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RBI Ombudsman Scheme 2026: अब मिलेगा ज्यादा मुआवजा, बिना फीस के कर सकेंगे शिकायत

Upstox

3 min read | अपडेटेड July 10, 2026, 18:59 IST

सारांश

नई स्कीम के तहत अगर किसी बैंक या वित्तीय संस्था की गलती से ग्राहक को आर्थिक नुकसान होता है, तो ओम्बड्समैन अब 30 लाख रुपये तक का मुआवजा देने का आदेश दे सकता है। पहले यह सीमा 20 लाख रुपये थी।

RBI Ombudsman Scheme

RBI Ombudsman Scheme: नई स्कीम में शिकायतों की निगरानी और रिपोर्टिंग को भी मजबूत किया गया है।

RBI Ombudsman Scheme 2026: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 1 जुलाई 2026 से नई इंटीग्रेटेड ओम्बड्समैन स्कीम 2026 लागू कर दी है। इसने 2021 वाली स्कीम की जगह ली है। नई व्यवस्था का मकसद बैंक, NBFC, पेमेंट कंपनियों और RBI के दूसरे रेगुलेटेड संस्थानों के ग्राहकों को शिकायतों का बेहतर और तेज समाधान देना है। अगर कोई बैंक या वित्तीय संस्था आपकी शिकायत का तय समय में जवाब नहीं देती या उसका जवाब संतोषजनक नहीं होता, तो आप RBI ओम्बड्समैन के पास मुफ्त में शिकायत कर सकते हैं।
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अब और ज्यादा संस्थाएं होंगी दायरे में

पहले यह व्यवस्था मुख्य रूप से बैंकों और NBFC तक सीमित थी। अब इसके दायरे में डिजिटल पेमेंट कंपनियां, प्रीपेड वॉलेट (PPI) जारी करने वाली कंपनियां, क्रेडिट ब्यूरो और RBI के दूसरे रेगुलेटेड संस्थान भी शामिल कर दिए गए हैं। यानी अगर डिजिटल पेमेंट, वॉलेट या क्रेडिट रिपोर्ट से जुड़ी आपकी शिकायत का समाधान नहीं होता है, तो आप भी ओम्बड्समैन के पास जा सकते हैं।

अब ज्यादा मिलेगा मुआवजा

नई स्कीम के तहत अगर किसी बैंक या वित्तीय संस्था की गलती से ग्राहक को आर्थिक नुकसान होता है, तो ओम्बड्समैन अब 30 लाख रुपये तक का मुआवजा देने का आदेश दे सकता है। पहले यह सीमा 20 लाख रुपये थी। इसके अलावा, मानसिक परेशानी और उत्पीड़न के मामलों में भी नियमों के अनुसार मुआवजा दिया जा सकता है।

बैंकों और NBFC की बढ़ेगी जिम्मेदारी

नई स्कीम में RBI ने बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थानों से कहा है कि वे ग्राहकों की शिकायतों का समाधान पहले अपने स्तर पर समय पर करें। इसके लिए उन्हें मजबूत शिकायत निवारण प्रणाली बनानी होगी और तय समय सीमा का पालन करना होगा।

डिजिटल सेवाओं से जुड़ी शिकायतें भी होंगी शामिल

RBI ने शिकायत दर्ज कराने के आधार भी अपडेट किए हैं। अब सिर्फ पारंपरिक बैंकिंग सेवाएं ही नहीं, बल्कि डिजिटल बैंकिंग, ऑनलाइन पेमेंट और नई वित्तीय सेवाओं से जुड़ी शिकायतों का भी निपटारा इसी व्यवस्था के तहत किया जाएगा।

शिकायत का निपटारा होगा आसान

अब ग्राहकों को यह पता लगाने की जरूरत नहीं होगी कि उनकी शिकायत किस ओम्बड्समैन के पास जाएगी। सभी शिकायतें पहले Centralised Receipt and Processing Centre (CRPC) में जाएंगी, जहां से उन्हें संबंधित अधिकारी को भेज दिया जाएगा। इससे शिकायतों का निपटारा पहले से ज्यादा आसान और तेज होने की उम्मीद है।

शिकायत दर्ज करने के लिए कोई फीस नहीं

RBI ओम्बड्समैन के पास शिकायत दर्ज करना पूरी तरह मुफ्त है। ग्राहक RBI के Complaint Management System (CMS), ईमेल या अन्य तय माध्यमों से शिकायत कर सकते हैं। हालांकि, ओम्बड्समैन के पास जाने से पहले संबंधित बैंक या वित्तीय संस्था के पास शिकायत करना जरूरी है। अगर वहां से तय समय में जवाब नहीं मिलता या जवाब संतोषजनक नहीं होता, तभी ओम्बड्समैन से संपर्क किया जा सकता है।

पारदर्शिता पर रहेगा ज्यादा जोर

नई स्कीम में शिकायतों की निगरानी और रिपोर्टिंग को भी मजबूत किया गया है। इससे RBI को बार-बार आने वाली समस्याओं की पहचान करने और पूरे वित्तीय क्षेत्र में ग्राहक सेवाओं को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

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