return to news
  1. New Tax Regime में भी मिलते हैं ये 5 बड़े टैक्स बेनेफिट्स, तुरंत नोट कर लीजिए डीटेल

पर्सनल फाइनेंस

New Tax Regime में भी मिलते हैं ये 5 बड़े टैक्स बेनेफिट्स, तुरंत नोट कर लीजिए डीटेल

Upstox

4 min read | अपडेटेड June 29, 2026, 14:42 IST

सारांश

इनकम टैक्स रिटर्न भरने का सीजन चल रहा है और वित्त वर्ष 2025-26 के लिए आईटीआर फाइल करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई 2026 है। टैक्सपेयर्स के पास ओल्ड और न्यू टैक्स रेजिम चुनने का ऑप्शन है। न्यू टैक्स रेजिम में कम टैक्स रेट के साथ 5 बड़े टैक्स बेनेफिट्स मिलते हैं।

itr-tax-free-limit-2026 details here

न्यू टैक्स रेजिम के तहत टैक्सपेयर्स को मिलने वाले 5 बड़े टैक्स बेनेफिट्स की पूरी जानकारी।

टैक्स रिटर्न फाइल करने के कई बड़े फायदे होते हैं। यह न सिर्फ आपकी जिम्मेदारी है, बल्कि होम लोन, वीजा, क्रेडिट कार्ड और दूसरे तरह के लोन के लिए अप्लाई करते समय आपकी आमदनी के पक्के सबूत के रूप में भी काम आता है। इस समय वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ITR भरने का सीजन चल रहा है और इसे फाइल करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई 2026 तय की गई है। भारतीय टैक्सपेयर्स के सामने सरकार ने दो विकल्प रखे हैं, जिसमें ओल्ड टैक्स रेजिम और न्यू टैक्स रेजिम शामिल हैं। जहां ओल्ड टैक्स रेजिम में सेक्शन 80C, 80D और HRA जैसी चीजों पर छूट मिलती है, वहीं न्यू टैक्स रेजिम में कम टैक्स रेट के साथ कई शानदार फायदे दिए जाते हैं। यह नई व्यवस्था बजट 2020 में घोषित की गई थी और इसे 1 अप्रैल 2020 से लागू किया गया था।

Open FREE Demat Account within minutes!
Join now

75,000 रुपये का बड़ा स्टैंडर्ड डिडक्शन

न्यू टैक्स रेजिम को चुनने वाले लोगों को सरकार की तरफ से एक बहुत बड़ी राहत मिलती है। इस व्यवस्था के तहत सभी टैक्सपेयर्स को 75,000 रुपये का सीधा स्टैंडर्ड डिडक्शन दिया जाता है। इस छूट का फायदा उठाने के लिए आपको किसी भी तरह के निवेश या खर्च का कोई कागज या सबूत देने की जरूरत नहीं होती है। उदाहरण के लिए, अगर रजत की सालाना सैलरी 14,00,000 रुपये है और वह न्यू टैक्स रेजिम के तहत अपना रिटर्न फाइल करता है, तो उसकी कुल टैक्सेबल इनकम में से 75,000 रुपये सीधे कम कर दिए जाएंगे। इस तरह उसकी टैक्स के दायरे में आने वाली कुल इनकम 13,25,000 रुपये रह जाएगी, जिस पर टैक्स का कैलकुलेशन किया जाएगा।

NPS कंट्रीब्यूशन पर मिलने वाली टैक्स छूट

अगर आप नौकरी करते हैं और आपका एंप्लॉयर आपके नेशनल पेंशन स्कीम यानी NPS के टियर-1 अकाउंट में पैसे जमा करता है, तो आप उस पर भी टैक्स डिडक्शन का दावा कर सकते हैं। सेक्शन 80CCD(2) के तहत मिलने वाला यह फायदा 75,000 रुपये के स्टैंडर्ड डिडक्शन के अलावा होता है। नियम के मुताबिक, आप अपनी बेसिक सैलरी और DA के 14 पर्सेंट तक के हिस्से पर इस छूट का फायदा ले सकते हैं। उदाहरण के तौर पर, अगर किसी कर्मचारी की बेसिक पे 8,00,000 रुपये है और उसका एंप्लॉयर NPS अकाउंट में 1,12,000 रुपये का योगदान देता है, तो वह इस पूरी रकम पर टैक्स छूट पा सकता है। हालांकि, यह फायदा तभी मिलेगा जब एंप्लॉयर का कुल योगदान EPF, NPS और सुपरएनुएशन फंड को मिलाकर साल में 7.5 लाख रुपये से ज्यादा न हो।

फैमिली पेंशन पर मिलने वाली राहत

न्यू टैक्स रेजिम में उन लोगों के लिए भी खास व्यवस्था की गई है जिन्हें फैमिली पेंशन मिलती है। ऐसे टैक्सपेयर्स भी इस नई व्यवस्था के तहत टैक्स में राहत पा सकते हैं। इसके कैलकुलेशन का नियम बहुत ही आसान है। आपको मिलने वाली कुल पेंशन राशि का एक-तिहाई हिस्सा या फिर 25,000 रुपये, इन दोनों में से जो भी रकम कम होगी, उतनी राशि को टैक्स से पूरी तरह बाहर कर दिया जाएगा। यह नियम उन परिवारों को बड़ी आर्थिक राहत देता है जो फैमिली पेंशन पर निर्भर हैं और न्यू टैक्स रेजिम के जरिए अपना रिटर्न दाखिल कर रहे हैं।

होम लोन के ब्याज पर असीमित बेनेफिट

घर खरीदने के लिए लोन लेने वाले लोगों को भी न्यू टैक्स रेजिम में एक बड़ा फायदा मिलता है। अगर आपने किसी प्रॉपर्टी पर मॉर्टगेज यानी होम लोन लिया हुआ है और आपने उस प्रॉपर्टी को किराए पर दे रखा है, तो आप उसके ब्याज के पेमेंट पर टैक्स डिडक्शन का क्लेम कर सकते हैं। न्यू टैक्स रेजिम की सबसे अच्छी बात यह है कि इस कैटेगरी के तहत मिलने वाले मैक्सिमम बेनेफिट्स यानी अधिकतम फायदों पर सरकार की तरफ से किसी भी तरह की कोई सीमा या कैपिंग नहीं लगाई गई है। यानी किराए पर दी गई प्रॉपर्टी के होम लोन के ब्याज पर आप पूरा फायदा उठा सकते हैं।

अग्निवीर कॉर्पस फंड में योगदान पर पूरी छूट

देश की सेवा करने वाले अग्निवीरों के लिए भी इस नई टैक्स व्यवस्था में एक खास प्रावधान जोड़ा गया है। इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80CCH के तहत अग्निवीरों को एक बड़ा टैक्स बेनेफिट दिया जाता है। इसके तहत कोई भी अग्निवीर अपने अग्निवीर कॉर्पस फंड में जो भी योगदान या कंट्रीब्यूशन करता है, उस पूरी रकम पर वह फुल डिडक्शन का दावा कर सकता है। इस फंड में जमा की जाने वाली राशि पर उन्हें किसी भी तरह का टैक्स नहीं देना पड़ता है। इन सभी शानदार फायदों के कारण न्यू टैक्स रेजिम टैक्सपेयर्स के बीच काफी पसंद की जा रही है।

लेखकों के बारे में

Upstox
Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

अगला लेख