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4 min read | अपडेटेड October 09, 2026, 15:04 IST
सारांश
आरबीआई द्वारा रेपो रेट 0.25% बढ़ाने के बाद फ्लोटिंग रेट वाले कार लोन महंगे हो सकते हैं। हालांकि इसका असर हर बैंक और ग्राहक पर अलग होगा। 10 लाख रुपए के 5 साल के कार लोन पर हर महीने लगभग 117 रुपए से 126 रुपए तक का ही इजाफा देखने को मिल सकता है।

रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी के बाद कार लोन की EMI पर मामूली असर पड़ सकता है।
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया यानी आरबीआई द्वारा रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी किए जाने के बाद कार लोन लेने वाले ग्राहकों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि क्या उनकी गाड़ी की किस्त अब महंगी हो जाएगी। इसका सीधा जवाब यह है कि कार लोन महंगा हो सकता है, लेकिन यह हर ग्राहक के लिए और तुरंत लागू नहीं होगा। रेपो रेट बढ़ने से उन ग्राहकों के लिए उधारी की लागत बढ़ सकती है जिनका कार लोन फ्लोटिंग रेट या किसी एक्सटर्नल बेंचमार्क से जुड़ा हुआ है। हालांकि इसका वास्तविक असर इस बात पर निर्भर करेगा कि आपका लोन किस बैंक से है, उस पर कितना स्प्रेड है और लोन रिसेट करने की क्या टाइमिंग है। आइए आसान गणित से समझते हैं कि 10 लाख रुपए के 5 साल के कार लोन की मंथली EMI पर इस फैसले का कितना असर पड़ेगा।
आरबीआई के रेपो रेट बढ़ाने का सबसे ज्यादा असर उन ग्राहकों पर पड़ेगा जिन्होंने फ्लोटिंग रेट या रेपो रेट से लिंक्ड कार लोन ले रखा है। जब बैंक रेपो रेट में बदलाव के बाद अपना बेंचमार्क रेट बदलते हैं, तो उससे जुड़े कार लोन की ब्याज दरें भी बढ़ जाती हैं। बैंक की शर्तों के हिसाब से ब्याज दरें बढ़ने पर आपकी मंथली EMI बढ़ सकती है या फिर लोन चुकाने का टेन्यूर लंबा हो सकता है। हालांकि रेपो रेट में 0.25% की बढ़ोतरी का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि हर बैंक तुरंत कार लोन की दरें 0.25% ही बढ़ा देगा। इसके अलावा फिक्स्ड रेट पर कार लोन लेने वाले ग्राहकों पर इस नीतिगत फैसले का कोई असर नहीं पड़ेगा, क्योंकि उनका रेट तय अवधि तक फिक्स रहता है।
रेपो रेट में 0.25% की तेजी का EMI पर क्या असर पड़ेगा, इसे 10 लाख रुपए के 5 साल के लोन से आसानी से समझा जा सकता है। PNB में 750 या उससे ज्यादा सिबिल स्कोर वाले ग्राहकों के लिए नई कार का रेट 7.65% है, जिस पर 10 लाख के लोन की EMI 20,137 रुपए आती है। अगर 25 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी पूरी पास ऑन होती है तो नई दर 7.90% हो जाएगी और EMI बढ़कर 20,254 रुपए हो जाएगी, यानी हर महीने केवल 117 रुपए का इजाफा होगा।
बैंक ऑफ बड़ौदा में 7.60% की दर पर EMI 20,113 रुपए बनती है जो 7.85% होने पर 20,230 रुपए हो जाएगी, जिससे हर महीने 117 रुपए बढ़ेंगे। केनरा बैंक में 7.90% की दर पर EMI 20,256 रुपए आती है जो 8.15% होने पर 20,374 रुपए हो जाएगी, यानी 118 रुपए का अंतर आएगा। ICICI बैंक में 9.15% की दर पर EMI 20,891 रुपए बनती है जो 9.40% होने पर 21,017 रुपए हो जाएगी, जिससे हर महीने लगभग 126 रुपए ज्यादा देने होंगे। HDFC बैंक की कार लोन दरें फिलहाल 8.15% से शुरू होती हैं। यानी 10 लाख के लोन पर हर महीने 117 रुपए से 126 रुपए तक का ही इजाफा होगा।
आरबीआई के फैसले का मतलब यह नहीं है कि हर कार लोन की EMI तुरंत बढ़ जाएगी। असर इस बात पर निर्भर करेगा कि लोन फिक्स्ड है या फ्लोटिंग, किस बेंचमार्क से जुड़ा है, बैंक का स्प्रेड कितना है, रिसेट फ्रीक्वेंसी क्या है और लोन का प्रिंसिपल व टेन्यूर कितना बाकी है। अगर आप नई कार खरीदने का प्लान बना रहे हैं, तो केवल इंटरेस्ट रेट देखने के बजाय लोन टेन्यूर, प्रोसेसिंग फीस, प्री-पेमेंट कंडीशन और बेंचमार्क की अच्छे से जांच करें। वहीं जिन लोगों का पहले से लोन चल रहा है, वे अपना लोन एग्रीमेंट चेक करें कि उनका लोन फिक्स्ड है या फ्लोटिंग और उसकी ब्याज दर कब रिसेट होती है। बड़े लोन अमाउंट वाले ग्राहकों के लिए थोड़ा सा रेट बढ़ना भी कुल री-पेमेंट कॉस्ट को बढ़ा सकता है। इसके अलावा आरबीआई के कैलिब्रेटेड टाइटनिंग के रुख को देखते हुए आगे भी रेट्स में बदलाव की संभावना को ध्यान में रखकर ही फाइनेंशियल प्लानिंग करनी चाहिए।
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