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  1. SBI कर्मचारी जा सकते हैं दो दिन की हड़ताल पर, अगर ऐसा हुआ तो बैंक का काम लगातार पांच दिन रहेगा ठप्प, समझें क्यों?

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SBI कर्मचारी जा सकते हैं दो दिन की हड़ताल पर, अगर ऐसा हुआ तो बैंक का काम लगातार पांच दिन रहेगा ठप्प, समझें क्यों?

Upstox

2 min read | अपडेटेड May 22, 2026, 08:24 IST

सारांश

कर्मचारियों ने यह भी मांग की कि बैंक स्थायी नौकरियों की आउटसोर्सिंग बंद करे, क्योंकि इससे आंकड़ों की चोरी, दुरुपयोग और धोखाधड़ी का सीधा खतरा पैदा होता है। इससे ग्राहकों का विश्वास खतरे में पड़ता है और बैंक को गंभीर प्रतिष्ठा और कानूनी परिणामों का सामना करना पड़ सकता है।

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया

एसबीआई कर्मचारियों की क्या हैं मांगें? (Photo: Shutterstock)

भारतीय स्टेट बैंक (State Bank of India, SBI) के कर्मचारियों ने पर्याप्त कर्मियों की नियुक्ति समेत कई मांगों को लेकर 25 मई से दो दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल की चेतावनी दी है। एसबीआई के कर्मचारी यह हड़ताल अखिल भारतीय स्टेट बैंक कर्मचारी महासंघ (एआईएसबीआईएसएफ) के तहत करेंगे। अगर यह हड़ताल होती है, तो इसका असर देश के करोड़ों एसबीआई यूजर्स पर देखने को मिल सकता है। दरअसल 23 मई यानी कि शनिवार महीने का चौथा शनिवार है, ऐसे में इस बार शनिवार को बैंकों में छुट्टी होगी, वहीं रविवार बैंकों की छुट्टी रहती ही है। इसके बाद 25 और 26 मई को अगर बैंक कर्मचारी हड़ताल पर जाते हैं, तो लगातार चार दिन बैंक बंद रहेंगे, वहीं देश के कुछ हिस्सों में लगातार पांच दिन भी बैंक बंद हो सकते हैं।

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दरअसल 27 मई को ईद-उल-जुहा के चलते अगरतला, अहमदाबाद, आइजोल, भोपाल, चंडीगढ़, देहरादून, गुवाहाटी, हैदराबाद, इंफाल, जम्मू, कानपुर, कोच्चि, कोहिमा, कोलकाता, लखनऊ, दिल्ली, रायपुर, रांची, शिलॉन्ग, शिमला, श्रीनगर, तिरुवनंतपुरम और विजवाड़ा रीजन के बैंकों की छुट्टी होगी। वहीं कुछ जगहों पर ईद-उल-जुहा की छुट्टी 28 मई को होगी।

क्या हैं मांगें?

कर्मचारी महासंघ ने एक बयान में कहा कि मांगों में संदेशवाहकों, सशस्त्र गार्डों की नियुक्ति और एनपीएस कर्मचारियों के लिए पेंशन फंड प्रबंधक बदलने के विकल्प की मांग भी शामिल है। कर्मचारियों ने यह भी मांग की कि बैंक स्थायी नौकरियों की आउटसोर्सिंग बंद करे, क्योंकि इससे आंकड़ों की चोरी, दुरुपयोग और धोखाधड़ी का सीधा खतरा पैदा होता है। इससे ग्राहकों का विश्वास खतरे में पड़ता है और बैंक को गंभीर प्रतिष्ठा और कानूनी परिणामों का सामना करना पड़ सकता है। एक अन्य मांग बोर्ड में कर्मचारी निदेशक की नियुक्ति से संबंधित है। मुख्य श्रम आयुक्त कार्यालय 23 मई को कर्मचारी संगठन और प्रबंधन के साथ एक सुलह बैठक आयोजित करने वाला है ताकि हड़ताल से बचने के लिए आम सहमति पर पहुंचा जा सके।

किन सर्विसेज पर नहीं पड़ेगा इस हड़ताल का असर?

यूपीआई ट्रांजैक्शन, यूनो नेटबैंकिंग सर्विसेज पर इस हड़ताल का असर नहीं पड़ेगा, इसके अलावा यूजर्स एटीएम के जरिए भी ट्रांजैक्शन कर सकेंगे।

PTI इनपुट के साथ

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