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3 min read | अपडेटेड May 17, 2026, 13:37 IST
सारांश
सरकार ने चांदी के इंपोर्ट से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया है। मिनिस्ट्री ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के तहत आने वाले डायरेक्टर जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड ने नोटिफिकेशन जारी कर बताया कि कुछ खास तरह की चांदी के इंपोर्ट को फ्री कैटेगरी से हटाकर रिस्ट्रिक्टेड कैटेगरी में डाल दिया गया है। यह फैसला तुरंत लागू हो गया है।

सरकार ने चांदी के इंपोर्ट से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया है। मिनिस्ट्री ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के तहत आने वाले डायरेक्टर जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड ने नोटिफिकेशन जारी कर बताया कि कुछ खास तरह की चांदी के इंपोर्ट को फ्री कैटेगरी से हटाकर रिस्ट्रिक्टेड कैटेगर
भारत सरकार ने देश में चांदी के इंपोर्ट को लेकर एक बहुत बड़ा फैसला लिया है। अगर आप चांदी के बिजनेस से जुड़े हैं या इसके इंपोर्ट और एक्सपोर्ट पर नजर रखते हैं, तो यह खबर आपके लिए बहुत जरूरी है। मिनिस्ट्री ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के तहत आने वाले डायरेक्टर जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड यानी डीजीएफटी ने चांदी की इंपोर्ट पॉलिसी में बड़ा संसोधन किया है। सरकार की तरफ से जारी इस नए आदेश के बाद अब चांदी का इंपोर्ट करना पहले जितना आसान नहीं होगा क्योंकि सरकार ने इसे फ्री कैटेगरी से बाहर कर दिया है। यह नया नियम देश में तुरंत प्रभाव से लागू कर दिया गया है, जिससे आने वाले दिनों में चांदी के व्यापार पर इसका बड़ा असर देखने को मिल सकता है।
सरकार की तरफ से जारी ऑफिशियल नोटिफिकेशन के मुताबिक, चांदी के कुछ खास आइटम्स की इंपोर्ट पॉलिसी को पूरी तरह से बदल दिया गया है। पहले जिन आइटम्स का इंपोर्ट देश में फ्री कैटेगरी के तहत होता था, उन्हें अब रिस्ट्रिक्टेड कैटेगरी में डाल दिया गया है। इसका सीधा मतलब यह है कि अब कोई भी बिना कड़े नियमों और सरकार की विशेष मंजूरी के सीधे बाहर से चांदी का इंपोर्ट नहीं कर पाएगा। यह बदलाव मुख्य रूप से आईटीसी एचएस कोड 71069221 और 71069229 के तहत आने वाले चांदी के बार पर लागू होगा। इन कोड्स के तहत आने वाली चांदी में वह बार शामिल हैं जिसमें 99.9 पर्सेंट या उससे ज्यादा चांदी होती है, साथ ही दूसरे तरह के चांदी के बार भी इसी नए नियम के दायरे में आएंगे।
इस नए नोटिफिकेशन के आने से पहले तक इन दोनों कैटेगरी के तहत चांदी का इंपोर्ट बिल्कुल फ्री था, हालांकि वह रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया यानी आरबीआई के रेगुलेशंस के दायरे में आता था। लेकिन अब सरकार ने इस पुरानी व्यवस्था को पूरी तरह से खत्म करते हुए इसे रिस्ट्रिक्टेड कर दिया है। अब यह नया इंपोर्ट पूरी तरह से इस चैप्टर के पॉलिसी कंडीशन नंबर 7 के तहत तय की गई नई शर्तों पर निर्भर करेगा। सरकार का यह कदम देश के भीतर चांदी के पूरे व्यापार को बेहतर तरीके से रेगुलेट करने और बाहर से आने वाली चांदी पर पैनी नजर रखने के लिए उठाया गया है। इस फैसले को कॉमर्स एंड इंडस्ट्री मिनिस्टर की पूरी मंजूरी के बाद ही आधिकारिक तौर पर जारी किया गया है।
डीजीएफटी के डायरेक्टर जनरल लव अग्रवाल के साइन के साथ जारी इस नोटिफिकेशन में साफ कहा गया है कि यह बदलाव फॉरेन ट्रेड डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन एक्ट 1992 के सेक्शन 3 और सेक्शन 5 के तहत मिली शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए किया गया है। इसके साथ ही इसे फॉरेन ट्रेड पॉलिसी 2023 के पैराग्राफ 1.02 और 2.01 के साथ मिलाकर देश भर में लागू किया गया है। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि गजट ऑफ इंडिया एक्स्ट्राऑर्डिनरी के पार्ट दो, सेक्शन तीन और सब-सेक्शन दो में पब्लिश होने वाले इस आदेश का असर तुरंत प्रभाव से शुरू हो गया है।
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