पर्सनल फाइनेंस

5 min read | अपडेटेड February 02, 2025, 07:49 IST
सारांश
नई कर व्यवस्था (New Tax Regime) के तहत अब ₹12 लाख तक की आमदनी पर आयकर (Income Tax) नहीं देना होगा। यह फैसला सामान्य आमदनी पर लागू होगा। यानी ऐसी आमदनी जो सैलरी, पेंशन या बैंक डिपॉजिट से आती हो।

₹12 लाख से नीचे नहीं पड़ेगा कोई टैक्स।
बजट 2025-26 को लेकर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) से सबसे बड़ी उम्मीद आम जनता को टैक्स में रियायत को लेकर थी। शनिवार 1 फरवरी को सीतारमण ने लोगों के मन की बात को समझते हुए एक बड़ खुशखबरी दी। वित्त मंंत्री ने टैक्स स्लैब्स में बदलाव का ऐलान किया और घोषणा की कि नई कर व्यवस्था (New Tax Regime) के तहत अब ₹12 लाख तक की आमदनी पर आयकर (Income Tax) नहीं देना होगा।
यह फैसला सामान्य आमदनी पर लागू होगा। यानी ऐसी आमदनी जो सैलरी, पेंशन या बैंक डिपॉजिट से आती हो। कैपिटल गेन्स जैसी खास ब्याज ब्याज से आने वाली इनकम को सामान्य आमदनी नहीं माना जाता है।
वहीं, वेतनप्राप्त करदाताओं (Salaried Taxpayers) को तो नई कर व्यवस्था के तहत ₹75,000 का स्टैंडर्ड डिडक्शन भी मिलता है। इसलिए जो वेतनप्राप्त करदाता ₹12.75 लाख तक की आमदनी पाते हैं, उन पर भी कोई इनकम टैक्स नहीं लगेगा।
सीतारमण के फैसले के बाद मध्यमवर्गीय व्यक्तिगत करदाताओं ने राहत की सांस ली है। उन्हें ₹12 लाख तक टैक्स नहीं देना होगा जिससे उनके पास अपनी जरूरतें पूरी करने को अमाउंट बचा रहेगा। इसके अलावा वे बचत और निवेश में भी इस राशि का इस्तेमाल कर सकेंगे।
एक आकलन के मुताबिक ₹50 लाख सालाना तक कमाने वाले लोग अब नई टैक्स स्लैब्स के तहत ₹1.1 लाख तक की बचत कर सकेंगे।
₹15 लाख आमदनी पर नई कर व्यवस्था में स्लैब्स बदलने के बाद ₹1,05,000 टैक्स लगेगा, जिसमें स्वास्थ्य और शिक्षा सेस शामिल नहीं है।
| आय श्रेणी (₹ में) | कर दर | टैक्स देय |
|---|---|---|
| 0 - 4 लाख | निल | 0 |
| 4 - 8 लाख | 5% | 20,000 |
| 8 - 12 लाख | 10% | 40,000 |
| 12 - 15 लाख | 15% | 45,000 |
| कुल टैक्स | 1,05,000 |
₹20 लाख आमदनी पर नई कर व्यवस्था में स्लैब्स बदलने के बाद ₹2 लाख टैक्स लगेगा, जिसमें स्वास्थ्य और शिक्षा सेस शामिल नहीं है।
| आय श्रेणी (₹ में) | कर दर | टैक्स देय |
|---|---|---|
| 0 - 4 लाख | निल | 0 |
| 4 - 8 लाख | 5% | 20,000 |
| 8 - 12 लाख | 10% | 40,000 |
| 12 - 15 लाख | 15% | 45,000 |
| 15 - 20 लाख | 20% | 1,00,000 |
| **कुल टैक्स ** | 2,05,000 |
₹25 लाख आमदनी पर नई कर व्यवस्था में स्लैब्स बदलने के बाद ₹3.3 लाख टैक्स लगेगा, जिसमें स्वास्थ्य और शिक्षा सेस शामिल नहीं है।
| आय श्रेणी (₹ में) | कर दर | टैक्स देय |
|---|---|---|
| 0 - 4 लाख | निल | 0 |
| 4 - 8 लाख | 5% | 20,000 |
| 8 - 12 लाख | 10% | 40,000 |
| 12 - 15 लाख | 15% | 45,000 |
| 15 - 20 लाख | 20% | 1,00,000 |
| 20 - 25 लाख | 25% | 1,25,000 |
| कुल टैक्स | 3,30,000 |
₹35 लाख आमदनी पर नई कर व्यवस्था में स्लैब्स बदलने के बाद ₹6.6 लाख टैक्स लगेगा, जिसमें स्वास्थ्य और शिक्षा सेस शामिल नहीं है।
| आय श्रेणी (₹ में) | कर दर | टैक्स देय |
|---|---|---|
| 0 - 4 लाख | निल | 0 |
| 4 - 8 लाख | 5% | 20,000 |
| 8 - 12 लाख | 10% | 40,000 |
| 12 - 15 लाख | 15% | 45,000 |
| 15 - 20 लाख | 20% | 1,00,000 |
| 20 - 25 लाख | 25% | 1,25,000 |
| 25 - 30 लाख | 30% | 1,50,000 |
| 30 - 35 लाख | 30% | 1,50,000 |
| कुल टैक्स | 6,30,000 |
₹45 लाख आमदनी पर नई कर व्यवस्था में स्लैब्स बदलने के बाद ₹9.3 लाख टैक्स लगेगा, जिसमें स्वास्थ्य और शिक्षा सेस शामिल नहीं है।
| आय श्रेणी (₹ में) | कर दर | कर देय |
|---|---|---|
| ₹0 - ₹4 लाख | 0% | ₹0 |
| ₹4 - ₹8 लाख | 5% | ₹20,000 |
| ₹8 - ₹12 लाख | 10% | ₹40,000 |
| ₹12 - ₹16 लाख | 15% | ₹60,000 |
| ₹16 - ₹20 लाख | 20% | ₹80,000 |
| ₹20 - ₹24 लाख | 25% | ₹1,00,000 |
| ₹24 - ₹45 लाख | 30% | ₹6,30,000 |
| कुल टैक्स | ₹9,30,000 |
संबंधित समाचार
लेखकों के बारे में

अगला लेख
What Are State Development Loans (SDLs): Meaning, Features, Benefits & How to Invest
What is a Recurring Deposit (RD)? Features, Benefits, Taxation, and How It Works
What Is NIIF? How India's National Investment and Infrastructure Fund Works
Explore Learning Centre
All topics · stocks, MFs, derivatives, IPOs