पर्सनल फाइनेंस
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4 min read | अपडेटेड July 09, 2026, 13:42 IST
सारांश
इनकम टैक्स पोर्टल पर अब तक डेढ़ करोड़ से ज्यादा टैक्सपेयर्स ने असेसमेंट ईयर 2026 27 के लिए अपना रिटर्न फाइल कर दिया है। इसमें से 1.4 करोड़ से ज्यादा रिटर्न का वेरिफिकेशन भी हो चुका है। टैक्सपेयर्स को आखिरी समय की परेशानियों और लेट फीस से बचने के लिए जल्दी फाइलिंग करनी चाहिए।

1 करोड़ से ज्यादा टैक्सपेयर्स ने अभी तक आईटीआर फाइल कर दिया है।
इनकम टैक्स रिटर्न भरने वाले देश के करोड़ों टैक्सपेयर्स के लिए एक बड़ा अपडेट सामने आया है। असेसमेंट ईयर 2026 27 के लिए अब तक डेढ़ करोड़ से ज्यादा टैक्सपेयर्स ने अपना इनकम टैक्स रिटर्न यानी आईटीआर फाइल कर दिया है। इनकम टैक्स के ऑफिशियल ई फाइलिंग पोर्टल से मिले ताजा आंकड़ों के मुताबिक 7 जुलाई 2026 तक यह आंकड़ा पार हो चुका है। अगर आपने अभी तक अपना रिटर्न दाखिल नहीं किया है तो आपको जल्द से जल्द यह काम निपटा लेना चाहिए ताकि आखिरी समय की भागदौड़ और पेनाल्टी से बचा जा सके।
पोर्टल के डेटा के अनुसार फाइल किए गए 1.5 करोड़ रिटर्न में से टैक्सपेयर्स ने 1.4 करोड़ से अधिक आईटीआर का वेरिफिकेशन भी पूरा कर लिया है। हालांकि इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की तरफ से अभी तक इनमें से कितने वेरिफाइड रिटर्न को प्रोसेस किया गया है इसका कोई सटीक आंकड़ा सामने नहीं आया है। आपको बता दें कि ई फाइलिंग पोर्टल पर इस समय 13.9 करोड़ से ज्यादा रजिस्टर्ड यूजर मौजूद हैं। विभाग को उम्मीद है कि चालू असेसमेंट ईयर 2026 27 के लिए करीब 8 से 9 करोड़ यूजर्स अपना रिटर्न फाइल कर सकते हैं।
इस साल इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने टैक्सपेयर्स की सहूलियत के लिए डेडलाइन को दो अलग-अलग हिस्सों में बांट दिया है। इसी वजह से इस बार 31 जुलाई तक फाइल होने वाले कुल रिटर्न की संख्या पिछले साल के मुकाबले थोड़ी कम रहने की उम्मीद है। नए नियमों के मुताबिक आईटीआर 1 और आईटीआर 2 भरने वाले लोगों के लिए आखिरी तारीख 31 जुलाई तय की गई है। वहीं दूसरी तरफ आईटीआर 3 और आईटीआर 4 भरने वाले नॉन ऑडिट केस वाले टैक्सपेयर्स के लिए आखिरी तारीख को बढ़ाकर 31 अगस्त कर दिया गया है। इससे पहले सभी कैटेगरी के लोगों को 31 जुलाई तक ही रिटर्न दाखिल करना पड़ता था।
अगर आप आईटीआर 1 या आईटीआर 2 के दायरे में आते हैं तो आपको अंतिम तारीख का इंतजार किए बिना अपना काम पूरा कर लेना चाहिए। समय से पहले फाइलिंग करने से आप आखिरी दिनों में वेबसाइट पर होने वाले भारी ट्रैफिक और तकनीकी दिक्कतों से बच जाते हैं। इसके साथ ही जल्दी फाइल करने पर आपके रिटर्न की प्रोसेसिंग भी जल्दी होती है और अगर आपका कोई टैक्स रिफंड बनता है तो वह भी आपके बैंक खाते में जल्दी आ जाता है। समय रहते रिटर्न भरने का एक फायदा यह भी है कि फ्यूचर में किसी पेनाल्टी से बचा जा सकता है और गलती होने पर उसे सुधारने के लिए पूरा समय मिल जाता है।
अपना इनकम टैक्स रिटर्न ऑनलाइन भरने के लिए सबसे पहले आपको इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के ऑफिशियल ई फाइलिंग पोर्टल पर जाना होगा। वहां आपको अपने यूजर आईडी और पासवर्ड की मदद से लॉगिन करना होगा। इसके बाद आपको ई फाइल टैब के अंदर इनकम टैक्स रिटर्न के ऑप्शन पर क्लिक करके फाइल इनकम टैक्स रिटर्न को चुनना होगा। इसके बाद आपको सही असेसमेंट ईयर और फाइलिंग मोड का चुनाव करना होगा।
इसके बाद आपको अपनी कैटेगरी के हिसाब से सही आईटीआर फॉर्म जैसे आईटीआर 1 या आईटीआर 2 को सेलेक्ट करना होगा। इसके बाद स्क्रीन पर आपके पहले से भरे हुए डेटा जैसे सैलरी, डिडक्शन और टैक्स क्रेडिट की डिटेल्स दिखाई देंगी। आपको इन सभी जानकारियों को अपने फॉर्म 16 और एआईएस डॉक्यूमेंट के साथ अच्छी तरह से मैच कर लेना चाहिए। अगर सारी जानकारियां सही हैं तो आप इसे कंफर्म करके आगे बढ़ सकते हैं।
सभी डिटेल्स को कंफर्म करने के बाद आपको अपने टैक्स कैलकुलेशन की जांच करनी होगी। अगर कोई टैक्स बकाया है तो उसका भुगतान करना होगा और अगर रिफंड बनता है तो उसकी डिटेल्स देखनी होगी। इसके बाद आपको अपने रिटर्न को सबमिट करना होगा। रिटर्न सबमिट करने के बाद सबसे महत्वपूर्ण काम इसका वेरिफिकेशन करना है। आप आधार ओटीपी या नेट बैंकिंग की मदद से अपने आईटीआर का वेरिफिकेशन तुरंत कर सकते हैं। जब तक आप वेरिफिकेशन नहीं करेंगे तब तक आपका रिटर्न अधूरा माना जाएगा।
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