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  1. पेंशन से जुड़ी दिक्कतों के लिए कैसे AI करेगा आपकी मदद, क्या है ‘PFRDA Pension Sahayak’ प्लैटफॉर्म?

पर्सनल फाइनेंस

पेंशन से जुड़ी दिक्कतों के लिए कैसे AI करेगा आपकी मदद, क्या है ‘PFRDA Pension Sahayak’ प्लैटफॉर्म?

Namita Shukla

2 min read | अपडेटेड June 22, 2026, 15:21 IST

सारांश

PFRDA ने एक बयान में कहा कि 'PFRDA पेंशन सहायक' प्लेटफॉर्म कई पेंशन सेवा टचपॉइंट्स को एक ही डिजिटल इकोसिस्टम में जोड़ता है और इस सेक्टर में सिटिजन सेंट्रिक गवर्नेंस और डिजिटल बदलाव की दिशा में एक अहम कदम है।

पेंशन

पीएफआरडीए ने पेंशन शिकायत निवारण में बदलाव के लिए एआई-पॉवर्ड प्लैटफॉर्म किया लॉन्च (Photo: Shutterstock)

पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) ने अपने सब्सक्राइबर्स के लिए AI-बेस्ड शिकायत निवारण प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है, जिससे पेंशन सर्विसेज पहले से ज्यादा समावेशी (Inclusive) और आसानी से उपलब्ध हो गई हैं। PFRDA ने एक बयान में कहा कि 'PFRDA पेंशन सहायक' प्लेटफॉर्म कई पेंशन सेवा टचपॉइंट्स को एक ही डिजिटल इकोसिस्टम में जोड़ता है और इस सेक्टर में सिटिजन सेंट्रिक गवर्नेंस और डिजिटल बदलाव की दिशा में एक अहम कदम है। इसमें कहा गया है कि यह प्लेटफॉर्म ‘भाषिनी (Bhashini)’ के साथ इंटीग्रेशन के जरिए 22 भारतीय भाषाओं को सपोर्ट करता है और आवाज के जरिए शिकायत दर्ज करने की सुविधा देता है। इससे पेंशन सर्विसेज ज्यादा समावेशी और आसानी से उपलब्ध हो गई हैं, खासकर सीनियर सिटिजन, ग्रामीण सब्सक्राइबर्स और उन यूजर्स के लिए जो क्षेत्रीय भाषाओं में बातचीत करना ज्यादा पसंद करते हैं।

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PFRDA के आधिकारिक X हैंडल इसको लेकर एक पॉडकास्ट का लिंक शेयर किया गया है। पोस्ट में लिखा गया, ‘एक अरब से ज्यादा लोगों के लिए सच में सबको साथ लेकर चलने वाला पेंशन सिस्टम बनाने के लिए क्या करना होगा? इस जानकारीपूर्ण पॉडकास्ट में, PFRDA के चेयरमैन एस. रमन भारत की सबसे अहम लंबे पीरियड की चुनौतियों में से एक पर चर्चा करते हैं, बढ़ती उम्र और कम औपचारिक पेंशन कवरेज के बीच रिटायरमेंट के बाद की सुरक्षा पक्की करना। OPS से NPS और हाल ही में शुरू हुई UPS तक के सफर के जरिए, वे बताते हैं कि कैसे भारत का पेंशन ढांचा बदलती वर्कफोर्स की जरूरतों के हिसाब से खुद को ढाल रहा है।’

पोस्ट में आगे लिखा गया, ‘बातचीत में इस बात पर भी रोशनी डाली गई है कि ₹16 लाख करोड़ से ज्यादा की पेंशन संपत्ति का निवेश कैसे किया जाता है, रिटायरमेंट की बचत क्यों लंबे पीरियड में संपत्ति बनाने पर केंद्रित होनी चाहिए, और कैसे सोच-समझकर बनाई गई लिक्विडिटी (नकदी की उपलब्धता) लचीलेपन और वित्तीय अनुशासन के बीच संतुलन बना सकती है। पॉडकास्ट में डिजिटल इनोवेशन, अटल पेंशन योजना, जमीनी स्तर पर पहुंच और NPS स्वास्थ्य जैसी नई पहलों के जरिए असंगठित क्षेत्र के कामगारों और पहली बार बचत करने वालों के बीच पेंशन कवरेज बढ़ाने की कोशिशों पर भी बात की गई है। आगे देखते हुए, चर्चा में ‘सभी के लिए पेंशन’ के विजन को आगे बढ़ाने में टेक्नोलॉजी, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और AI-आधारित सलाहकारी सेवाओं की भूमिका पर जोर दिया गया है।’

लेखकों के बारे में

Namita Shukla
Namita Shukla is a seasoned journalist with over 15 years of experience in Hindi media. She has worked with some of the most reputed news organizations, including Navbharat Times, Dainik Jagran, Aaj Tak, and Hindustan Times Hindi. Throughout her career, Namita has reported on a wide range of beats such as national affairs, sports, business, and entertainment, bringing clarity and depth to her reporting. In addition to her journalistic work, she is a certified fact-checker by both Google and Meta, underscoring her commitment to accuracy and ethical journalism in the digital age.

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