पर्सनल फाइनेंस

3 min read | अपडेटेड May 08, 2026, 14:40 IST
सारांश
म्यूचुअल फंड मार्केट में स्मॉल कैप फंड्स ने निवेशकों को जबरदस्त रिटर्न दिया है। बंधन स्मॉल कैप फंड ने 5 साल में 22 पर्सेंट का सालाना रिटर्न देकर सबको चौंका दिया है। अगर किसी ने 5 साल पहले इसमें 10 हजार रुपये की मंथली एसआईपी शुरू की होती, तो आज उसका कुल फंड 10.36 लाख रुपये का होता।

टॉप स्मॉल कैप म्यूचुअल फंड्स की लिस्ट और उनकी एसआईपी रिटर्न की कैलकुलेशन। | Image: Shutterstock.
आज के दौर में शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड में निवेश करना काफी लोकप्रिय हो रहा है। खासकर स्मॉल कैप म्यूचुअल फंड्स ने पिछले कुछ सालों में जिस तरह का प्रदर्शन किया है, उसने निवेशकों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। स्मॉल कैप फंड्स उन छोटी कंपनियों में पैसा लगाते हैं जिनमें भविष्य में बड़ी कंपनी बनने की क्षमता होती है। हालांकि इनमें जोखिम ज्यादा होता है, लेकिन जब रिटर्न की बात आती है, तो ये दिग्गज कंपनियों को भी पीछे छोड़ देते हैं।
टॉप परफॉर्मिंग स्मॉल कैप फंड्स की लिस्ट में बंधन स्मॉल कैप फंड सबसे ऊपर नजर आ रहा है। इस फंड ने पिछले 5 सालों में सालाना 22 पर्सेंट का धमाकेदार रिटर्न दिया है। इस फंड का साइज भी काफी बड़ा है और यह करीब 20,130 करोड़ रुपये के एसेट को मैनेज कर रहा है। 22 पर्सेंट का सालाना रिटर्न मिलना किसी भी निवेशक के लिए एक बहुत बड़ी उपलब्धि मानी जाती है। बंधन के अलावा आईटीआई स्मॉल कैप फंड ने भी 19.09 पर्सेंट और इनवेस्को इंडिया स्मॉल कैप फंड ने 19.05 पर्सेंट का सालाना रिटर्न दिया है।
एसआईपी यानी सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान की ताकत क्या होती है, इसे बंधन स्मॉल कैप फंड के उदाहरण से आसानी से समझा जा सकता है। अगर किसी निवेशक ने ठीक 5 साल पहले बंधन स्मॉल कैप फंड में 10,000 रुपये महीने की एसआईपी शुरू की होती, तो आज उसकी किस्मत बदल चुकी होती। 5 साल में उस निवेशक ने अपनी जेब से कुल 6,00,000 रुपये जमा किए होते। लेकिन 22 पर्सेंट के सालाना रिटर्न के हिसाब से उसे इस निवेश पर करीब 4,36,066 रुपये का सिर्फ मुनाफा मिलता। इस तरह आज उस निवेशक के पास कुल 10,36,066 रुपये का फंड तैयार हो जाता।
स्मॉल कैप कैटेगरी में सिर्फ बंधन ही नहीं, बल्कि कई अन्य फंड्स भी दौड़ में बने हुए हैं। निप्पॉन इंडिया स्मॉल कैप फंड, जो कि इस कैटेगरी का सबसे बड़ा फंड है और 61,809 करोड़ रुपये का फंड मैनेज कर रहा है, उसने भी 17.70 पर्सेंट का सालाना रिटर्न दिया है। बैंक ऑफ इंडिया स्मॉल कैप फंड ने 17.53 पर्सेंट और यूनियन स्मॉल कैप फंड ने 17.24 पर्सेंट का रिटर्न अपने निवेशकों को दिया है। इन सभी फंड्स ने पिछले 5 सालों में बेंचमार्क इंडेक्स के मुकाबले काफी बेहतर प्रदर्शन किया है, जिससे निवेशकों का भरोसा इन पर बढ़ा है।
भले ही स्मॉल कैप फंड्स के रिटर्न बहुत लुभावने लग रहे हों, लेकिन निवेशकों को सावधानी बरतने की भी जरूरत है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि स्मॉल कैप कंपनियों पर बाजार की गिरावट का असर बहुत जल्दी और ज्यादा होता है। इसलिए इसमें तभी निवेश करना चाहिए जब आपका नजरिया कम से कम 5 से 10 साल का हो। इसके अलावा हमेशा एक बार में सारा पैसा लगाने के बजाय एसआईपी का रास्ता चुनना चाहिए, ताकि बाजार के उतार-चढ़ाव का लाभ मिल सके। अपने पोर्टफोलियो को बैलेंस रखने के लिए अलग-अलग फंड्स में पैसा लगाना एक बेहतर रणनीति साबित हो सकती है।
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