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4 min read | अपडेटेड May 08, 2026, 09:41 IST
सारांश
एसबीआई के नतीजों से पहले दिग्गज ब्रोकरेज हाउसेज ने अपने अनुमान जारी किए हैं। सरकारी बॉन्ड की बढ़ती यील्ड और ट्रेजरी इनकम में गिरावट मुनाफे पर दबाव डाल सकती है। हालांकि, बैंक की लोन बुक में 14 से 17 पर्सेंट की शानदार बढ़त की उम्मीद जताई गई है।

एसबीआई के चौथी तिमाही के नतीजों पर टिकी है निवेशकों और बाजार की पैनी नजर। Image: Shutterstock
भारतीय बैंकिंग सेक्टर के दिग्गज स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के चौथी तिमाही के नतीजों का इंतजार अब खत्म होने वाला है। देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक के प्रदर्शन पर पूरे बाजार की नजरें टिकी हुई हैं। इस बार के नतीजों को लेकर अलग-अलग ब्रोकरेज हाउसेज ने अपने अनुमान पेश किए हैं। कुछ एक्सपर्ट्स का मानना है कि बैंक का नेट प्रॉफिट इस बार स्थिर रह सकता है या इसमें गिरावट आ सकती है, जबकि कुछ का मानना है कि बैंक का प्रदर्शन उम्मीद से बेहतर रहेगा। बैंक के लोन ग्रोथ और डिपॉजिट जुटाने की क्षमता पर भी सभी की निगाहें हैं। बता दें कि आज शाम 5 बजे के करीब कंपनी मार्च तिमाही के नतीजे जारी करने वाली है।
ब्रोकरेज हाउस नोमुरा का कहना है कि एसबीआई का नेट प्रॉफिट इस तिमाही में 18,700 करोड़ रुपये के आसपास रह सकता है। पिछले साल इसी तिमाही में यह 18,640 करोड़ रुपये था। यानी मुनाफे में कोई बड़ी बढ़त की उम्मीद नहीं दिख रही है। तिमाही आधार पर तो मुनाफे में 11 पर्सेंट की गिरावट देखी जा सकती है। नोमुरा ने इसके पीछे का मुख्य कारण ट्रेजरी इनकम में आने वाली बाधाओं को बताया है। सरकारी बॉन्ड की यील्ड बढ़ने की वजह से बैंक के ऑपरेशनल प्रॉफिट पर असर पड़ सकता है, जो सालाना आधार पर 6 पर्सेंट तक गिर सकता है। हालांकि, बैंक का लोन बिजनेस काफी मजबूत दिख रहा है और इसमें 17 पर्सेंट की शानदार बढ़त की उम्मीद है। बैंक का नेट इंटरेस्ट इनकम यानी एनआईआई भी 9 पर्सेंट बढ़ने का अनुमान है।
कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज के एक्सपर्ट्स थोड़े ज्यादा सतर्क नजर आ रहे हैं। उनका अनुमान है कि बैंक के मुनाफे में सालाना आधार पर 12 पर्सेंट और पिछली तिमाही के मुकाबले 22 पर्सेंट की बड़ी गिरावट आ सकती है। उनके मुताबिक बैंक का नेट प्रॉफिट 16,474 करोड़ रुपये तक रह सकता है। कोटक का मानना है कि ट्रेजरी इनकम कम होने की वजह से बैंक की नॉन-इंटरेस्ट इनकम में 35 पर्सेंट की भारी कमी आ सकती है। फंड की बढ़ती लागत और हाल ही में हुई रेट कटौती की वजह से बैंक के नेट इंटरेस्ट मार्जिन यानी एनआईएम में भी दबाव देखने को मिल सकता है। कोटक ने अनुमान लगाया है कि बैंक के डिपॉजिट्स में भी सालाना आधार पर 8 पर्सेंट की बढ़त होगी।
इन सबके बीच नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज के एक्सपर्ट्स काफी सकारात्मक नजर आ रहे हैं। उनका मानना है कि एसबीआई के मुनाफे में 8 पर्सेंट की बढ़त हो सकती है और यह 20,090 करोड़ रुपये के पार जा सकता है। नुवामा का कहना है कि बैंक के प्रोविजंस में 37.5 पर्सेंट की बड़ी गिरावट आने की संभावना है, जिससे मुनाफे को सीधा सहारा मिलेगा। इसके साथ ही बैंक की एसेट क्वालिटी में भी सुधार की उम्मीद जताई गई है। ग्रॉस एनपीए में 8 पर्सेंट की कमी आने का अनुमान है, जो बैंक की बैलेंस शीट के लिए एक अच्छी खबर साबित होगी। नुवामा के मुताबिक बैंक का एनआईआई 10 पर्सेंट बढ़कर 47,090 करोड़ रुपये रह सकता है।
नतीजों के साथ-साथ बाजार इस बात पर भी नजर रखेगा कि बैंक का मैनेजमेंट भविष्य को लेकर क्या कमेंट्री देता है। डिपॉजिट जुटाने की स्ट्रैटेजी और आने वाले समय में एनआईएम के सुधार को लेकर मैनेजमेंट का क्या नजरिया है, यह काफी अहम होगा। इसके अलावा क्रेडिट कॉस्ट और लोन की क्वालिटी को लेकर दिए गए बयान भी बाजार की दिशा तय करेंगे। निवेशकों के लिए यह देखना दिलचस्प होगा कि बैंक बढ़ती लागत और ब्याज दरों के बीच अपने मार्जिन को कैसे मैनेज करता है। बैंक की लोन बुक 48.50 ट्रिलियन रुपये के करीब रहने का अनुमान लगाया जा रहा है।
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