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4 min read | अपडेटेड October 09, 2026, 18:31 IST
सारांश
सीनियर सिटीजंस सेविंग्स स्कीम में 30 लाख रुपए जमा करने पर 8.2% सालाना ब्याज के हिसाब से हर तीन महीने में 61,500 रुपए का ब्याज मिलेगा। यह मंथली 20,500 रुपए के बराबर है। वित्त मंत्रालय ने अक्टूबर-दिसंबर 2026 तिमाही के लिए 8.2% की दर तय की है।

सीनियर सिटीजंस सेविंग्स स्कीम में 30 लाख के निवेश पर हर तिमाही मिलेगी 61,500 रुपए की ब्याज राशि।
रिटायरमेंट के बाद सुरक्षित निवेश और नियमित आय की तलाश कर रहे बुजुर्गों के लिए सीनियर सिटीजंस सेविंग्स स्कीम यानी SCSS एक बेहतरीन विकल्प साबित हो रही है। अगर कोई वरिष्ठ नागरिक इस सरकारी बचत योजना में 30 लाख रुपए का अधिकतम निवेश करता है, तो उसे मौजूदा 8.2% सालाना ब्याज दर के हिसाब से हर तिमाही 61,500 रुपए की कमाई होगी। वित्त मंत्रालय द्वारा तय की गई यह ब्याज दर वित्त वर्ष 2026-27 की तीसरी तिमाही यानी अक्टूबर से दिसंबर 2026 के लिए लागू है। यह ब्याज रकम हर महीने के हिसाब से देखें तो 20,500 रुपए के बराबर बैठती है। हालांकि इस योजना के तहत ब्याज का भुगतान महीने के बजाय हर तीन महीने पर सीधे बैंक खाते में क्रेडिट किया जाता है। रिटायर्ड कर्मचारियों के लिए यह स्कीम एक फिक्स और भरोसेमंद इनकम का जरिया बन चुकी है।
सीनियर सिटीजंस सेविंग्स स्कीम के तहत 8.2% का सालाना ब्याज दिया जा रहा है। योजना के नियमों के अनुसार ब्याज का भुगतान हर तिमाही अप्रैल, जुलाई, अक्टूबर और जनवरी महीने के पहले वर्किंग डे पर किया जाता है। यदि कोई निवेशक 30 लाख रुपए जमा करता है, तो उसे एक साल में कुल 2,46,000 रुपए का ब्याज मिलेगा। इस हिसाब से हर तीन महीने पर मिलने वाला तिमाही ब्याज 61,500 रुपए बनता है। यदि ब्याज दर पूरी 5 साल की अवधि में बिना किसी बदलाव के 8.2% पर बनी रहती है, तो 30 लाख रुपए के कुल निवेश पर 5 साल में 12,30,000 रुपए की ब्याज आय होगी। हालांकि अगर आगे की तिमाहियों या अकाउंट एक्सटेंशन के दौरान ब्याज दरों में कोई संशोधन होता है, तो मिलने वाली वास्तविक ब्याज राशि में बदलाव हो सकता है।
इस सरकारी योजना में खाता खुलवाने के लिए सामान्य तौर पर व्यक्ति की उम्र 60 साल या उससे अधिक होनी चाहिए। हालांकि रिटायर्ड सिविलियन कर्मचारियों को 55 से 59 साल की उम्र में भी कुछ तय शर्तों और समयसीमा के तहत खाता खुलवाने की छूट मिलती है। वहीं रिटायर्ड रक्षा कर्मियों के लिए यह न्यूनतम उम्र सीमा 50 साल रखी गई है। निवेशक इंडिया पोस्ट की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर इसके लेटेस्ट नियमों की जांच कर सकते हैं। निवेश की सीमाओं की बात करें तो इस स्कीम में कम से कम 1,000 रुपए से खाता शुरू किया जा सकता है, जबकि एक व्यक्ति के लिए अधिकतम जमा सीमा 30 लाख रुपए तय की गई है। इस योजना की मूल अवधि 5 साल की होती है, जिसे नियमों के तहत 3 साल के लिए एक बार बढ़ाया भी जा सकता है। इसमें सिंगल या पति-पत्नी के साथ जॉइंट अकाउंट खोला जा सकता है।
SCSS अकाउंट में समय से पहले खाता बंद करने यानी प्री-मैच्योर क्लोजर की सुविधा उपलब्ध है, लेकिन इसके लिए कुछ शर्तें और पेनल्टी कटौती लागू होती हैं। टैक्स के नियमों की बात करें तो इस योजना से मिलने वाला ब्याज इनकम टैक्स के तहत कर योग्य होता है। वहीं इस योजना में किया जाने वाला जमा आयकर अधिनियम की धारा 80सी के तहत टैक्स छूट के दायरे में आ सकता है। टैक्स वर्ष 2026-27 से लागू नए आयकर अधिनियम 2025 के तहत संबंधित प्रावधानों के अनुसार ही टैक्स कटौती का फायदा मिलेगा। अगर पति-पत्नी मिलकर जॉइंट अकाउंट खोलते हैं, तो कुल 30 लाख रुपए की जमा सीमा की गणना पहले खाताधारक के नाम पर ही की जाती है।
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