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  1. ITR भरते वक्त हो गई गलती तो न घबराएं, कानून देता है सुधार का मौका, समझें प्रक्रिया

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ITR भरते वक्त हो गई गलती तो न घबराएं, कानून देता है सुधार का मौका, समझें प्रक्रिया

Shubham Singh Thakur

3 min read | अपडेटेड June 22, 2026, 17:57 IST

सारांश

Income Tax: जो भी व्यक्ति पहले ही ITR जमा कर चुका है, वह जरूरत पड़ने पर संशोधित रिटर्न दाखिल कर सकता है। यह सुविधा समय पर दाखिल किए गए रिटर्न के साथ-साथ बिलटेड रिटर्न दाखिल करने वालों के लिए भी उपलब्ध है।

ITR Filing

ITR Filing: वित्त वर्ष के लिए रिवाइज्ड रिटर्न 31 मार्च तक दाखिल किया जा सकता है।

Income Tax: इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरते समय कई बार छोटी-छोटी गलतियां हो जाती हैं। किसी आय का जिक्र छूट सकता है, गलत टैक्स छूट का दावा हो सकता है या फिर गलत ITR फॉर्म चुन लिया जाता है। कई लोगों को तो अपनी गलती का पता तब चलता है, जब उनका रिटर्न प्रोसेस हो जाता है और रिफंड भी खाते में आ जाता है। ऐसे मामलों में भी राहत की बात यह है कि टैक्सपेयर्स के पास गलती सुधारने का मौका होता है। वर्तमान नियमों के अनुसार वित्त वर्ष के लिए रिवाइज्ड रिटर्न 31 मार्च तक दाखिल किया जा सकता है।
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क्या है Revised Return की सुविधा?

आयकर कानून के तहत करदाता रिवाइज्ड रिटर्न दाखिल कर सकते हैं। इसका उद्देश्य मूल रिटर्न में हुई किसी भी त्रुटि या छूटी हुई जानकारी को ठीक करना है। अगर आपने किसी आय को शामिल नहीं किया है, ज्यादा या कम कटौती का दावा कर लिया है, गलत आंकड़े भर दिए हैं या गलत ITR फॉर्म चुन लिया है, तो रिवाइज्ड रिटर्न के जरिए इन गलतियों को सुधारा जा सकता है।

कौन कर सकता है अपडेटेड रिटर्न दाखिल?

जो भी व्यक्ति पहले ही ITR जमा कर चुका है, वह जरूरत पड़ने पर संशोधित रिटर्न दाखिल कर सकता है। यह सुविधा समय पर दाखिल किए गए रिटर्न के साथ-साथ बिलटेड रिटर्न दाखिल करने वालों के लिए भी उपलब्ध है।

क्या इसके लिए कोई जुर्माना देना होगा?

सिर्फ गलती सुधारने के लिए Revised Return दाखिल करने पर अलग से कोई पेनाल्टी नहीं लगती। हालांकि, यदि मूल रिटर्न समय सीमा के बाद दाखिल किया गया था, तो उस पर लागू लेट फीस के नियम अलग से लागू रहेंगे। इसलिए समय पर रिटर्न दाखिल करना हमेशा बेहतर माना जाता है।

रिफंड मिलने के बाद भी बदल सकते हैं ITR

कई लोगों के मन में सवाल होता है कि रिफंड मिलने के बाद क्या ITR में बदलाव संभव है। इसका जवाब हां है। अगर आपका रिटर्न प्रोसेस हो चुका है और रिफंड भी मिल गया है, तब भी तय समय सीमा के भीतर Revised Return दाखिल किया जा सकता है। हालांकि, यदि संशोधन के बाद आपकी टैक्स देनदारी बढ़ती है, तो अतिरिक्त टैक्स चुकाना पड़ सकता है। वहीं, जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त रिफंड की राशि भी एडजस्ट की जा सकती है।

नियमों में संशोधित रिटर्न दाखिल करने की संख्या तय नहीं की गई है। यानी जरूरत पड़ने पर एक से अधिक बार भी बदलाव किए जा सकते हैं। फिर भी एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि सभी सुधारों को एक साथ शामिल करके कम से कम बार संशोधित रिटर्न दाखिल किया जाए।

कैसे दाखिल करें Revised Return?

रिवाइज्ड रिटर्न दाखिल करने के लिए सबसे पहले आयकर विभाग के ई-फाइलिंग पोर्टल पर लॉगिन करना होगा। इसके बाद इनकम टैक्स रिटर्न सेक्शन में जाकर संबंधित असेसमेंट ईयर चुनें और Revised Return का विकल्प चुनें। सही ITR फॉर्म भरने के बाद मूल रिटर्न का एक्नॉलेजमेंट नंबर दर्ज करें, जरूरी बदलाव करें और रिटर्न को वेरिफाई करके जमा कर दें।

रिवाइज्ड रिटर्न दाखिल होने के बाद वही आपका अंतिम और वैध ITR माना जाता है। यानी नया रिटर्न पुराने रिटर्न की जगह ले लेता है। इसलिए Revised Return जमा करने से पहले सभी जानकारियों की अच्छी तरह जांच कर लेना जरूरी है।

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