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3 min read | अपडेटेड February 03, 2025, 08:31 IST
सारांश
Senior Citizen Savings Scheme: फिलहाल, वरिष्ठ नागरिकों की सालाना ब्याज से आमदनी ₹50,000 से ज्यादा होने पर 10% TDS कटता है। बजट 2025 में प्रस्ताव दिया गया है कि वरिष्ठ नागरिकों की ₹1 लाख से कम ब्याज से आमदनी पर TDS नहीं कटेगा।

यह वरिष्ठ नागरिकों के बैंकों, पोस्ट ऑफिस और कोऑपरेटिव सोसायटी के बैंकों में किए गए डिपॉजिट पर लागू होंगे।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार, 1 फरवरी को पेश किए बजट में कई ऐसे बदलावों का ऐलान किया है जिसका फायदा आम आदमी की जेबों को मिलने वाला है। इनमें से एक है TDS (Tax Deducted at Source) की सीमा को दोगुना करना। इस कदम के साथ ही पोस्ट-ऑफिस और बैंकों में वरिष्ठ नागरिक बचत योजना (Senior Citizen Savings Scheme, SCSS) और फिक्स्ड डिपॉजिट और भी ज्यादा फायदेमंद होते नजर आ रहे हैं।
TDS सीमा में बदलाव वरिष्ठ नागरिकों के डिपॉजिट पर वित्त वर्ष 2025-26 शुरू होने के साथ 1 अप्रैल, 2025 से लागू होंगे। टैक्स एक्सपर्ट्स का कहना है कि TDS सीमा बढ़ने से बैंक और पोस्ट-ऑफिस डिपॉजिट्स की ओर ज्यादा से ज्यादा लोग रुख कर सकते हैं।
चार्टर्ड अकाउंटेंट डॉ.सुरेश सुरना का कहना है कि इससे सीनियर सिटिजन्स के लिए FD ज्यादा आकर्षक होगी और उन्हें ब्याज से आमदनी पर TDS कटने पर टैक्स रिफंड क्लेम करने के लिए रिटर्न्स फाइल करने की जद्दोजहद से बचाएगी।
बजट के मुताबिक वरिष्ठ नागरिकों के डिपॉजिट्स से आने वाले ₹1 लाख से कम ब्याज पर TDS नहीं लगेगा। यह वरिष्ठ नागरिकों के बैंकों, पोस्ट ऑफिस और कोऑपरेटिव सोसायटी के बैंकों में किए गए डिपॉजिट पर लागू होंगे। वरिष्ठ नागरिकों के बीच बैंकों और पोस्ट ऑफिस की फिक्स्ड डिपॉजिट स्कीम काफी पसंद की जाती है।
फिलहाल, वरिष्ठ नागरिकों की सालाना ब्याज से आमदनी ₹50,000 से ज्यादा होने पर 10% TDS कटता है। बजट 2025 में प्रस्ताव दिया गया है कि वरिष्ठ नागरिकों की ₹1 लाख से कम ब्याज से आमदनी पर TDS नहीं कटेगा।
| पेयर | वर्तमान टीडीएस सीमा (वित्त वर्ष 2024-25) | प्रस्तावित टीडीएस सीमा (वित्त वर्ष 2025-26) |
|---|---|---|
| बैंक | ₹50,000 | ₹1,00,000 |
| डाकघर जमा | ₹50,000 | ₹1,00,000 |
| सहकारी बैंक | ₹50,000 | ₹1,00,000 |
| पेयर | वर्तमान टीडीएस सीमा (वित्त वर्ष 2024-25) | प्रस्तावित टीडीएस सीमा (वित्त वर्ष 2025-26) |
|---|---|---|
| बैंक | ₹40,000 | ₹50,000 |
| डाकघर जमा | ₹40,000 | ₹50,000 |
| सहकारी बैंक | ₹40,000 | ₹50,000 |
अगर सालाना आमदनी टैक्सेबल लिमिट के नीचे है तो TDS के लिए आयकर रिटर्न फाइल किया जा सकता है।
बजट 2025 के पहले डिविडेंड इनकम ₹5,000 से ज्यादा होने पर TDS कटता था जिसे अब दोगुना करके ₹10,000 कर दिया गया है। इससे ऐसे रीटेल निवेशकों को फायदा होगा जो स्टॉक्स और म्यूचुअल फंड्स से डिविडेंड इनकम पाते हैं।
वहीं, म्यूचुअल फंड यूनिट्स से आने वाली इनकम पर छूट की सीमा को भी ₹5,000 से बढ़ाकर ₹10,000 कर दिया गया है। इससे छोटे निवेशकों का ज्यादा फायदा होगा। स्टॉक्स और म्यूचुअल फंड्स में निवेश करने वाले खुदरा निवेशकों को TDS की बढ़ी हुई सीमा के चलते कम टैक्स कटने का फायदा मिल सकता है।
ताजा बजट में सबसे बड़ा ऐलान आयकर में छूट पर किया गया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ₹12 लाख से कम आमदनी पर इनकम टैक्स खत्म कर दिया है। इससे ऊपर की सैलरी के लिए नई कर व्यवस्था में नए स्लैब्स बनाए गए हैं।
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