि आने वाले समय में बैंकों को वित्तीय प्रौद्योगिकी कंपनियों (फिनटेक) से चुनौतियां मिलती रहेंगी, लेकिन ये चुनौतियां बैंकों के अस्तित्व के लिए खतरा नहीं होंगी, जैसा कि पहले आशंका जताई जाती थी। चौधरी ने कहा कि एक्सिस बैंक फिनटेक सेक्टर को प्रतिस्पर्धा के साथ-साथ साझेदारी के एक स्रोत के रूप में भी देखता है।

PTI इनपुट के साथ

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