return to news
  1. पीजी छोड़ते समय मकान मालिक नहीं लौटा रहा सिक्योरिटी डिपॉजिट? जानें अपने अधिकार और कानूनी नियम

पर्सनल फाइनेंस

पीजी छोड़ते समय मकान मालिक नहीं लौटा रहा सिक्योरिटी डिपॉजिट? जानें अपने अधिकार और कानूनी नियम

Upstox

3 min read | अपडेटेड September 13, 2026, 09:52 IST

सारांश

दिल्ली के सत्य निकेतन में हुए हादसे के बाद पीजी में रहने वाले लोगों की सुरक्षा और सिक्योरिटी डिपॉजिट को लेकर विवाद गहरा गया है। कई मकान मालिक कमरे खाली करने पर पैसे लौटाने से मना कर रहे हैं।

pg-security-deposit-refund-rules-money-rupees

पीजी खाली करने पर सिक्योरिटी डिपॉजिट और सुरक्षा नियमों को लेकर जानिए अपने अधिकार।

अगर आप भी किसी पीजी में रहते हैं या हाल ही में आपने पीजी छोड़ा है, तो अपने कानूनी अधिकारों के बारे में जानना बेहद जरूरी है। अमूमन पीजी में रहना सस्ता और सुविधाजनक होता है, लेकिन लिखित नियम न होने की वजह से बाद में मकान मालिक और किराएदार के बीच विवाद खड़ा हो जाता है।

Open FREE Demat Account within minutes!
Join now

सिक्योरिटी डिपॉजिट और पैसों की कटौती के नियम

पीजी खाली करने पर सिक्योरिटी डिपॉजिट केवल इसलिए नहीं रोका जा सकता कि किराएदार ने कमरा छोड़ दिया है। मकान मालिक सिर्फ बकाया किराया, बिजली और पानी का बिल या किराएदार की लापरवाही से हुए असली नुकसान की जायज रकम काटकर बाकी पैसे लौटाने के लिए बाध्य है। सामान्य इस्तेमाल से होने वाली मामूली टूट-फूट के नाम पर पैसे काटना नियम के खिलाफ माना जाता है। अगर मकान मालिक किसी नुकसान का पैसा काट रहा है, तो उसका सही कारण बताना होगा। अगर कोई पीजी मालिक सिक्योरिटी रिफंड करने से इनकार करता है, तो किराएदार पहले लिखित रूप से मांग कर सकता है। इसके बाद भी बात न बनने पर कानूनी नोटिस भेजने और पुलिस में शिकायत दर्ज कराने जैसे कदम उठाए जा सकते हैं।

पीजी एग्रीमेंट में इन बातों का होना है जरूरी

किसी भी पीजी में रहने से पहले मकान मालिक के साथ एक लिखित एग्रीमेंट करना बहुत फायदेमंद रहता है। इस एग्रीमेंट में सिक्योरिटी डिपॉजिट की कुल रकम, हर महीने दिए जाने वाले किराए, पेमेंट की तारीख और पीजी छोड़ने पर डिपॉजिट लौटाने के नियम स्पष्ट लिखे होने चाहिए। इसके साथ ही रहने की अवधि, एग्रीमेंट रिन्यू करने की शर्तें, घर के नियम, मेहमानों के आने-जाने की गाइडलाइंस और कमरे को खाली करने से पहले दिए जाने वाले नोटिस पीरियड का भी साफ उल्लेख होना चाहिए। लिखित एग्रीमेंट होने से फ्यूचर में किसी भी विवाद की स्थिति में दोनों पक्षों के लिए अपनी बात साबित करना काफी आसान हो जाता है।

पीजी में रहने वाले हर व्यक्ति को साफ, सुरक्षित और रहने लायक बेहतर माहौल पाने का पूरा अधिकार है। मकान मालिक को बिल्डिंग और कमरे में सभी जरूरी बुनियादी सुविधाएं देनी चाहिए। इसमें आग से सुरक्षा के जरूरी इंतजाम, कमरे में हवा और रोशनी की व्यवस्था, पीने का साफ पानी, बिजली और प्लंबिंग की सही स्थिति शामिल है। अगर किसी पीजी में रहने की स्थिति असुरक्षित लगती है या जरूरी सुविधाएं नहीं दी जा रही हैं, तो किराएदार इसकी शिकायत स्थानीय प्रशासन या नगर निकाय से कर सकता है।

दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले से क्या मिली राहत

सुरक्षा और डिपॉजिट को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट ने 22 मार्च 2024 के एक फैसले में महत्वपूर्ण बात कही थी। अदालत के अनुसार लीज खत्म होने या समय से पहले खत्म होने पर किराएदार के जगह खाली करने के साथ ही सिक्योरिटी डिपॉजिट वापस किया जाना चाहिए। हालांकि बकाया किराया या पानी-बिजली के बिल जैसी वाजिब रकम काटी जा सकती है। अगर मकान मालिक डिपॉजिट लौटाने में डिफॉल्ट करता है, तो किराएदार को असली रिफंड मिलने तक कानूनी राहत मिल सकती है। हालांकि यह फैसला हर मामले की परिस्थितियों, एग्रीमेंट और स्थानीय कानूनों पर भी निर्भर करता है।

लेखकों के बारे में

Upstox
Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

अगला लेख