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गेहूं, आटा और मैदा के निर्यात पर लगी रोक हटी, सरकार ने तत्काल प्रभाव से दी मंजूरी

Upstox

3 min read | अपडेटेड August 24, 2026, 17:15 IST

सारांश

सरकार के इस फैसले से भारतीय गेहूं, आटा और मैदा उत्पादकों और निर्यातकों को विदेशी बाजारों में कारोबार बढ़ाने का मौका मिल सकता है। साथ ही, वैश्विक बाजार में भारतीय गेहूं और उससे बने उत्पादों की मांग का फायदा घरेलू कंपनियों को मिल सकता है।

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गेहूं के आटे और इससे जुड़े अन्य उत्पादों, जैसे आटा और मैदा के निर्यात को भी अब अनुमति दे दी गई है।

भारत सरकार ने गेहूं और उससे जुड़े प्रोडक्ट्स के निर्यात को लेकर बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने गेहूं और ड्यूरम गेहूं के निर्यात पर लगी रोक को तत्काल प्रभाव से हटा दिया है। इसके साथ ही गेहूं के आटे और इससे जुड़े अन्य उत्पादों, जैसे आटा और मैदा के निर्यात को भी अब अनुमति दे दी गई है। यह फैसला सोमवार, 24 अगस्त को विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) की ओर से जारी दो अलग-अलग अधिसूचनाओं के जरिए लिया गया।

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गेहूं के निर्यात पर लगी रोक हटी

DGFT ने गेहूं से जुड़े कुछ खास ITC (HS) कोड के तहत आने वाले उत्पादों की निर्यात नीति में बदलाव किया है। पहले इन उत्पादों को निर्यात के लिए ‘Prohibited’ यानी प्रतिबंधित श्रेणी में रखा गया था। अब इन्हें ‘Free’ यानी मुक्त श्रेणी में डाल दिया गया है।

DGFT की अधिसूचना संख्या 35/2026-27 के अनुसार ड्यूरम गेहूं के लिए ITC (HS) Code 10011900 और गेहूं के लिए ITC (HS) Code 10019910 के तहत निर्यात नीति बदली गई है। इसका मतलब है कि इन श्रेणियों में आने वाले गेहूं का निर्यात अब प्रतिबंधित नहीं रहेगा।

आटा और मैदा का निर्यात भी होगा आसान

सरकार ने केवल गेहूं ही नहीं, बल्कि गेहूं के आटे और उससे जुड़े उत्पादों के निर्यात पर लगी रोक भी हटा दी है। DGFT ने एक अलग अधिसूचना संख्या 34/2026-27 जारी कर ITC (HS) Code 11010000 के तहत आने वाले उत्पादों की निर्यात नीति को ‘Prohibited’ से बदलकर ‘Free’ कर दिया है।

इस श्रेणी में गेहूं या मेस्लिन का आटा, यानी आटा और मैदा, शामिल हैं। इसके अलावा सूजी (रवा), होलमीट आटा और रिजल्टेंट आटा जैसे उत्पाद भी इस बदलाव के दायरे में आते हैं। अब इन उत्पादों का निर्यात भी बिना प्रतिबंधित श्रेणी के तहत आए किया जा सकेगा।

तत्काल प्रभाव से लागू हुआ फैसला

दोनों अधिसूचनाएं वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के तहत आने वाले वाणिज्य विभाग द्वारा जारी की गई हैं। इनमें साफ कहा गया है कि निर्यात नीति में यह बदलाव तत्काल प्रभाव से लागू होगा।

इस फैसले से भारतीय गेहूं, आटा और मैदा उत्पादकों और निर्यातकों को विदेशी बाजारों में कारोबार बढ़ाने का मौका मिल सकता है। साथ ही, वैश्विक बाजार में भारतीय गेहूं और उससे बने उत्पादों की मांग का फायदा घरेलू कंपनियों को मिल सकता है। हालांकि, निर्यात बढ़ने का घरेलू बाजार में गेहूं की उपलब्धता और कीमतों पर क्या असर पड़ता है, यह आने वाले समय में देखने वाली बात होगी।

लेखकों के बारे में

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Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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