मार्केट न्यूज़

3 min read | अपडेटेड May 15, 2026, 11:11 IST
सारांश
बाजार में आज आईटी इंडेक्स में 2.5 पर्सेंट की रिकवरी दिखी है। टाटा मोटर्स के शेयरों में मार्जिन सुधार की खबरों के चलते 8 पर्सेंट से ज्यादा का उछाल आया। हालांकि, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और रुपये की रिकॉर्ड कमजोरी ने निवेशकों को थोड़ा सतर्क रखा है। मेटल और ऑयल सेक्टर में आज कुछ दबाव देखा जा रहा है।

शेयर बाजार के प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी में शुक्रवार को दिखी शुरुआती बढ़त।
भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार की सुबह निवेशकों के लिए अच्छी खबर लेकर आई। बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही बढ़त के साथ कारोबार करते नजर आए। बाजार की इस तेजी के पीछे मुख्य रूप से आईटी शेयरों में आई खरीदारी और टाटा मोटर्स के शेयरों में दिखा जबरदस्त उछाल है। हालांकि, पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के कारण कच्चे तेल की ऊंची कीमतों ने बाजार पर दबाव बनाने की कोशिश की, लेकिन घरेलू कंपनियों के अच्छे प्रदर्शन ने बाजार को ऊपर बनाए रखा।
बाजार की तेजी में सबसे बड़ा हाथ आईटी सेक्टर का रहा। पिछले चार कारोबारी सत्रों में करीब 7 पर्सेंट की गिरावट झेलने के बाद आज आईटी इंडेक्स में 2.5 पर्सेंट की बढ़त देखी गई। निचले स्तरों पर निवेशकों ने आईटी शेयरों में जमकर खरीदारी की, जिससे इंडेक्स को मजबूती मिली। टेक महिंद्रा, इन्फोसिस और टीसीएस जैसे बड़े शेयरों में आए सुधार ने निफ्टी और सेंसेक्स को सहारा दिया।
ऑटो सेक्टर की दिग्गज कंपनी टाटा मोटर्स के शेयरों में आज 8.3 पर्सेंट से ज्यादा की तेजी आई। हालांकि कंपनी ने तिमाही नतीजों में मुनाफे में गिरावट दर्ज की है, लेकिन एनालिस्ट्स ने कंपनी के भविष्य को लेकर सकारात्मक भरोसा जताया है। कंपनी के मार्जिन और फ्री कैश फ्लो में सुधार के साथ-साथ जैगुआर लैंड रोवर (JLR) बिजनेस में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीदों ने निवेशकों का उत्साह बढ़ा दिया है। टाटा मोटर्स के इस उछाल की वजह से निफ्टी ऑटो इंडेक्स भी 1 पर्सेंट से ज्यादा की बढ़त के साथ टॉप गेनर्स में शामिल रहा।
बाजार में तेजी के बीच रुपये की कमजोरी ने चिंता बढ़ा दी है। शुक्रवार को रुपया 30 पैसे गिरकर 95.94 के स्तर पर खुला, जो इसके अब तक के सबसे निचले स्तरों में से एक है। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और अमेरिकी डॉलर की मजबूती की वजह से रुपये पर भारी दबाव बना हुआ है। इसके अलावा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच हुई मुलाकात से ईरान और पश्चिम एशिया संकट को लेकर कोई ठोस नतीजा नहीं निकला। इस वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है और निवेशक थोड़े डरे हुए हैं।
जहां एक ओर आईटी और ऑटो शेयरों में तेजी है, वहीं मेटल और ऑयल एंड गैस सेक्टर के शेयरों में आज सुस्ती देखी जा रही है। निफ्टी मेटल इंडेक्स 0.7 पर्सेंट और ऑयल एंड गैस इंडेक्स 0.85 पर्सेंट की गिरावट के साथ कारोबार कर रहे हैं। कमोडिटी से जुड़े शेयरों में कमजोरी की मुख्य वजह ग्लोबल डिमांड को लेकर बनी चिंताएं हैं। इसके साथ ही कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के मार्जिन पर भी दबाव डाला है, जिससे इन स्टॉक्स में बिकवाली देखने को मिल रही है।
बाजार के लिए सबसे बड़ी चिंता का विषय अभी भी कच्चे तेल की कीमतें और हाल ही में पेट्रोल-डीजल के दामों में हुई बढ़ोतरी है। जियोपॉलिटिकल तनाव की वजह से ग्लोबल एनर्जी सप्लाई पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। निवेशकों की नजर अब इस बात पर टिकी है कि आने वाले दिनों में कच्चा तेल किस दिशा में जाता है। अगर कच्चे तेल की कीमतों में और उछाल आता है, तो यह बाजार की तेजी के लिए खतरा बन सकता है।
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