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  1. Petrol-Diesel के बाद CNG की भी बढ़ी कीमत, पीएनजी और एलपीजी को लेकर क्या है अपडेट?

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Petrol-Diesel के बाद CNG की भी बढ़ी कीमत, पीएनजी और एलपीजी को लेकर क्या है अपडेट?

Namita Shukla

4 min read | अपडेटेड May 15, 2026, 09:33 IST

सारांश

महानगर गैस लिमिटेड ने 14 मई को मुंबई में सीएनजी के दाम में 2 रुपये प्रति किलो इजाफा किया था, वहीं आज इंद्रप्रस्थ गैस ने दिल्ली में सीएनजी का दाम 2 रुपये प्रति किलोग्राम बढ़ा दिया है।

CNG

दिल्ली में बढ़े सीएनजी के दाम, पेट्रोल-डीजल की कीमतों में दिखी बढ़ोतरी (Photo: Shutterstock)

पश्चिम एशिया संकट के बीच आज देश में पेट्रोल और डीजल के दाम में बढ़ोतरी की गई है। वहीं सीएनजी के दाम दिल्ली में बढ़ गए हैं। महानगर गैस लिमिटेड ने 14 मई को मुंबई में सीएनजी के दाम में 2 रुपये प्रति किलो इजाफा किया था, वहीं आज इंद्रप्रस्थ गैस ने दिल्ली में सीएनजी का दाम 2 रुपये प्रति किलोग्राम बढ़ा दिया है। हालांकि पाइप्ड नैचुरल गैस (PNG) के दामों में कोई बदलाव नहीं किया गया है और एलपीजी सिलेंडर के दाम भी फिलहाल स्थिर हैं। कुछ दिन पहले ही कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों के दाम बढ़ाए गए थे। पश्चिम एशिया में जारी संकट के बीच ग्लोबल एनर्जी संकट गहराता जा रहा है। कच्चे तेल की बढ़ती ग्लोबल कीमतों के कारण ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के घाटे बढ़ने के बीच पेट्रोल और डीजल के दामों में वृद्धि का ऐलान किया है।

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गौरतलब है कि चार राज्यों-असम, केरल, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव समाप्त होने के 16 दिन बाद यह बढ़ोतरी हुई है। मतदान पीरियड के दौरान ईंधन कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया था जबकि पश्चिम एशिया संकट के कारण इंटरनेशनल ऑयल कीमतों में तेज वृद्धि हुई थी। कीमतें अप्रैल 2022 से स्थिर थीं। हालांकि मार्च 2024 में लोकसभा चुनाव से ठीक पहले पेट्रोल और डीजल दोनों में दो रुपये प्रति लीटर की एकमुश्त कटौती की गई थी। आखिरी बार दरों में बढ़ोतरी अप्रैल 2022 में हुई थी।

मुंबई में पेट्रोल अब 106.68 रुपये प्रति लीटर और डीजल 93.14 रुपये प्रति लीटर हो गया है। कोलकाता में पेट्रोल 108.74 रुपये प्रति लीटर और डीजल 95.13 रुपये प्रति लीटर है, जबकि चेन्नई में पेट्रोल 103.67 रुपये और डीजल 95.25 रुपये प्रति लीटर हो गया है। दरें राज्यों में मूल्य वर्धित कर के अंतर के कारण अलग-अलग होती हैं।

कब से शुरू हुआ संकट?

ग्लोबल एनर्जी कीमतें 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका–इजराइल हमले के बाद और तेहरान की जवाबी कार्रवाई के कारण तेजी से बढ़ीं। इससे होर्मुज स्ट्रेट बाधित हो गया जिससे दुनिया के तेल एवं गैस का पांचवां हिस्सा गुजरता है। पेट्रोल और डीजल बनाने का कच्चा माल यानी कच्चा तेल संघर्ष के दौरान एक समय 120 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल से ऊपर चला गया था जबकि संघर्ष से पहले यह 70–72 डॉलर प्रति बैरल के दायरे में था।

हाल के समय में कीमतें कुछ नरम हुई हैं, लेकिन फिर भी 104–110 डॉलर प्रति बैरल के ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं। इस सप्ताह की शुरुआत में पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा था कि तीन ईंधन रिटेल कंपनियां प्रतिदिन लगभग 1,000 करोड़ रुपये का घाटा उठा रही हैं। एक तिमाही का कुल घाटा पूरे साल के प्रॉफिट को खत्म करने के लिए पर्याप्त है। उन्होंने कुल घाटा लगभग एक लाख करोड़ रुपये बताया था। बढ़ती ग्लोबल कीमतों से उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए सरकार ने 27 मार्च को पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में 10 रुपये प्रति लीटर की कटौती की थी।

प्राइवेट ईंधन रिटेल कंपनियां पहले ही बढ़ा चुकी हैं कीमतें

प्राइवेट ईंधन रिटेल कंपनियों ने पहले ही कीमतें बढ़ा दी थीं। नायरा एनर्जी ने मार्च में पेट्रोल पांच रुपये और डीजल तीन रुपये प्रति लीटर बढ़ाया था, जबकि शेल ने 1 अप्रैल से पेट्रोल 7.41 रुपये और डीजल 25 रुपये प्रति लीटर बढ़ाया था। बेंगलुरु में शेल पेट्रोल 119.85 रुपये प्रति लीटर और डीजल 123.52 रुपये प्रति लीटर पर बेचता है।

एलपीजी को लेकर क्या है अपडेट?

घरेलू रसोई गैस एलपीजी की कीमतें मार्च में 60 रुपये प्रति सिलेंडर बढ़ाई गई थीं लेकिन वे अब भी वास्तविक लागत से काफी कम हैं। उद्योग सूत्रों ने बताया कि यह बढ़ोतरी संतुलित है। तेल कंपनियों पर मुनाफा दबाव आंशिक रूप से कम करने के लिए पर्याप्त, लेकिन बड़े महंगाई के झटके से बचाने के लिए सीमित है। उन्होंने कहा कि हालांकि, इसका महंगाई पर कुछ असर होगा। भारत की खुदरा मुद्रास्फीति अप्रैल 2026 में बढ़कर 3.48% हो गई जो मार्च में 3.40% थी। वहीं थोक मुद्रास्फीति 42 महीने के उच्च स्तर 8.3% पर पहुंच गई। पब्लिक सेक्टर की तेल की तीन कंपनियों इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में नागरिकों से ईंधन खपत कम करने, सार्वजनिक परिवहन का उपयोग बढ़ाने और घर से काम करने का विकल्प अपनाने की अपील की है, ताकि तेल आयात पर विदेशी मुद्रा खर्च को कम किया जा सके।

PTI इनपुट के साथ

लेखकों के बारे में

Namita Shukla
Namita Shukla is a seasoned journalist with over 15 years of experience in Hindi media. She has worked with some of the most reputed news organizations, including Navbharat Times, Dainik Jagran, Aaj Tak, and Hindustan Times Hindi. Throughout her career, Namita has reported on a wide range of beats such as national affairs, sports, business, and entertainment, bringing clarity and depth to her reporting. In addition to her journalistic work, she is a certified fact-checker by both Google and Meta, underscoring her commitment to accuracy and ethical journalism in the digital age.

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