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  1. भारत-अमेरिका ट्रेड डील तैयार! पीयूष गोयल ने बताया क्यों बढ़ा लागू होने का इंतजार

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भारत-अमेरिका ट्रेड डील तैयार! पीयूष गोयल ने बताया क्यों बढ़ा लागू होने का इंतजार

Upstox

3 min read | अपडेटेड September 25, 2026, 12:46 IST

सारांश

भारत और अमेरिका ने फरवरी में द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) के पहले चरण के लिए रूपरेखा को अंतिम रूप देने की घोषणा की थी। हालांकि, अमेरिका में शुल्क व्यवस्था में बदलाव के कारण समझौते को लेकर आगे बातचीत जारी रही है।

भारत-अमेरिका

भारत-US ट्रेड डील पर पीयूष गोयल का बड़ा बयान (Photo: Shutterstock)

भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड समझौते का ऐलान होने में क्यों देरी हो रही है? कहां पर भारत-अमेरिका ट्रेड डील अटकी हुई है, इसको लेकर वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने लेटेस्ट अपडेट दिया है। पीयूष गोयल ने गुरुवार को कहा कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को अंतिम रूप दिया जा चुका है, लेकिन इसे तब लागू किया जाएगा, जब अमेरिका भारत को अपने बाजार में प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले उचित लाभ देगा। भारत और अमेरिका ने फरवरी में द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) के पहले चरण के लिए रूपरेखा को अंतिम रूप देने की घोषणा की थी। हालांकि, अमेरिका में शुल्क व्यवस्था में बदलाव के कारण समझौते को लेकर आगे बातचीत जारी रही है।

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गोयल ने कहा कि भारत ने 9 मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) को अंतिम रूप दे दिया है। उन्होंने कहा, 'इसमें मैं अमेरिका को भी शामिल करता हूं, जिसने इसे लगभग पूरी तरह तैयार कर लिया है।' उन्होंने कहा, 'हमें अपने प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले सही और तुलनीय प्रतिस्पर्धात्मक लाभ हासिल करना होगा, ताकि हम समझौते को जल्द लागू कर सकें।' गोयल की यह टिप्पणी उनकी अमेरिकी यात्रा से पहले आई है। वह अमेरिका के विस्कॉन्सिन स्थित मिलवॉकी में 30 सितंबर से 1 अक्टूबर तक होने वाली जी20 व्यापार मंत्रिस्तरीय बैठक में शामिल होने के लिए जाएंगे। वह अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर के साथ द्विपक्षीय बैठक भी करेंगे। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच बातचीत में व्यापार समझौते की प्रगति पर चर्चा होने की उम्मीद है।

भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) 2025-26 में 94.53 अरब डॉलर के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया है, जबकि 2014-26 के दौरान कुल संचयी एफडीआई प्रवाह 843 अरब डॉलर रहा है। पीयूष गोयल ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। उन्होंने यह भी बताया कि 31 मार्च तक उत्पादन से जुड़े प्रोत्साहन (पीएलआई) योजनाओं के चलते 2.40 लाख करोड़ रुपये का वास्तविक निवेश हुआ, 23.8 लाख करोड़ रुपये का उत्पादन/बिक्री हुई और 15.2 लाख करोड़ रुपये का निर्यात दर्ज किया गया। इसके साथ ही इन योजनाओं से 14.6 लाख से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा हुए हैं।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक्स एवं दूरसंचार, दवा, चिकित्सा उपकरण, वाहन, आईटी हार्डवेयर और विशेष इस्पात जैसे क्षेत्रों को पीएलआई योजनाओं से काफी लाभ हुआ है। 'मेक इन इंडिया' अभियान की 12वीं वर्षगांठ के अवसर पर सोशल मीडिया पर गोयल ने पोस्ट किया, 'ये आंकड़े एक उत्साहजनक तस्वीर पेश करते हैं। भारत ने वित्त वर्ष 2025-26 में 94.53 अरब अमेरिकी डॉलर का अब तक का सबसे अधिक वार्षिक एफडीआई प्रवाह दर्ज किया, जबकि वित्त वर्ष 2014-15 से वित्त वर्ष 2025-26 तक कुल संचयी एफडीआई प्रवाह 843 अरब डॉलर तक पहुंच गया।' उन्होंने आगे कहा कि ग्लोबल लेवल पर प्रतिस्पर्धी विनिर्माण के लिए बुनियादी ढांचा तैयार करने के लिए राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास कार्यक्रम के तहत देश भर में नये औद्योगिक स्मार्ट शहर स्थापित किए जा रहे हैं।

PTI इनपुट के साथ

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