return to news
  1. क्या बिना फ्लैट और जमीन खरीदे भी रियल एस्टेट में निवेश संभव है? यहां समझें REITs की पूरी डीटेल

पर्सनल फाइनेंस

क्या बिना फ्लैट और जमीन खरीदे भी रियल एस्टेट में निवेश संभव है? यहां समझें REITs की पूरी डीटेल

Upstox

3 min read | अपडेटेड May 08, 2026, 13:09 IST

सारांश

भारत में REITs का चलन तेजी से बढ़ रहा है। फिजिकल प्रॉपर्टी खरीदने और उसे मैनेज करने के झंझट से बचने के लिए REITs एक बेहतरीन विकल्प के तौर पर सामने आ रहा है। इसमें डाइवर्सिफिकेशन का फायदा मिलता है और निवेशकों को रेगुलर डिविडेंड भी दिया जाता है।

reits-vs-physical-real-estate

रियल एस्टेट में निवेश के लिए अब REITs बन रहा है निवेशकों की पहली पसंद। Image: Shutterstock

भारत में जमीन या मकान खरीदना हमेशा से निवेश का सबसे पसंदीदा तरीका रहा है, लेकिन अब वक्त बदल रहा है। आज के दौर के निवेशकों के लिए फिजिकल प्रॉपर्टी के मुकाबले REITs ज्यादा बेहतर अनुभव और फायदा दे रहे हैं। इसकी वजह इसमें मिलने वाली लिक्विडिटी, डाइवर्सिफिकेशन और प्रोफेशनल मैनेजमेंट है। इसलिए चलिए दोनों के बीच के अंतर और नफा-नुकसान को समझने की कोशिश करते हैं।

Open FREE Demat Account within minutes!
Join now

REITs और फिजिकल प्रॉपर्टी के बीच का बड़ा फर्क

REITs का सबसे बड़ा फायदा इसकी लिक्विडिटी है। आप जब चाहें इसके यूनिट्स को तुरंत खरीद या बेच सकते हैं, जबकि किसी असली प्रॉपर्टी को खरीदने या बेचने में महीनों का समय लग जाता है। इसके अलावा, इसमें डाइवर्सिफिकेशन का बहुत बड़ा फायदा मिलता है। REITs का पोर्टफोलियो अलग-अलग शहरों और मार्केट में फैला होता है। इसका मतलब यह है कि अगर कुछ प्रॉपर्टी खाली भी पड़ी रहें, तो भी रेंटल इनकम स्थिर बनी रहती है। इसमें आप सिर्फ एक यूनिट से भी निवेश की शुरुआत कर सकते हैं, जो छोटे निवेशकों के लिए बहुत बड़ी राहत है।

फिजिकल प्रॉपर्टी को मैनेज करना एक बड़ी चुनौती होती है, लेकिन REITs में यह काम ग्लोबल एसेट मैनेजर्स करते हैं। इसके लिए वे करीब 3 पर्सेंट मैनेजमेंट फीस और 1 पर्सेंट एडिशनल ऑपरेशन फीस लेते हैं। इसके बदले निवेशकों को प्रॉपर्टी खुद मैनेज करने के झंझट से मुक्ति मिल जाती है। साथ ही, बड़े पैमाने पर काम करने की वजह से REITs के पास किरायेदारों, वेंडर्स और ब्रोकर्स के साथ मोलभाव करने की ताकत भी ज्यादा होती है। ये सभी चीजें मिलकर REITs को फिजिकल रियल एस्टेट के मुकाबले बहुत ज्यादा असरदार और आसान बनाती हैं।

भारत में REITs मार्केट की शानदार ग्रोथ

भारत में REITs की शुरुआत 2019 में हुई थी और पिछले 5 सालों में इसने कमाल की तरक्की की है। कोविड जैसी चुनौतियों के बावजूद यह सेक्टर मजबूती से आगे बढ़ा है। आंकड़ों की बात करें तो पिछले 5 साल में करीब 30,000 करोड़ रुपये का डिविडेंड बांटा गया है। आज भारत में REITs करीब 1,175 मिलियन स्क्वायर फीट रियल एस्टेट को मैनेज कर रहे हैं। इस मार्केट का मार्केट कैप लगभग 1.65 लाख करोड़ रुपये हो गया है और एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) 2.5 लाख करोड़ रुपये के करीब है। साल 2019 में जहां सिर्फ 6,000 यूनिट होल्डर्स थे, वहीं आज इनकी संख्या बढ़कर 4 लाख के पार पहुंच गई है।

दुनिया भर में लिस्टेड रियल एस्टेट में REITs की हिस्सेदारी 57 पर्सेंट है, जबकि भारत में यह अभी सिर्फ 20 पर्सेंट के करीब है। अमेरिका में करीब 225 और जापान में 58 REITs लिस्टेड हैं, जबकि भारत में अभी सिर्फ 5 REITs हैं। कुछ रियल एस्टेट एक्सपर्ट यह उम्मीद कर रहे हैं कि अगले 5 सालों में भारत में लिस्टेड REITs की संख्या दहाई के आंकड़े को पार कर जाएगी।

लेखकों के बारे में

Upstox
Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

अगला लेख