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  1. FASTag का नया नियम: टोल प्लाजा के 20 KM के दायरे में रहने वालों को मिलेगा सालाना पास, जानें कितनी लगेगी फीस

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FASTag का नया नियम: टोल प्लाजा के 20 KM के दायरे में रहने वालों को मिलेगा सालाना पास, जानें कितनी लगेगी फीस

Upstox

3 min read | अपडेटेड October 28, 2026, 09:07 IST

सारांश

यह सुविधा उन निजी वाहन मालिकों के लिए है, जो किसी नेशनल हाईवे के टोल प्लाजा से 20 किलोमीटर के दायरे में रहते हैं। हालांकि, केवल इस दायरे में घर होने से पास मिलने की गारंटी नहीं है। वाहन मालिक को तय पात्रता शर्तों को भी पूरा करना होगा।

Toll plaza

नए नियमों के तहत सालाना लोकल टोल पास की दो कीमतें तय की गई हैं।

1 नवंबर 2026 से नेशनल हाईवे के टोल प्लाजा के पास रहने वाले निजी वाहन मालिकों के लिए टोल चुकाने का तरीका बदलने जा रहा है। सरकार एक रियायती सालाना लोकल टोल पास की सुविधा शुरू करने जा रही है। इसके तहत पात्र वाहन मालिक हर बार टोल चुकाने के बजाय एक तय सालाना फीस देकर संबंधित टोल प्लाजा से गुजर सकेंगे। हालांकि, इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए कुछ शर्तें पूरी करना जरूरी होगा।

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नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) के मुताबिक, यह प्रावधान नेशनल हाईवे फीस (रेट तय करने और वसूली) के पांचवें संशोधन नियम, 2026 के तहत लागू किया जा रहा है। इस पास की कीमत टोल प्लाजा की लोकेशन के हिसाब से तय होगी। ऐसे में अगर आपका घर किसी टोल प्लाजा के आसपास है, तो आपके लिए नए नियमों को समझना जरूरी है।

किन लोगों को मिलेगा लोकल टोल पास?

यह सुविधा उन निजी वाहन मालिकों के लिए है, जो किसी नेशनल हाईवे के टोल प्लाजा से 20 किलोमीटर के दायरे में रहते हैं। हालांकि, केवल इस दायरे में घर होने से पास मिलने की गारंटी नहीं है। वाहन मालिक को तय पात्रता शर्तों को भी पूरा करना होगा।

इसके अलावा, वाहन में वैध और चालू FASTag होना चाहिए। यह FASTag गैर-कमर्शियल यानी निजी इस्तेमाल के लिए रजिस्टर्ड होना चाहिए। इसका मतलब है कि कार जैसे निजी वाहनों के मालिक इस सुविधा के लिए पात्र हो सकते हैं, लेकिन कमर्शियल वाहनों को इसका लाभ नहीं मिलेगा।

पास जारी करने से पहले यह भी देखा जाएगा कि संबंधित इलाके में सर्विस रोड या कोई वैकल्पिक सड़क उपलब्ध है या नहीं। साथ ही, टोल वसूली का सिस्टम किस तरह का है, यह भी पात्रता तय करने में अहम भूमिका निभाएगा।

₹1,500 और ₹3,000 में क्या है अंतर?

नए नियमों के तहत सालाना लोकल टोल पास की दो कीमतें तय की गई हैं। पहली कैटेगरी में उन टोल प्लाजा को रखा गया है, जो नगर निगम या स्थानीय कस्बे की सीमा के बाहर स्थित हैं। ऐसे टोल प्लाजा के लिए सालाना पास की फीस ₹1,500 होगी।

वहीं, अगर टोल प्लाजा नगर निगम या स्थानीय कस्बे की सीमा के भीतर है, तो सालाना पास के लिए ₹3,000 देने होंगे। यानी पास की कीमत इस बात पर निर्भर करेगी कि टोल प्लाजा किस इलाके में स्थित है।

ध्यान देने वाली बात यह है कि यह पास केवल उसी टोल प्लाजा के लिए मान्य होगा, जिसके लिए इसे जारी किया गया है। किसी एक टोल प्लाजा का पास लेकर दूसरे टोल प्लाजा पर टोल से छूट नहीं मिलेगी।

किन जगहों पर नहीं मिलेगा इस सुविधा का लाभ?

कुछ परिस्थितियों में वाहन मालिक इस रियायती पास का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे। जिन नेशनल हाईवे या एक्सप्रेसवे पर क्लोज्ड यूजर फीस कलेक्शन सिस्टम के तहत टोल वसूला जाता है, वहां यह सुविधा उपलब्ध नहीं होगी। इसी तरह, अगर टोल प्लाजा के पास सर्विस रोड या इस्तेमाल के लिए वैकल्पिक सड़क मौजूद है, तो भी यह पास जारी नहीं किया जाएगा।

1 नवंबर से क्या करना होगा?

नए नियम 1 नवंबर 2026 से प्रभावी होंगे। पात्र वाहन मालिकों को पास लेने से पहले अपने नजदीकी टोल प्लाजा की शर्तों की जांच करनी चाहिए। इससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि वे ₹1,500 या ₹3,000 वाले सालाना पास के लिए योग्य हैं या नहीं।

लेखकों के बारे में

Upstox
Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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